क्रिकेट के मैदान पर फॉर्म और आंकड़े कितनी तेजी से बदल सकते हैं, इसका ताजा उदाहरण न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर देखने को मिला। पिछले मुकाबले में ऐतिहासिक पारी खेलने वाले अनुभवी भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली तीसरे वनडे में पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के इस अंतिम मुकाबले में वह अपना खाता तक नहीं खोल सके और शून्य के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड हो गए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए यह शुरुआती झटका बेहद अप्रत्याशित साबित हुआ।
तीसरे ओवर में बैक टू बैक झटके
न्यू चंडीगढ़ स्थित मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। पारी के तीसरे ओवर में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने मैच का रुख पलट दिया। ओवर की तीसरी गेंद पर कप्तान शुभमन गिल पवेलियन लौटे और उसके तुरंत बाद अगली ही गेंद पर विराट कोहली क्रीज पर आए। दो गेंदों के भीतर शीर्ष क्रम के दो प्रमुख बल्लेबाजों के आउट होने से भारतीय पारी भारी दबाव में आ गई।
जायडेन सील्स की इनस्विंगर और बैट पैड का बड़ा गैप
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जायडेन सील्स ने 136.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सटीक फुल लेंथ गेंद डाली। गेंद में हवा और पिच से हल्का सा अंदर की ओर घुमाव था। स्ट्राइक लेते ही विराट कोहली आगे बढ़कर फ्लिक शॉट खेलने के प्रयास में दिखे। हालांकि, उनके बल्ले और पैड के बीच काफी जगह रह गई। सील्स की अंदर आती तेज गेंद उसी खाली जगह से तेजी से अंदर घुसी और सीधे मिडिल स्टंप से जा टकराई, जिससे स्टंप जमीन पर गिर पड़ा।
शतक से आगाज और शून्य पर समापन
कोहली के इस तरह गोल्डन डक पर आउट होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शक पूरी तरह खामोश हो गए। जो प्रशंसक एक और बड़ी पारी या शतक की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें घोर निराशा हाथ लगी। इस एकदिवसीय श्रृंखला का आगाज विराट कोहली ने शानदार शतकीय पारी खेलकर किया था और इतिहास रचा था, लेकिन श्रृंखला के अंतिम मैच में उनका सफर पहली ही गेंद पर बिना किसी रन के समाप्त हुआ।



















