एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट फाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। खिताबी भिड़ंत में पाकिस्तान को 19 रनों से पराजय का सामना करना पड़ा और उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की टीम ने आखिरी ओवर तक संघर्ष जारी रखा, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। इसके साथ ही दोनों टीमों ने मिलकर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया, जहां पहली बार दोनों देशों के किसी मैच में कुल मिलाकर 400 से अधिक रन बने।
श्रेयस अय्यर के फैसले के बाद बल्लेबाजों का धमाल
गोल्ड मेडल मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट खोकर 211 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद छह विकेट पर 192 रन ही बना सकी। इस तरह भारतीय टीम ने 19 रनों के अंतर से खिताबी मुकाबला जीतकर सोने का तमगा हासिल किया।
साल 2012 के अहमदाबाद मुकाबले का रिकॉर्ड ध्वस्त
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबलों में यह पहला मौका है जब दोनों टीमों के कुल रन 400 के आंकड़े को पार कर गए। इस मैच में दोनों पारियों को मिलाकर कुल 403 रन बने। इससे पहले दोनों देशों के बीच किसी टी20 मैच में सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर 373 रनों का था। वह मुकाबला साल 2012 में अहमदाबाद के मैदान पर खेला गया था। अब 14 साल बाद दोनों टीमों ने उस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
अभिषेक, तिलक और शिवम की तूफानी पारियां
भारतीय पारी की नींव अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी पर टिकी रही। अभिषेक ने केवल 28 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौकों और सात गगनचुंबी छक्कों की मदद से 61 रनों की पारी खेली। इसके बाद क्रीज पर आए तिलक वर्मा ने शुरुआती संकोच के बाद तेजी पकड़ी और 22 गेंदों में तीन चौके व चार छक्के लगाकर 51 रन जोड़े। अंतिम ओवरों में शिवम दुबे ने महज 15 गेंदों पर दो चौकों और दो छक्कों की बदौलत नाबाद 27 रन ठोककर टीम का स्कोर 211 तक पहुंचाया।
हसन नवाज का जुझारू प्रयास नहीं दिला सका जीत
बड़े लक्ष्य के दबाव के बावजूद पाकिस्तान की ओर से हसन नवाज ने अकेले दम पर मोर्चा संभाले रखा। हसन नवाज ने 51 गेंदों पर 96 रनों की जबर्दस्त पारी खेली, जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल रहे। हालांकि वे अपने शतक से महज चार रन दूर रह गए और उनके इस प्रयास के बावजूद बाकी बल्लेबाजों से जरूरी सहयोग न मिलने के कारण पाकिस्तान की टीम 192 रन तक ही पहुंच सकी।

















