पाकिस्तान क्रिकेट टीम के चयन को लेकर एक बार फिर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से ठीक पहले टीम में अचानक किए गए कई बदलावों के बीच कप्तान बाबर आजम ने खुलकर अपनी बात रखी है और साफ कर दिया है कि खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना या उन्हें बाहर करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चयनकर्ता और कोच उन्हें जिस भी 15 सदस्यीय टीम की जिम्मेदारी सौंपते हैं, उनका एकमात्र काम उन खिलाड़ियों से मैदान पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना होता है।
रावलपिंडी में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से ठीक एक दिन पहले मीडिया से बातचीत करते हुए बाबर आजम ने स्पष्ट किया कि वह टीम के चयन को लेकर अपनी राय या सुझाव जरूर देते हैं, लेकिन अंतिम मुहर हमेशा चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ का ही फैसला होती है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें जो भी खिलाड़ी दिए जाते हैं, उन्हें मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार रखना और उनसे मैच जिताने वाला खेल दिखाना ही उनकी असल जिम्मेदारी है। चयन और निष्कासन पूरी तरह से प्रबंधकों के हाथ में है और चयनकर्ताओं तथा कोचों द्वारा दी गई टीम को मैदान पर उतारना उनका दायित्व है।
अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए बाबर ने बताया कि वह अपनी राय खुलकर रखते हैं और उसके बाद चयनकर्ता तथा कोच अपना काम करते हैं। हालांकि, वह सार्वजनिक रूप से यह कभी नहीं बता सकते कि उनकी भूमिका की सीमाएं कहां तक हैं और किन अंदरूनी मामलों में उनका कोई दखल नहीं होता है।
सीरीज से ठीक पहले पाकिस्तानी टीम में बड़े बदलाव
श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही इस टेस्ट सीरीज से पहले पाकिस्तानी टीम में हुए फेरबदल ने क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चाएं बटोरी हैं। हैरानी की बात यह है कि लगातार दूसरी टेस्ट सीरीज ऐसी है जिसमें टीम की घोषणा के बाद ऐन वक्त पर बदलाव किए गए हैं। शनिवार को पहले टेस्ट मैच शुरू होने से 48 घंटे से भी कम समय पहले अब्दुल्ला फजल और अली उस्मान को अचानक टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जबकि उनकी जगह 4 नए खिलाड़ियों को दल में शामिल कर लिया गया। इनमें से तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने अब तक अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर में कोई भी डेब्यू नहीं किया है।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन
इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टेस्ट मुकाबले से ठीक पहले भी पाकिस्तान ने अचानक 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था और उनकी जगह 7 नए चेहरों को मौका दिया था। उस उथल-पुथल भरे दौर के दौरान मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच को भी उनके पदों से हटा दिया गया था। हालांकि, बाबर आजम ने टीम में लगातार युवाओं को तरजीह देने के फैसले का पूरी तरह से बचाव किया है। उनके अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट इस वक्त अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच एक बेहतर और टिकाऊ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम काफी युवा है और वे सीनियर तथा जूनियर खिलाड़ियों का एक मजबूत संयोजन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


















