कोलंबो में खेले जा रहे श्रृंखला के दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के चौथे दिन भारतीय टीम ने मेजबान श्रीलंका पर अपना शिकंजा पूरी तरह कस लिया है। पहली पारी में 213 रनों से पिछड़ने के बाद फॉलोऑन झेल रही श्रीलंकाई टीम ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 6 विकेट गंवाकर 229 रन बना लिए हैं। इसके साथ ही श्रीलंका के पास अब केवल 16 रनों की नाममात्र की बढ़त बची है। खराब रोशनी और तेज बारिश के कारण शाम 4:37 बजे चौथे दिन के खेल को समय से पहले समाप्त घोषित करना पड़ा। जब अंपायरों ने स्टंप्स की घोषणा की, उस समय क्रीज पर सोनल दिनुषा 7 रन और केशरा नुवांता 3 रन बनाकर संघर्ष कर रहे थे। अब पांचवें और अंतिम दिन भारतीय गेंदबाजों की नजरें श्रीलंका के बाकी बचे 4 विकेटों को जल्द से जल्द चटकाकर सीरीज को 2-0 से अपने नाम करने और वाइटवॉश पूरा करने पर टिकी होंगी।
चायकाल के बाद भारतीय स्पिनरों का कहर और श्रीलंकाई मध्यक्रम का पतन
चौथे दिन के अंतिम सत्र में भारतीय गेंदबाजों, विशेषकर स्पिनरों ने शानदार अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। चायकाल तक श्रीलंकाई टीम ने 3 विकेट पर 199 रन बना लिए थे और वह पारी की हार से महज 14 रन दूर थी। हालांकि, चायकाल के तुरंत बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार और ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने अपनी घूमती गेंदों से श्रीलंकाई मध्यक्रम की कमर तोड़कर रख दी।
इस पतन की शुरुआत श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा के आउट होने से हुई। मानव सुथार की एक बेहतरीन टर्न लेती गेंद धनंजय डी सिल्वा के बल्ले का अंदरूनी किनारा (इनसाइड एज) लेकर स्लिप में खड़े देवदत्त पडिक्कल के हाथों में समा गई। इसके बाद, अपने पहले टेस्ट शतक की तरफ बढ़ रहे पसिंदु सूरियाबंदारा ने एक गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेला। सूरियाबंदारा गेंद को बाउंड्री पार भेजने के इरादे से क्रीज से बाहर निकले, लेकिन सुथार ने समझदारी दिखाते हुए गेंद को थोड़ा वाइड फेंक दिया। विकेटकीपर ऋषभ पंत ने हवा की गति से गिल्लियां बिखेरकर उन्हें स्टंप आउट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद सारांश जैन की शानदार टर्न होती गेंद को समझने में अनुभवी बल्लेबाज डिकवेला पूरी तरह नाकाम रहे और एलबीडब्ल्यू आउट होकर पवेलियन लौट गए। महज 19 रनों के अंतराल में 3 महत्वपूर्ण विकेट गंवाने के कारण श्रीलंका का स्कोर 199 रन पर 3 विकेट से फिसलकर 218 रन पर 6 विकेट हो गया।
मेंडिस और सूरियाबंदारा के बीच 115 रनों की जुझारू साझेदारी
इससे पहले, श्रीलंका को दूसरी पारी में शुरुआती झटके लगने के बाद पसिंदु सूरियाबंदारा और कामिंदु मेंडिस ने मिलकर पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 115 रनों की एक बेहद महत्वपूर्ण और आकर्षक साझेदारी हुई। लगभग 110 मिनट तक क्रीज पर खूंटा गाड़कर भारतीय गेंदबाजों का सामना करने वाले इस जोड़े ने सिर्फ रक्षात्मक खेल ही नहीं दिखाया, बल्कि मौका मिलने पर आक्रामक प्रहार भी किए।
कामिंदु मेंडिस ने भारतीय स्पिनर मानव सुथार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और उनके एक ही ओवर में दो गगनचुंबी छक्के जड़ दिए। दूसरी ओर, सूरियाबंदारा ने भी सुथार की गेंदों पर स्लॉग स्वीप खेलते हुए बाउंड्री बटोरीं। मेंडिस ने तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर छक्का लगाकर मात्र 87 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वहीं, सूरियाबंदारा ने 78 गेंदों में फिफ्टी जमाई। इस साझेदारी के दम पर श्रीलंका पहली पारी के आधार पर बने 213 रनों के विशाल अंतर को खत्म करने में कामयाब रहा। जब यह साझेदारी भारत के लिए खतरा बन रही थी, तब प्रसिद्ध कृष्णा ने भारत को ब्रेकथ्रू दिलाया। प्रसिद्ध कृष्णा की एक सटीक शॉर्ट-पिच गेंद पर रूम बनाकर शॉट खेलने के प्रयास में कामिंदु मेंडिस का कैच शुभमन गिल ने लपक लिया।
दूसरी पारी की शुरुआत में ही श्रीलंका को लगे शुरुआती झटके
पहली पारी में फॉलोऑन का शिकार होने के बाद श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। सलामी बल्लेबाज लहिरु उदारा और कामिल मिशारा सस्ते में पवेलियन लौट गए। भारतीय तेज गेंदबाजों और स्पिनरों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की, जिससे श्रीलंकाई सलामी जोड़ी रन बनाने के लिए तरसती नजर आई।
महज 63 रन के स्कोर पर अपने 2 शुरुआती विकेट गंवाने के बाद श्रीलंकाई टीम गहरे संकट में आ गई थी। उस नाजुक मोड़ पर टीम को एक ऐसी साझेदारी की सख्त जरूरत थी जो मैच को पांचवें दिन तक खींच सके। मेंडिस और सूरियाबंदारा ने कुछ समय के लिए यह उम्मीद जगाई भी थी, लेकिन अंतिम सत्र में भारतीय गेंदबाजों के स्पेल ने मेजबान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पहला सत्र: सोनल दिनुषा का जुझारू शतक और पहली पारी का अंत
चौथे दिन के सुबह के सत्र में श्रीलंका की पहली पारी 290 रनों पर सिमट गई थी। इस तरह श्रीलंकाई टीम फॉलोऑन टालने के आंकड़े से महज 13 रन दूर रह गई। श्रीलंकाई पहली पारी का सबसे बड़ा आकर्षण सोनल दिनुषा का शानदार शतक रहा। तीसरे दिन के अपने 85 रन के व्यक्तिगत स्कोर से आगे खेलते हुए दिनुषा ने चौथे दिन की शुरुआत में ही आक्रामक तेवर दिखाए।
दिनुषा ने off-spin गेंदबाज सारांश जैन की गेंदों पर एक छक्का और एक चौका जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर एक नियंत्रित पुल शॉट खेलते हुए उन्होंने अपना शतक पूरा किया। इस मौजूदा श्रृंखला में दिनुषा का यह दूसरा शतक है। हालांकि, उनका यह साहसिक और जुझारू शतक भी श्रीलंकाई टीम को फॉलोऑन की शर्मिंदगी से नहीं बचा सका और भारत को 213 रनों की भारी-भरकम बढ़त हासिल हुई।
सिराज की चोट और पंत की मुस्तैदी से जुड़ी अहम अपडेट
चौथे दिन के खेल के दौरान भारतीय खेमे के लिए एक चिंताजनक क्षण भी आया, जब तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज बाउंड्री लाइन पर डाइव लगाते समय चोटिल हो गए। चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालांकि भारतीय प्रशंसकों और टीम प्रबंधन के लिए राहत की बात यह रही कि सिराज उपचार के बाद मैदान पर वापस लौट आए। दूसरे सत्र में सिराज ने छोटे रन-अप के साथ गेंदबाजी की और अपना स्पेल पूरा किया।
इसके अलावा, विकेटकीपिंग के मोर्चे पर भी भारतीय टीम के लिए सकारात्मक खबर रही। तीसरे दिन अस्वस्थता या असुविधा के कारण कीपिंग न करने वाले स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत चौथे दिन पूरी तरह से फिट नजर आए। उन्होंने विकेटों के पीछे मुस्तैदी दिखाते हुए न केवल शानदार कीपिंग की, बल्कि मानव सुथार की गेंद पर सूरियाबंदारा को बेहतरीन अंदाज में स्टंप आउट करके भारत को एक बड़ा ब्रेकथ्रू भी दिलाया। अब पांचवें दिन अगर Colombo का मौसम साफ रहता है, तो भारतीय टीम नई गेंद और स्पिनरों की मदद से श्रीलंका के बचे हुए 4 विकेटों को समेटकर 2-0 से टेस्ट सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।



















