ऑकलैंड के मैदान पर भारतीय तेज गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और पूरी टीम पहले एकदिवसीय मुकाबले में महज 185 रन पर सिमट गई। इस मुकाबले में युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने बेहद सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए अपने कोटे के 10 ओवरों में सिर्फ 22 रन खर्च किए और 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनके इस किफायती स्पेल ने कीवी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा, जिसके चलते मेजबान टीम 200 के आंकड़े को भी पार नहीं कर सकी।
एक दशक बाद दोहराया गया ऐतिहासिक कारनामा
वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारतीय गेंदबाजों द्वारा फेंके गए सबसे किफायती 10 ओवरों के स्पेल की सूची में अंशुल कंबोज ने अपना नाम दर्ज करवा लिया है। पिछले 10 वर्षों के दौरान किसी भी भारतीय गेंदबाज ने 10 ओवर के पूरे कोटे में इतना कम रन खर्च नहीं किया था। इससे पहले साल 2016 में दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 2.2 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 22 रन दिए थे। अंशुल ने ठीक 10 साल बाद जसप्रीत बुमराह के इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
गेंदबाजी आक्रमण का सामूहिक प्रहार
न्यूजीलैंड की पारी को सस्ते में समेटने में भारतीय तेज गेंदबाजी इकाई ने पूरी तरह से दबदबा कायम रखा। अर्शदीप सिंह ने घातक गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। वहीं गुरनूर और अंशुल कंबोज की कसी हुई गेंदबाजी ने विपक्षी टीम के रन बनाने की गति पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया। भारतीय गेंदबाजों के इस संयुक्त हमले के सामने न्यूजीलैंड का कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं निभा सका और मेहमान भारत को जीत के लिए 186 रनों का आसान लक्ष्य मिला।
हालिया मुकाबलों से शानदार वापसी
अंशुल कंबोज का यह प्रदर्शन उनके हालिया फॉर्म में एक मजबूत सुधार दर्शाता है। इससे पहले एक मुकाबले में 9 ओवरों में 82 रन लुटाने के बाद, ऑकलैंड में 10 ओवर में केवल 22 रन देना उनके शानदार मानसिक संतुलन को दिखाता है। यह स्पेल 1975 के विश्व कप में बिशन सिंह बेदी द्वारा की गई उस ऐतिहासिक किफायती गेंदबाजी की याद दिलाता है जहां बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल हो गया था। न्यूजीलैंड ए के खिलाफ इंडिया ए के पिछले मुकाबलों में आकाशदीप और अंशुल को विकेट के लिए संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन मुख्य टीम में मिले इस मौके को भुनाते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की मजबूत छाप छोड़ी है।



















