कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने राज्य की वरिष्ठ पुरुष क्रिकेट टीम के मार्गदर्शन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और राज्य टीम के पूर्व कप्तान 42 वर्षीय आर विनय कुमार को कर्नाटक क्रिकेट टीम का नया हेड कोच नियुक्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। क्रिकेट प्रशासनिक समिति से सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इस पद पर उनकी आधिकारिक नियुक्ति केवल एक औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा कर रही है।
दिग्गजों की समिति ने दी मंजूरी और 13 अगस्त को होगी आधिकारिक घोषणा
विनय कुमार के नाम पर सहमति किसी साधारण प्रक्रिया से नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों की गहन समीक्षा के बाद बनी है। राज्य संघ की क्रिकेट प्रशासनिक समिति, जिसमें अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सुनील जोशी, जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद जैसे महान पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं, ने विनय कुमार के नाम पर अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त कर दी है। समिति द्वारा हरी झंडी दिए जाने के बाद अब 13 अगस्त को संघ की प्रबंध समिति की एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में विनय कुमार के साथ-साथ उनके पूरे सहायक कोचिंग स्टाफ के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
इतिहास के सबसे महंगे कोच बनने की उम्मीद और टीम में बदलाव का दौर
क्रिकेट गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार विनय कुमार कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के इतिहास में सबसे अधिक फीस प्राप्त करने वाले मुख्य कोच बनने वाले हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब कर्नाटक की टीम बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक बदलावों के दौर से गुजर रही है। 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सत्र में उपविजेता रही कर्नाटक टीम में इस समय युवा खिलाड़ियों को प्रमुखता दी जा रही है। टीम की कमान प्रतिभाशाली बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल के हाथों में सौंपी गई है, और ऐसे समय में विनय कुमार का विशाल अनुभव टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
मुंबई इंडियंस के साथ कोचिंग अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर की साख
खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद विनय कुमार ने कोचिंग और कमेंट्री के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह टी20 लीग की फ्रैंचाइजी एमआई एमिरेट्स के लिए गेंदबाजी कोच की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी के लिए टैलेंट स्काउट के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जहां उन्होंने युवा प्रतिभाओं को तलाशने में अहम योगदान दिया है। मैदान के बाहर वह एक कुशल कमेंटेटर के रूप में भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं।
कर्नाटक क्रिकेट का स्वर्णिम दौर और ऐतिहासिक उपलब्धियां
कर्नाटक क्रिकेट के इतिहास में वर्ष 2013 से 2015 का कालखंड स्वर्णिम युग माना जाता है, और इस सफलता के मुख्य शिल्पकार खुद विनय कुमार थे। उस दौर में विनय कुमार टीम के कप्तान थे जबकि जे अरुण कुमार मुख्य कोच के रूप में कार्य कर रहे थे। इस जोड़ी के मार्गदर्शन में कर्नाटक ने घरेलू क्रिकेट में अभूतपूर्व दबदबा कायम किया था। टीम ने लगातार दो सत्रों तक रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी के खिताब जीतकर ऐतिहासिक हैट्रिक और दोहरा ट्रेबल पूरा किया था। अपने इस शानदार और सफल करियर के बाद विनय कुमार ने वर्ष 2021 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी।
अंतरराष्ट्रीय करियर, आईपीएल अनुभव और घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड
विनय कुमार का खेल करियर उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स से भरा रहा है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में किया है। अपने करियर के दौरान खेले गए कुल 40 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 1 टेस्ट मैच में 1 विकेट, 31 एकदिवसीय मैचों में 38 विकेट और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 10 विकेट चटकाए हैं। घरेलू क्रिकेट में एक कप्तान के तौर पर उन्होंने 7 बड़े खिताब अपनी टीम को दिलाए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 139 मैचों में 22.44 की शानदार औसत से उन्होंने कुल 504 विकेट हासिल किए। इनमें से केवल रणजी ट्रॉफी में 442 विकेट दर्ज हैं, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड्स में गिना जाता है। इसके अलावा इंडियन प्रीमियर लीग में उन्होंने आरसीबी, मुंबई इंडियंस और कोच्चि टस्कर्स केरला जैसी प्रमुख टीमों का प्रतिनिधित्व किया है।


















