वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार (फॉरेक्स मार्केट) में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अमेरिकी डॉलर एक बार फिर मजबूती के साथ वापसी कर रहा है, जिसने चीनी युआन सहित कई अन्य प्रमुख मुद्राओं की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के विश्लेषकों, जिनमें प्रसिद्ध रणनीतिकार क्वेक सेर लेंग और ली सु एन शामिल हैं, ने अपने ताजा अनुमानों में बताया है कि डॉलर के मुकाबले चीनी मुद्रा युआन का आक्रामक रुख अब कमजोर पड़ने लगा है। वैश्विक स्तर पर विभिन्न करेंसी जोड़ों में यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के निवेशक हाल ही में जारी हुए महंगाई के आंकड़ों का आकलन कर रहे हैं और आने वाले नए आर्थिक संकेतकों का इंतजार कर रहे हैं।
USD/CNH करेंसी जोड़े की दैनिक हलचल का विश्लेषण
पिछले 24 घंटों के दौरान, USD/CNH के कारोबारी रुख में हाल की गिरावट की तुलना में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। इससे पहले के अनुमानों में यह संकेत दिया गया था कि अमेरिकी डॉलर संभवतः 6.7030 से 6.7100 के बीच एक सीमित दायरे में कारोबार करेगा। हालांकि, बाजार में इसके विपरीत हलचल हुई और यह पहले गिरकर 6.7043 पर आया, लेकिन इसके तुरंत बाद इसमें एक तेज उछाल देखा गया जिसने इस जोड़ी को 6.7153 के स्तर पर पहुंचा दिया। डॉलर की इस अचानक आई मजबूती ने इसके तात्कालिक दृष्टिकोण को बदल दिया है। हालांकि इस बात की संभावना है कि डॉलर की यह तेजी आने वाले कारोबारी सत्रों में भी जारी रह सकती है, लेकिन इस बात की पूरी उम्मीद है कि 6.7200 के स्तर के आसपास इसे कड़े प्रतिरोध (रेसिस्टेंस) का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर, यदि इसमें गिरावट आती है, तो नीचे की तरफ 6.7085 के स्तर पर एक मजबूत समर्थन (सपोर्ट) बना हुआ है, जो इस करेंसी जोड़े को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद करेगा।
चीनी युआन को लेकर मध्यम अवधि के नजरिए में बड़ा बदलाव
यदि हम एक से तीन सप्ताह के व्यापक नजरिए से देखें, तो अमेरिकी डॉलर को लेकर महीने की शुरुआत से बना हुआ नकारात्मक रुख अब आधिकारिक तौर पर बदल चुका है। 7 सितंबर को, जब स्पॉट रेट 6.7070 के आसपास था, तब विश्लेषकों का मानना था कि डॉलर में गिरावट का रुख और गहरा हो सकता है। उस समय यह अनुमान लगाया गया था कि यदि अमेरिकी डॉलर 6.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरता है और वहां खुद को बनाए रखता है, तो यह 6.6900 के स्तर तक नीचे जा सकता है। लेकिन हाल ही में आई 6.7153 की तेज उछाल ने इस मंदी के पूरे परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है। हालांकि 6.7160 का मजबूत प्रतिरोध स्तर अभी तक पूरी तरह से टूटा नहीं है, लेकिन डॉलर में गिरावट की गति काफी हद तक खत्म हो चुकी है। अब बाजार में ऊपर की ओर जाने की गति धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे उम्मीद है कि डॉलर आने वाले दिनों में थोड़ा और ऊपर जा सकता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अब यह उतार-चढ़ाव 6.7040 से 6.7290 के नए दायरे के भीतर ही सीमित रहेगा।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में स्थिरता
अगर हम अन्य वैश्विक मुद्राओं की बात करें, तो शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD का जोड़ा 0.7100 के मध्य स्तर के पास स्थिर दिखाई दिया। यह स्थिरता पिछले सत्र में हुई भारी गिरावट के बाद आई है, जब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गिरकर एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। गुरुवार को आई उस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका में अगस्त महीने के लिए जारी हुए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़े थे। इन गर्म आंकड़ों ने बाजार में इस उम्मीद को और मजबूत कर दिया कि फेडरल रिजर्व (फेड) ब्याज दरों में बढ़ोतरी का अपना आक्रामक सिलसिला जारी रखेगा, जिससे अमेरिकी डॉलर को भारी मजबूती मिली। हालांकि, इस भारी दबाव के बावजूद, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे गिरने से रोके रखा। अब निवेशक अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई (CPI) के ताजा आंकड़ों के जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही बाजार में नई दिशा तय होगी।
जापान में बढ़ती महंगाई से येन मजबूत, BoJ पर बढ़ी नजरें
USD/JPY के मोर्चे पर, जापानी येन ने शुक्रवार को एशियाई बाजार में अच्छी मजबूती दिखाई, जिससे यह जोड़ी गिरकर 154.00 के स्तर के पास आ गई। जापानी मुद्रा को यह मजबूती जापान में जारी हुए गर्म उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों से मिली है। इस बढ़ी हुई महंगाई ने निवेशकों को बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नीति के बारे में अपने अनुमान बदलने पर मजबूर कर दिया है। अब बाजार को उम्मीद है कि BoJ आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। हालांकि, येन की इस मजबूती के बाद भी USD/JPY की गिरावट काफी हद तक सीमित दिख रही है। अमेरिकी डॉलर अपनी पिछली बढ़त को बनाए रखने में कामयाब रहा है क्योंकि वैश्विक स्तर पर सभी की निगाहें अमेरिका के आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं।
अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतों में सुधार
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में एक बार फिर सुधार देखने को मिला है और शुक्रवार को यह मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। पीली धातु का ध्यान अब फिर से प्रति ट्रॉय औंस 4,440 डॉलर के स्तर पर केंद्रित हो गया है। सोने की यह तेजी गुरुवार को आई गिरावट के ठीक उलट है, जब मजबूत डॉलर ने इस पर दबाव बनाया था। कारोबारी सप्ताह के अंत में अमेरिकी डॉलर में आ रहे उतार-चढ़ाव ने सोने को फिर से संभलने का मौका दिया है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग के बीच जारी खींचतान यह साफ करती है कि वैश्विक महंगाई के आंकड़े बाजार को आने वाले समय में भी अस्थिर रख सकते हैं।


















