घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एलीट ग्रुप-बी मुकाबले में कर्नाटक की टीम को आंध्र के खिलाफ बल्लेबाजी की शुरुआत में कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा है। भारतीय राष्ट्रीय टीम के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल कर्नाटक की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन वह क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सके। राहुल ने 11 गेंदों का सामना किया और केवल 4 रन जोड़कर अपना विकेट गंवा बैठे। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले फॉर्म हासिल करने के लिहाज से यह पारी उनके लिए निराशाजनक साबित हुई।
शीर्ष क्रम के चारों बल्लेबाज दहाई के आंकड़े से पहले लौटे
कर्नाटक के लिए मुश्किल केवल राहुल के जल्दी आउट होने तक ही सीमित नहीं रही। टीम के शीर्ष क्रम के चारों बल्लेबाज बहुत ही मामूली स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। राहुल के सलामी जोड़ीदार मयंक अग्रवाल भी ज्यादा देर नहीं टिके और 5 रन बनाकर चलते बने। तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए अवनीश केवी बिना कोई रन बनाए शून्य पर आउट हो गए। मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। कर्नाटक ने अपने पहले तीन विकेट महज 9 रन के कुल योग पर गंवा दिए थे, जिससे ड्रेसिंग रूम में भारी दबाव बन गया।
टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला और कप्तान की साझेदारी
इस मुकाबले में कर्नाटक के कप्तान स्मरण रविचंद्रन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। हालांकि, आंध्र के गेंदबाजों ने सटीक गेंदबाजी कर इस फैसले को गलत साबित कर दिया और कर्नाटक ने 22 रन के भीतर अपने 4 प्रमुख विकेट गंवा दिए। शीर्ष क्रम के ढहने के बाद कप्तान स्मरण रविचंद्रन ने मोर्चा संभाला। उन्हें मध्यक्रम में कृष्णन श्रीजीत का मजबूत साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी करते हुए आंध्र के गेंदबाजों का सामना किया और टीम के कुल स्कोर को 100 रन के पार पहुंचाया।
आगामी न्यूजीलैंड टेस्ट श्रृंखला के संदर्भ में पारी का महत्व
सीनियर बल्लेबाज केएल राहुल के दृष्टिकोण से रणजी ट्रॉफी के ये मैच बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारतीय टीम के लिए राहुल की फॉर्म काफी अहमियत रखती है, क्योंकि वह आगामी टेस्ट श्रृंखला में राष्ट्रीय टीम के प्रमुख सदस्यों में शामिल रहेंगे। टेस्ट मैचों की तैयारी के तौर पर घरेलू क्रिकेट में लंबी पारियां खेलना किसी भी बल्लेबाज के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। ऐसे में यदि राहुल इस प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों में हिस्सा लेते हैं, तो उनका पूरा प्रयास एक मजबूत और बड़ी पारी खेलकर लय हासिल करने पर केंद्रित रहेगा।



















