निशिन में आयोजित एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 19 रन से शानदार जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट खोकर 211 रन बनाए, जो इस पूरे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा टीम स्कोर रहा। इसके जवाब में विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम कड़े संघर्ष के बावजूद निर्धारित ओवरों में लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। फाइनल में मिली हार के बाद पाकिस्तान को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को हराकर कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले हांग्झोऊ में आयोजित पिछले एशियन गेम्स में भी भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने स्वर्ण पदक जीता था।
सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की तूफानी बल्लेबाजी
कठिन पिच पर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भारतीय पारी को बेहद आक्रामक शुरुआत दी। उन्होंने महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 28 गेंदों पर 61 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें तीन चौके और सात गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। अभिषेक शर्मा ने अपने टी20 सफर में 100 छक्कों का आंकड़ा भी पार किया। उनके आउट होने के बाद पारी के अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन कूट डाले। तिलक की इस पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। निचले क्रम में शिवम दुबे ने भी उपयोगी योगदान दिया और 15 गेंदों में 27 रन बनाकर भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी करते हुए अहमद दानियाल ने 25 रन देकर दो विकेट झटके, जबकि अराफात मिन्हास ने 43 रन खर्च कर दो सफलताएं हासिल कीं।
मध्य ओवरों में भारतीय पारी लड़खड़ाई और मैदान पर दिखा तनाव
पारी की शुरुआत में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ऑफ स्पिनर सईम अयूब की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। वैभव को पवेलियन भेजने के बाद सईम अयूब ने मैदान पर दोनों हाथों से बच्चे को झुलाने के अंदाज में जश्न मनाया, जिससे मुकाबले का माहौल काफी गर्मा गया। इसके बाद 11वें से 15वें ओवर के बीच भारतीय रन गति पर ब्रेक लग गया। कप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर ईशान किशन बड़े शॉट लगाने में संघर्ष करते दिखे। किशन को तेज गति और अतिरिक्त उछाल वाली सीधी गेंद पर बोल्ड होना पड़ा, जबकि लेग स्पिनर अबरार अहमद ने कप्तान अय्यर की पारी का अंत किया। एक समय दो विकेट पर 93 रन बना चुकी भारतीय टीम का स्कोर अचानक पांच विकेट पर 133 रन हो गया। हालांकि, मुश्किल परिस्थिति में तिलक वर्मा और शिवम दुबे की साझेदारी ने पारी को संभाला और मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
हसन नवाज की साहसी पारी और शिवम दुबे का निर्णायक ओवर
जीत के लिए 212 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने महज 6.1 ओवरों में 39 रन के कुल स्कोर पर अपने शीर्ष तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद हसन नवाज और सईम अयूब ने चौथे विकेट के लिए 48 गेंदों में 87 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पाकिस्तान की मैच में वापसी कराई। अयूब ने 22 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन 15वें ओवर में शिवम दुबे ने उन्हें आउट कर इस खतरनाक साझेदारी को तोड़ा। साथी बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बावजूद हसन नवाज ने अकेले संघर्ष जारी रखा। उन्होंने 51 गेंदों पर 96 रनों की आक्रामक पारी खेली, हालांकि वे अपने शतक से मात्र चार रन दूर रह गए। मैच के आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 33 रनों की दरकार थी। गेंद संभालने आए मध्यम तेज गेंदबाज शिवम दुबे ने सटीक गेंदबाजी करते हुए केवल 13 रन खर्च किए और भारत को 19 रन से खिताबी जीत दिला दी।



















