जापान के करोगी पार्क मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी रणनीतिक समझ और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान को पूरी तरह पछाड़ दिया। मुकाबले से पहले पिच की दरारों को देखकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि स्पिन गेंदबाज हावी रहेंगे। पाकिस्तान की टीम भी 363 दिनों से चले आ रहे जीत के सूखे को खत्म करने की उम्मीद से मैदान में उतरी थी। हालांकि, मुकाबले की शुरुआत होते ही भारतीय टीम की योजना के आगे पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेअसर साबित हुआ।
बाएं हाथ के बल्लेबाजों की ताकत और पाकिस्तान की रणनीतिक चूक
इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के धुरंधरों की भरमार थी, जिसका फायदा भारत को सीधे तौर पर मिला। पाकिस्तान की टीम में एक भी ऑफ स्पिनर शामिल नहीं था, और यही कमजोरी उनके लिए सबसे भारी पड़ी। भारतीय कोच लक्ष्मण ने इस मुकाबले के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार की थी, जिसे बल्लेबाजों ने मैदान पर शानदार ढंग से लागू किया। भारत की रणनीति पाकिस्तानी बाएं हाथ के स्पिनरों पर सीधा हमला बोलने की थी। अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने इस रणनीति पर अमल करते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
120 गेंदों में छक्कों की बरसात और 211 रन का विशाल स्कोर
भारतीय पारी की 120 गेंदों के दौरान चारों बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ बड़े शॉट खेले। पूरी पारी में भारत की ओर से कुल 15 छक्के लगे, जिससे 90 रन सिर्फ बाउंड्री पार गेंदों से बने। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा 7 छक्के जड़े। इसके अलावा तिलक वर्मा ने 4 छक्के, वैभव सूर्यवंशी ने 2 छक्के और शिवम दुबे ने 2 छक्के लगाकर पाकिस्तानी गेंदबाजी की कमर तोड़ दी। इस सामूहिक आक्रमण की बदौलत भारत ने बोर्ड पर 211 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
क्रीज छोड़कर फुटवर्क से तोड़ी फिरकी की धार
दरारों भरी पिच पर गेंद को टर्न होने से रोकने के लिए भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार फुटवर्क का सहारा लिया। बल्लेबाज गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटते ही क्रीज से बाहर निकलकर शॉट खेल रहे थे, जिससे गेंद को टर्न लेने का समय ही नहीं मिला। पाकिस्तानी कप्तान इस तरह के आक्रामक रवैये के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। पाकिस्तानी गेंदबाजी के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि भारतीय बल्लेबाजों ने कैसी तैयारी की थी। सैम अयूब ने 4 ओवरों में 47 रन लुटाए, जबकि सूफियान ने 3 ओवरों में 33 रन दिए। इन चार बल्लेबाजों के अतिरिक्त ईशान किशन ने भी 20 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जिससे भारत ने पाकिस्तान को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया।



















