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ठंड के मौसम में बनाएं सीताफल की मलाईदार मिठाई, मेहमान भी तारीफ करने से नहीं रुकेंगेखानपान
27 सित॰ 2026, 9:14 pm (5 मिनट पहले)· 0

ठंड के मौसम में बनाएं सीताफल की मलाईदार मिठाई, मेहमान भी तारीफ करने से नहीं रुकेंगे

सर्दी के दिनों में मिलने वाले सीताफल से आप घर पर ही बेहद आसानी से स्वादिष्ट और क्रीमी मिठाई तैयार कर सकते हैं। इसके लिए कुछ खास सामग्रियों की आवश्यकता होती है और बनाने का तरीका भी बहुत आसान है।

सीताफल यानी शरीफा ठंडे के दिनों में आने वाला बेहद स्वादिष्ट और गूदेदार फल माना जाता है। अमूमन लोग इसे सीधे तौर पर खाना पसंद करते हैं, मगर आप चाहें तो इससे एक शानदार और क्रीमी मिठाई भी तैयार कर सकते हैं। इस फल की प्राकृतिक मिठास और दूध की मलाईदार बनावट मिलकर इस व्यंजन को बेहद खास बना देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे पकाने के लिए आपको बाजार से बहुत ज्यादा सामान लाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

सीताफल का गूदा निकालने की सही प्रक्रिया

इस लजीज मिठाई को बनाने की शुरुआत करने से पहले सीताफल को अच्छी तरह पानी से धो लें। इसके बाद इसे बीच से काट लें और चम्मच की सहायता से सारा गूदा अलग बर्तन में निकाल लें। अब सबसे अहम चरण इसके बीजों को अलग करना होता है। इसके लिए गूदे को हथेलियों से हल्का दबाते हुए सारे बीज बाहर निकाल दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एक भी बीज अंदर न रह जाए, क्योंकि सीताफल के बीज खाने के लायक बिल्कुल नहीं होते हैं। बीज अलग करने के बाद गूदे को एक कटोरी में सुरक्षित रख लें। इस दौरान गूदे को बहुत ज्यादा बारीक या मैश करने की जरूरत नहीं होती है। थोड़े बहुत टुकड़े बचे रहने से मिठाई में फल का असली स्वाद और बेहतरीन टेक्सचर बरकरार रहता है।

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दूध को गाढ़ा करने और मिश्रण तैयार करने का तरीका

अब चूल्हे पर एक भारी तले वाली कड़ाही चढ़ाएं और उसमें दूध डालकर मध्यम आंच पर उबलने के लिए छोड़ दें। दूध को बीच-बीच में लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि वह कड़ाही की तली में जले नहीं। जब दूध उबलकर अपनी मात्रा से कम हो जाए और गाढ़ा दिखने लगे, तब इसमें मिल्क पाउडर मिला लें और अच्छी तरह घोल लें। इसके बाद इसमें अपनी पसंद या जरूरत के अनुसार चीनी शामिल करें। चीनी की मात्रा इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपका सीताफल कितना मीठा है। अब इसमें इलायची पाउडर डालें और मिश्रण को कुछ मिनट के लिए पकने दें।

ड्राई फ्रूट्स का तड़का और मिठाई को देना अंतिम रूप

अब आंच को धीमा कर दें और कड़ाही में तैयार किया हुआ सीताफल का गूदा डाल दें। इसे दूध के मिश्रण में भली-भांति मिलाते हुए कुछ देर तक पकाएं। सीताफल मिलाने के बाद मिश्रण को बहुत अधिक तेज आंच पर न पकाएं, अन्यथा इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बिगड़ सकते हैं। इस बीच एक अलग छोटे पैन में थोड़ा घी गर्म करें और उसमें कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डालकर हल्का सुनहरा भून लें। इन भुने हुए मेवे को कड़ाही में डालकर अच्छे से मिला लें। इसके अलावा केसर को थोड़े से गर्म दूध में भिगोकर ऊपर से मिला दें।

ठंडा करने और सर्व करने की विधि

जब पूरा मिश्रण गाढ़ा होकर हलवे या बर्फी जैसी कंसिस्टेंसी में आ जाए, तो गैस की फ्लेम बंद कर दें। इसे कुछ देर के लिए सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। इसके बाद एक थाली या ट्रे पर अच्छी तरह घी लगाकर इस मिश्रण को उस पर एकसार फैला दें और ऊपर से थोड़े और कटे हुए मेवे छिड़क दें। आप चाहें तो इसे छोटी कटोरियों में भी सेट होने के लिए रख सकते हैं। इस मिठाई को खाने से पहले एक से दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह अच्छी तरह जम जाए। तय समय के बाद इसे चौकोर टुकड़ों में काट लें और ऊपर से पिस्ता सजाकर मेहमानों को परोसें।

सवाल-जवाब

सीताफल की मिठाई बनाने के लिए सबसे जरूरी काम क्या है?
इसके गूदे से सभी बीजों को पूरी तरह अलग करना सबसे जरूरी काम है क्योंकि इसके बीज खाने योग्य नहीं होते हैं।
क्या सीताफल के गूदे को बहुत ज्यादा मैश करना चाहिए?
नहीं, गूदे को बहुत ज्यादा मैश करने की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि थोड़े टुकड़े रहने से मिठाई का टेक्सचर अच्छा रहता है।
दूध को गाढ़ा करने के बाद इसमें क्या मिलाया जाता है?
दूध गाढ़ा होने के बाद इसमें मिल्क पाउडर, चीनी और इलायची पाउडर मिलाया जाता है।
मिठाई को सेट होने के लिए कितने समय तक फ्रिज में रखना चाहिए?
मिठाई को अच्छी तरह ठंडा करके सेट होने के लिए 1 से 2 घंटे तक फ्रिज में रखना चाहिए।
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