श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई त्रिकोणीय सीरीज के खिताबी मुकाबले में भले ही पाकिस्तान की टीम ने एक बड़ा लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की, लेकिन शीर्ष बल्लेबाज बाबर आजम का बल्ला खामोश ही रहा. पूरे टूर्नामेंट के दौरान वह कोई भी उल्लेखनीय पारी खेलने में असफल रहे. उनके इस लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने उन्हें कड़ा परामर्श दिया है. यूसुफ का कहना है कि सिर्फ घरेलू स्तर पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने भर से बाबर की बुनियादी तकनीकी समस्याएं ठीक नहीं होने वाली हैं.
विदेशी अकादमियों और विशेषज्ञों से मदद लेने की सिफारिश
मोहम्मद यूसुफ के मुताबिक, बाबर आजम को अपनी बल्लेबाजी की तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों से संपर्क करना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय बल्लेबाज को अपना पूरा ध्यान केवल खेल की बुनियादी बारीकियों को ठीक करने पर लगाना चाहिए. सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी बात साझा करते हुए उन्होंने बताया कि यदि बाबर विदेशी कोचों की निगरानी में समय बिताते हैं, तो इससे उनके खेल में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है.
घरेलू क्रिकेट में संघर्ष से आत्मविश्वास घटने की चिंता
बाबर आजम ने खोई लय हासिल करने के इरादे से 3 नवंबर से शुरू होने वाले घरेलू फर्स्ट क्लास मैचों में हिस्सा लेने का फैसला किया है. हालांकि, यूसुफ इस योजना से सहमत नहीं दिखते. उनका विश्लेषण है कि जब तक बुनियादी तकनीकी खामियां दूर नहीं होतीं, तब तक फर्स्ट क्लास मुकाबलों में उतरने से कोई ठोस फायदा नहीं होगा. यूसुफ के अनुसार, घरेलू स्तर पर लगातार संघर्ष करने से खिलाड़ी के आत्मविश्वास और समग्र करियर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. उनका विचार है कि बाबर को किसी विशेषज्ञ क्रिकेट अकादमी में भेजा जाना चाहिए, चाहे वह ऑस्ट्रेलिया में हो या इंग्लैंड में.
तीन वर्षों में केवल एक वनडे शतक का आंकड़ा
अगर हालिया अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों पर नजर डालें तो बाबर आजम का संघर्ष साफ नजर आता है. उन्होंने बीते तीन साल की अवधि में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सिर्फ एक शतक बनाया है. इसके बावजूद वह आगामी 9 नवंबर से श्रीलंका के विरुद्ध प्रस्तावित दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तानी टेस्ट टीम की अगुवाई करने जा रहे हैं. यूसुफ ने याद दिलाया कि उन्होंने करीब चार साल पहले भी इसी तरह की चेतावनी दी थी, जिस पर तब किसी ने ध्यान नहीं दिया था. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार उनकी सलाह को गंभीरता से लिया जाएगा, क्योंकि सही मार्गदर्शन मिलने पर बाबर फिर से अपनी शीर्ष लय में लौट सकते हैं.



















