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कादीपुर खुर्द में गोमती किनारे बीता त्यागी जी महाराज का तपस्वी जीवन, साढ़े तीन साल तक नहीं लांघी आश्रम की सीमास्वास्थ्य
4 नव॰ 2026, 12:50 pm (1 मिनट पहले)· 0

कादीपुर खुर्द में गोमती किनारे बीता त्यागी जी महाराज का तपस्वी जीवन, साढ़े तीन साल तक नहीं लांघी आश्रम की सीमा

सुल्तानपुर के कादीपुर खुर्द में गोमती नदी किनारे त्यागी जी महाराज ने वर्षों तक कठोर साधना की। गुरु के आदेश पर पहुंचे इस संत ने लगभग साढ़े तीन वर्षों तक आश्रम के 100 मीटर के दायरे से बाहर पैर नहीं रखा।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित कादीपुर खुर्द गांव में गोमती नदी के तट पर त्यागी जी महाराज का प्रसिद्ध आश्रम मौजूद है। इस शांत और आध्यात्मिक स्थल पर महाराज ने लंबे समय तक अत्यंत कठोर तपस्या की। स्थानीय मान्यताओं और आश्रम के इतिहास के अनुसार, महाराज ने लगातार लगभग साढ़े तीन साल तक आश्रम की करीब 100 मीटर की परिधि से बाहर एक भी कदम नहीं रखा और खुद को पूरी तरह साधना में समर्पित रखा।

गुरु के निर्देश पर शुरू हुई तपस्या

मंदिर के पुजारी राजकुमार पांडे उर्फ रिंकू के अनुसार, त्यागी जी महाराज अपने गुरु वनखंडी जी के आदेश का पालन करते हुए जयसिंहपुर स्थित आश्रम से रवाना हुए थे। यात्रा करते हुए वे कादीपुर खुर्द पहुंचे, जहां गोमती नदी का शांत किनारा उन्हें साधना के लिए उपयुक्त लगा। यहीं पर उन्होंने अपनी गहरी आध्यात्मिक तपस्या आरंभ की और नदी किनारे एक कुटिया बनाकर रहने लगे।

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साधारण रहन-सहन और ग्रामीणों का जुड़ाव

नदी के किनारे रहते हुए महाराज का जीवन पूरी तरह सादगी से भरा था। वे दिन का अधिकांश हिस्सा ईश्वर भक्ति, ध्यान और कठोर तपस्या में बिताते थे। उनके इस निस्वार्थ और शांत आचरण ने आसपास के ग्रामीणों पर गहरा असर डाला। गांव के श्रद्धालु अपनी श्रद्धा से उनके लिए जरूरी अनाज, पानी और रोजमर्रा का सामान पहुंचाते थे। इन्हीं सीमित संसाधनों से वे अपना भोजन बनाते और आश्रम परिसर में दिनचर्या पूरी करते थे।

हनुमान मंदिर और वार्षिक भंडारे की परंपरा

त्यागी जी महाराज के इस आश्रम की मुख्य पहचान परिसर में स्थित हनुमान मंदिर से भी जुड़ी हुई है। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त हनुमान जी के दर्शन के लिए यहां आते हैं। सुल्तानपुर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले कई श्रद्धालु नाव के जरिए गोमती नदी पार करके इस आश्रम तक पहुंचते हैं। यहां होने वाले वार्षिक भंडारे में भी दूर-दराज से लोग प्रसाद ग्रहण करने और शीश नवाने आते हैं।

सवाल-जवाब

त्यागी जी महाराज का आश्रम कहां स्थित है?
यह आश्रम उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कादीपुर खुर्द गांव में गोमती नदी के तट पर स्थित है।
त्यागी जी महाराज ने कितने समय तक आश्रम की परिधि नहीं लांघी?
उन्होंने करीब साढ़े तीन साल तक आश्रम की लगभग 100 मीटर की परिधि से बाहर पैर नहीं रखा।
त्यागी जी महाराज कादीपुर खुर्द किसके आदेश पर पहुंचे थे?
वे अपने गुरु वनखंडी जी के आदेश पर जयसिंहपुर आश्रम से निकलकर कादीपुर खुर्द पहुंचे थे।
आश्रम में महाराज के भोजन और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कैसे होती थी?
गांव के लोग उनके लिए दाना-पानी और जरूरत का सामान पहुंचाते थे, जिससे वे अपना भोजन तैयार करते थे।
आश्रम परिसर में कौन सा प्रसिद्ध मंदिर बना है?
आश्रम परिसर में एक हनुमान मंदिर स्थापित है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
गौरी शंकर मंदिर के दर्शनार्थी इस आश्रम तक कैसे पहुंचते हैं?
सुल्तानपुर के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर आने वाले श्रद्धालु नाव से गोमती नदी पार करके इस आश्रम तक पहुंचते हैं।
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