इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में पाकिस्तानी बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन एक बार फिर खुलकर सामने आया है। ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले जा रहे इस मैच के दूसरे दिन पाकिस्तान की पूरी टीम अपनी पहली पारी में मात्र 110 रन के स्कोर पर ही ढेर हो गई। इस मौजूदा दौरे पर अब तक पाकिस्तान ने तीन पारियों में बल्लेबाजी की है और एक बार भी टीम 200 रन के आंकड़े को नहीं छू पाई है। टीम के लगातार निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है और बल्लेबाजों को अपने रवैए में तुरंत सुधार करने की सख्त हिदायत दी है।
लॉर्ड्स की पिच पर खुलकर बरसे हेड कोच सरफराज अहमद
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सरफराज अहमद ने इस बात पर जोर दिया कि इस कड़वी सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि पूरी टीम महज 30 या 35 ओवरों के खेल के भीतर ही ऑलआउट होकर पवेलियन लौट रही है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मसले पर टीम के भीतर आपस में विस्तार से बातचीत की गई है और सभी खिलाड़ियों को इस बात का पूरा अहसास है कि वे क्रीज पर ज्यादा देर तक पैर जमाकर टिक नहीं पा रहे हैं। कोच ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजों के लिए हालात वाकई काफी चुनौतीपूर्ण और मुश्किल भरे हैं, लेकिन जो भी बल्लेबाज पिच पर थोड़ा समय बिताने में सफल रहेगा और शुरुआती 30 से 40 गेंदों का सामना कर लेगा, उसे इसका बहुत बड़ा फायदा जरूर मिलेगा। शुरुआती 30-40 गेंदे ही किसी भी बल्लेबाज के लिए क्रीज पर सबसे ज्यादा कठिन होती हैं, और अगर टीम उस मुश्किल दौर को सफलतापूर्वक निकाल लेगी, तो मैदान पर स्थिति काफी बेहतर हो जाएगी।
अजान ओवैस के संघर्ष की सराहना और शुरुआती ओवरों का महत्व
इस मुश्किल समय के बीच सरफराज अहमद ने ओपनिंग बल्लेबाज अजान ओवैस की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की और उनके जुझारूपन को सराहा। अजान ओवैस ने अपनी पारी के दौरान 46 रन बनाने के लिए कुल 102 गेंदों का डटकर सामना किया और विकेट पर पैर जमाए रखे। पाकिस्तानी कोच ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि अजान ने पारी की शुरुआत में टीम पर आए भारी दबाव को बहुत ही बेहतरीन तरीके से झेला और बाद में कुछ शानदार तथा दर्शनीय शॉट्स भी खेले। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मैच का पहला घंटा या फिर पारी की शुरुआती 40 से 50 गेंदे ऐसी होती हैं जिन्हें पूरी तरह से अपनी सही तकनीक और अनुशासन के साथ ही खेलना बेहद जरूरी होता है।
बल्लेबाजी को मजबूत करने के प्रयोग भी रहे विफल
सरफराज अहमद ने यह भी खुलासा किया कि टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजी की इस निरंतर कमजोरी और नाकामी को भांपते हुए प्लेइंग इलेवन के कॉम्बिनेशन में भी बदलाव करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन मैदान पर उसका कोई भी सकारात्मक नतीजा देखने को नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर इस मौजूदा टेस्ट मैच के साथ-साथ पिछले टेस्ट मुकाबले पर भी नजर डाली जाए, तो यह साफ हो जाता है कि टीम की बल्लेबाजी का स्तर बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा है। इस मुकाबले में टीम की गेंदबाजी का प्रदर्शन तो काफी बेहतर रहा है, लेकिन बल्लेबाजी को लेकर चिंताएं अभी भी लगातार बनी हुई हैं। इसी मुख्य वजह से टीम प्रबंधन हर मैच में ऐसा कॉम्बिनेशन उतारने का प्रयास करता है जिससे बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिल सके, लेकिन बेहद बदकिस्मती की बात है कि इस पारी में भी हमारे बल्लेबाज कोई खास कमाल नहीं दिखा सके। टीम के इन बल्लेबाजों को अब हर हाल में अपने खेलने के रवैए में जरूरी सुधार करने की सख्त जरूरत है।



















