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मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स में इलाज के अभाव में नवजात की मौत, बदहाल सड़क के कारण 3 घंटे पैदल चले थे लाचार माता-पितामेघालय
3 अक्तू॰ 2026, 3:04 pm (31 मिनट पहले)· 0

मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स में इलाज के अभाव में नवजात की मौत, बदहाल सड़क के कारण 3 घंटे पैदल चले थे लाचार माता-पिता

मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स जिले में खराब सड़क के चलते रात में कोई गाड़ी गांव नहीं पहुंची, जिसके बाद पैदल अस्पताल ले जाते समय मां की गोद में ही मासूम बच्चे ने दम तोड़ दिया।

मेघालय के सुदूरवर्ती इलाके वेस्ट खासी हिल्स में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क संपर्क की कमी के कारण एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। रामब्रई सीएंडआरडी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले डोमकिरकोह गांव में एक बीमार नवजात शिशु को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। परिवार को अस्पताल पहुंचने के लिए घंटों पैदल सफर तय करना पड़ा था, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही मासूम की सांसें थम गईं। इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खराब रास्तों के कारण रात में गांव आने से वाहनों का इनकार

पीड़ित परिवार के अनुसार, रात के समय बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्होंने गांव से बाहर जाने के लिए कई वाहन चालकों से संपर्क किया। चालकों ने रास्ते की खस्ताहाली और जर्जर स्थिति का हवाला देते हुए डोमकिरकोह गांव के भीतर आने से साफ मना कर दिया। चालकों ने माता-पिता से कहा कि वे बच्चे को किसी तरह मावडैट तक ले आएं, तभी आगे का सफर मुमकिन हो सकेगा। किसी भी गाड़ी की व्यवस्था न हो पाने के कारण लाचार माता-पिता के सामने अगली सुबह पैदल ही निकलने के अलावा कोई चारा नहीं बचा।

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मावडैट पहुंचने से पहले ही मां की गोद में तोड़ा दम

अगली सुबह परिजन अपने बीमार बच्चे को लेकर पैदल ही निकल पड़े। डोमकिरकोह से मावडैट की ओर जाते हुए उन्होंने पथरीले और दुर्गम रास्तों पर करीब तीन घंटे तक लगातार पैदल सफर किया। दुर्भाग्य से, परिवार जब तक मावडैट पहुंच पाता, रास्ते में ही नवजात शिशु ने अपनी मां की गोद में अंतिम सांस ले ली। इलाज शुरू होने से पहले ही अपने कलेजे के टुकड़े को खो देने के बाद शोकाकुल माता-पिता बच्चे के शव को लेकर वापस अपने गांव डोमकिरकोह लौट आए।

25 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना और स्थानीय चुनौतियां

इस हादसे के बाद पूरे इलाके में बुनियादी सुविधाओं और आपातकालीन परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश सामने आ रहा है। क्षेत्र में बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए मैनोप, मावियोंग, रामब्रई और डोमकिरकोह को जोड़ने वाली 10 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना स्वीकृत है। इस सड़क निर्माण कार्य के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है, जिसका शिलान्यास उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने पहले ही कर दिया था। इस दुखद नुकसान ने एक बार फिर रेखांकित किया है कि दूरदराज के ग्रामीणों को अस्पताल और बाजार तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इस सड़क संपर्क का तेजी से पूरा होना कितना अनिवार्य है।

सवाल-जवाब

यह घटना मेघालय के किस जिले में घटी?
यह दुखद घटना मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स जिले के रामब्रई सीएंडआरडी ब्लॉक स्थित डोमकिरकोह गांव में घटी।
माता-पिता को अस्पताल के लिए पैदल क्यों चलना पड़ा?
सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों ने रात में डोमकिरकोह गांव आने से मना कर दिया था और उन्हें मावडैट पहुंचने को कहा था।
माता-पिता को पैदल चलने में कितना समय लगा?
माता-पिता अपने बीमार बच्चे को लेकर करीब तीन घंटे तक लगातार पैदल चले थे।
बच्चे की मौत कहां हुई?
मावडैट पहुंचने से पहले रास्ते में ही नवजात शिशु ने अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया।
क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी के लिए कौन सी परियोजना स्वीकृत है?
मैनोप, मावियोंग, रामब्रई और डोमकिरकोह को जोड़ने वाली 10 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना 25 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत की गई है।
इस सड़क परियोजना का शिलान्यास किसने किया था?
इस सड़क परियोजना का शिलान्यास उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने किया था।
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