नई दिल्ली के कोटला मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी T20 सीरीज की तैयारियों में जुटी भारतीय क्रिकेट टीम की चिंताएं अचानक बढ़ गई हैं। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को शुक्रवार को अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद अपना नेट सेशन बीच में ही छोड़ना पड़ा। लगातार खेलने और अत्यधिक थकान के कारण उनके शरीर ने जवाब दे दिया, जिससे मैदान पर मौजूद मेडिकल टीम और भारतीय टीम प्रबंधन के बीच घबराहट का माहौल बन गया। खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर अब कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं।
नेट सत्र में कैसे चोटिल हुए ईशान किशन
यह पूरा वाकया तब हुआ जब 26 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन कोटला के मैदान पर भारतीय तेज गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी का कड़ा अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने एक बेहद तीखी और शरीर को निशाना बनाते हुए शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी। इस तेज रफ्तार गेंद से खुद को बचाने के प्रयास में जैसे ही ईशान किशन ने अपने शरीर को मोड़ा, उनकी पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में एक तेज और दर्दनाक खिंचाव आ गया। दर्द इतना असहनीय था कि वह तुरंत अपना बल्ला छोड़कर क्रीज पर ही घुटनों के बल बैठ गए और काफी असहज दिखाई दिए।
फिजियो कमलेश जैन ने दी प्राथमिक चिकित्सा
खिलाड़ी की तकलीफ को देखते हुए भारतीय टीम के निवर्तमान फिजियो कमलेश जैन तुरंत दौड़कर नेट के अंदर पहुंचे। उन्होंने पिच पर ही कुछ मिनटों तक ईशान किशन की जांच की और उन्हें शुरुआती राहत देने के लिए प्राथमिक उपचार दिया। काफी मशक्कत के बाद, फिजियो की मदद से ईशान धीरे-धीरे कदमों से नेट से बाहर आए। अभ्यास क्षेत्र से बाहर जाते समय भी वह अपनी पीठ के निचले हिस्से को थामे हुए थे और उनके चेहरे पर दर्द साफ देखा जा सकता था। इस दर्दनाक घटना के बाद उन्होंने पूरे सत्र में दोबारा बल्ला नहीं थामा और सीधे आराम करने चले गए।
अत्यधिक कार्यभार और थकान बनी मुख्य वजह
ईशान किशन की इस चोट का सबसे बड़ा कारण पिछले कुछ समय से उनका लगातार क्रिकेट खेलना और शरीर पर अत्यधिक कार्यभार यानी वर्कलोड माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से यह युवा बल्लेबाज बिना किसी लंबे विश्राम के लगातार मैदान पर सक्रिय रहा है। उन्होंने आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के लंबे और थका देने वाले दौरों पर हर एक मैच में शिरकत की, जिसके कारण उन्हें अपनी फिटनेस और मांसपेशियों को आराम देने का कोई मौका नहीं मिला।
अंतरराष्ट्रीय सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद उन्हें लाल गेंद के घरेलू क्रिकेट में ईस्ट जोन की कप्तानी सौंप दी गई। पूर्वी क्षेत्र की अगुवाई करते हुए उन्होंने लगातार तीन प्रथम श्रेणी मैच खेले। शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला इस नेट अभ्यास सत्र के शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले ही खत्म हुआ था, जिसमें ईशान ने मैदान पर जमकर पसीना बहाया था।
शानदार प्रदर्शन के बीच फिटनेस पर उठे सवाल
यह चोट ऐसे समय पर आई है जब ईशान किशन बेहद शानदार फॉर्म में चल रहे थे। चेन्नई की उमस भरी और भीषण गर्मी में खेले गए दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में साउथ जोन के खिलाफ ईशान का बल्ला जमकर बोला था। उन्होंने पहली पारी में 270 रनों की मैराथन पारी खेलकर सबको प्रभावित किया था, जबकि दूसरी पारी में भी उनके बल्ले से महत्वपूर्ण 80 रन निकले थे। इन दोनों पारियों में उन्होंने कई घंटों तक क्रीज पर रहकर बल्लेबाजी की थी। शुक्रवार को भी चोटिल होने से पहले वह शानदार लय में थे और स्पिनर्स के खिलाफ लगातार बड़े शॉट्स खेल रहे थे। लेकिन नवदीप सैनी की उस एक गेंद ने उनके पूरे अभ्यास सत्र पर पानी फेर दिया।
अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने पर संशय
फिलहाल भारतीय टीम के डॉक्टर और फिजियो ईशान किशन की शारीरिक स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रहे हैं। टीम प्रबंधन और उनके प्रशंसकों के लिए अगले 24 घंटे का समय बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। थोड़ा आराम मिलने और दर्द कम होने के बाद ही मेडिकल टीम यह आकलन कर पाएगी कि यह पीठ का खिंचाव कितना गंभीर है और क्या वह अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी T20 सीरीज के लिए फिट हो पाएंगे या नहीं।


















