महाराष्ट्र में दीपावली का उल्लास उस समय चिंता में बदल गया जब जश्न के दौरान चलाई गई आतिशबाजी से कई इलाकों में आग भड़क उठी। ठाणे शहर में रविवार के दिन चार अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और लोगों में हड़कंप मच गया। इसी तरह की एक भयावह घटना महानगर मुंबई के डोंगरी इलाके में भी देखने को मिली, जहां आग ने कई कारखानों और झुग्गी-झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुईं और आग बुझाने का व्यापक अभियान शुरू किया गया।
रहेजा कॉम्प्लेक्स पहुंचे उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
ठाणे में आग की जो बड़ी घटनाएं सामने आईं उनमें कलवा क्षेत्र की एक 40 मंजिला इमारत की घटना शामिल है। इसके अलावा एक अन्य गंभीर घटना एलबीएस रोड पर स्थित इटरनिटी मॉल के ठीक सामने बनी रहेजा कारलाइन बिल्डिंग में घटी। इन बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की खबर फैलते ही दमकल विभाग के तमाम वाहन और कर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास शुरू किए गए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच हालात का प्रत्यक्ष जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे स्वयं रहेजा कॉम्प्लेक्स जा पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और चल रहे राहत व बचाव कार्यों की पूरी जानकारी ली।
डोंगरी इलाके में कारखानों और झुग्गियों तक पहुंची आग
दूसरी ओर, मुंबई के डोंगरी इलाके में स्थित नूरबाग के नजदीक भी आग ने तांडव मचाया। यहाँ बने कुछ कार कारखानों और झुग्गियों में आग तेजी से फैल गई। इस खतरनाक स्थिति की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड का अमला तत्काल मौके पर पहुँचा और आग को आगे बढ़ने से रोकने के प्रयास तेज किए। मुंबई की मेयर ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक और उचित कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक गनीमत यह रही कि इस हादसे में अभी तक किसी के भी गंभीर रूप से हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है और दमकलकर्मियों की मेहनत से आग धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों और स्थानीय रहवासियों ने इस बात की जानकारी दी कि आग डॉ. माहेश्वरी रोड पर स्थित दत्ता मंदिर के पास बनी हाजी कासम चॉल में लगी थी, जो देखते ही देखते एक बड़े इलाके में फैल गई। वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों ने आग लगने के दौरान तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने का दावा भी किया, हालांकि इन आवाजों की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है। मुंबई अग्निशमन दल ने इस घटना को रात 10 बजकर 11 मिनट पर 'लेवल-एक' की आग के रूप में श्रेणीबद्ध किया। आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में दमकल कर्मियों के साथ-साथ पुलिस बल, बेस्ट के कर्मचारी, वार्ड कार्यालय के अधिकारी और 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों को भी मौके पर तैनात किया गया था.
दीपावली के पर्व पर लगातार सामने आ रही आग की इन तमाम घटनाओं ने शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गहरी चिंता पैदा कर दी है। हालांकि, प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अभी तक इनमें से किसी भी घटना में आग लगने की सटीक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है और इस संबंध में आगे की जाँच की जा रही है।



















