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बिहार पुलिस में DSP बने क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार के सामने 5 साल के बॉन्ड की शर्त, एक्टिव न रहने पर जाएगी नौकरीक्रिकेट
13 अग॰ 2026, 8:16 am (75 दिन पहले)· 2

बिहार पुलिस में DSP बने क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार के सामने 5 साल के बॉन्ड की शर्त, एक्टिव न रहने पर जाएगी नौकरी

बिहार सरकार के गृह विभाग ने डीएसपी पद पर नियुक्त तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार के लिए 5 साल तक सक्रिय क्रिकेट खेलने का बॉन्ड अनिवार्य किया है, शर्त न मानने पर नौकरी जा सकती है.

बिहार सरकार द्वारा हाल ही में पुलिस उपअधीक्षक (डीएसपी) पद से नवाजे गए तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार के सामने अपनी सरकारी नौकरी बरकरार रखने के लिए एक अनिवार्य शर्त आ गई है. राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार खेल नीति के तहत पद पाने वाले खिलाड़ियों को पांच साल का बॉन्ड भरना अनिवार्य होगा. इस बॉन्ड के नियम के मुताबिक दोनों तेज गेंदबाजों को अगले पांच वर्षों तक सक्रिय क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहना होगा. यदि खिलाड़ी इस बॉन्ड की शर्तों का पालन करने में विफल रहते हैं या सक्रिय क्रिकेट से दूरी बना लेते हैं, तो उनकी डीएसपी की नौकरी भी छीनी जा सकती है.

पांच वर्ष के बॉन्ड की शर्तें और सेवा संबंधी नियम

बिहार गृह विभाग की ओर से जारी इस निर्देश पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी सेवा में शामिल किए गए एथलीटों को अपने खेल से जुड़ाव बनाए रखना होगा. आकाशदीप और मुकेश कुमार को अगले पांच साल तक लगातार मान्यता प्राप्त क्रिकेट टूर्नामेंटों में मैदान पर उतरना होगा. राज्य प्रशासन का यह फैसला इसलिए आया है ताकि खेल कोटे से नौकरी प्राप्त करने वाले खिलाड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अपने खेल को न छोड़ें. अगर कोई भी खिलाड़ी तय अवधि के दौरान एक्टिव क्रिकेट से संन्यास लेता है या टूर्नामेंट्स में खेलना बंद करता है, तो सरकार उनकी डीएसपी पद की नियुक्ति रद्द कर सकती है.

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नियुक्ति की पृष्ठभूमि और खेल प्रोत्साहन नीति

बीते महीने आयोजित एक सार्वजनिक समारोह के दौरान सासाराम के रहने वाले आकाशदीप और गोपालगंज के निवासी मुकेश कुमार को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए थे. यह नियुक्ति पत्र सम्राट चौधरी द्वारा अन्य कई उभरते खिलाड़ियों के साथ इन दोनों तेज गेंदबाजों को सौंपे गए थे. बिहार सरकार ने अपनी खेल प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य का नाम रौशन करने वाले इन क्रिकेटरों को पुलिस विभाग में यह उच्च पद दिया था. दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने शानदार प्रदर्शन से राज्य का मान बढ़ाया है.

इंजरी की समस्याएं और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का सफर

फिलहाल दोनों भारतीय तेज गेंदबाज इंजरी के कारण राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं और रिकवरी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं. चोटिल होने के कारण आकाशदीप और मुकेश कुमार 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं. अंतर्राष्ट्रीय करियर की बात करें तो आकाशदीप ने साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ रांची टेस्ट मैच से अपना डेब्यू किया था, जबकि उन्होंने भारत के लिए अपना अंतिम मुकाबला साल 2025 में ओवल के मैदान पर खेला था. वहीं मुकेश कुमार ने साल 2023 के वेस्टइंडीज दौरे पर तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया था और उन्होंने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला साल 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था.

सवाल-जवाब

बिहार सरकार ने आकाशदीप और मुकेश कुमार के सामने क्या शर्त रखी है?
गृह विभाग की अधिसूचना के तहत दोनों खिलाड़ियों को 5 साल का बॉन्ड भरना होगा, जिसके तहत उन्हें अगले 5 वर्षों तक सक्रिय रूप से क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलते रहना अनिवार्य है.
यदि खिलाड़ी 5 साल का बॉन्ड पूरा नहीं करते तो क्या होगा?
यदि खिलाड़ी बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं करते हैं या सक्रिय क्रिकेट खेलना बंद कर देते हैं, तो उनकी डीएसपी की नौकरी जा सकती है.
आकाशदीप और मुकेश कुमार को डीएसपी पद का नियुक्ति पत्र किसने दिया था?
सम्राट चौधरी ने पिछले महीने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दोनों क्रिकेटरों को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा था.
आकाशदीप और मुकेश कुमार फिलहाल टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं?
दोनों तेज गेंदबाज इंजरी के कारण राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं और 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं हैं.
आकाशदीप और मुकेश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कब डेब्यू किया था?
आकाशदीप ने साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ रांची टेस्ट से और मुकेश कुमार ने साल 2023 में वेस्टइंडीज दौरे से तीनों प्रारूपों में डेब्यू किया था.
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