अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के रूप में क्रीज पर उतरना किसी भी खिलाड़ी के लिए परीक्षा से कम नहीं होता। नई चमकदार गेंद, तेज गति और पिच से मिलने वाली स्विंग के सामने दुनिया के महानतम बल्लेबाजों के पैर भी कई बार डगमगा जाते हैं। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और रन मशीन विराट कोहली जैसे दिग्गजों को भी अपने लंबे करियर के दौरान शून्य यानी डक पर पवेलियन वापस लौटना पड़ा है। हालांकि, क्रिकेट के लंबे इतिहास में एक ऐसा अनूठा खिलाड़ी भी रहा, जिसने 100 से अधिक वनडे पारियां खेलने के बावजूद विरोधी गेंदबाजों को कभी भी अपने नाम के आगे शून्य दर्ज करने का मौका नहीं दिया। यह दुर्लभ रिकॉर्ड केपलर वेसेल्स के नाम दर्ज है।
दो देशों की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनोखा सफर
केपलर वेसेल्स का क्रिकेट सफर जितना अनोखा है, उतना ही उनका रिकॉर्ड भी दिलचस्प है। जिस समय रंगभेद नीति के कारण दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा हुआ था, उस दौर में वेसेल्स ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। उन्होंने वर्ष 1982 में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलते हुए अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद जब दक्षिण अफ्रीका पर लगा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटा, तो वह अपनी मातृभूमि लौटे और राष्ट्रीय टीम के कप्तान बने। इस तरह केपलर वेसेल्स अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में दो अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे।
105 पारियों में कभी शून्य पर न आउट होने का शानदार रिकॉर्ड
केपलर वेसेल्स के वनडे आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने अपने करियर में कुल 109 मुकाबले खेले, जिनकी 105 पारियों में उन्हें बल्लेबाजी करने का अवसर मिला। इन 105 पारियों में से 54 बार उन्होंने बतौर ओपनर पारी की शुरुआत की थी। अपने पूरे वनडे करियर में वेसेल्स ने कुल 3,433 रन बनाए। सबसे खास बात यह रही कि इतनी लंबी समयावधि में वह एक बार भी बिना खाता खोले आउट नहीं हुए। क्रीज पर उनका बेजोड़ रक्षात्मक कौशल, बेहतरीन फुटवर्क और लंबे समय तक टिके रहने का अनुशासन ही उन्हें इस उपलब्धि तक ले गया।
बिना डक के करियर समाप्त करने वाले टॉप खिलाड़ियों की सूची
बिना कभी शून्य पर आउट हुए वनडे करियर समाप्त करने वाले शीर्ष खिलाड़ियों की सूची में भारत के दिग्गज बल्लेबाज यशपाल शर्मा का नाम भी शामिल है। वर्ष 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे यशपाल शर्मा ने अपने करियर की सभी 40 वनडे पारियों में खाता खोला और कभी शून्य पर आउट नहीं हुए। इसी तरह दक्षिण अफ्रीका के पीटर कर्स्टन ने भी अपनी 40 पारियों में हर बार रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाज जैक्स रूडोल्फ 39 पारियों में बिना डक पर आउट हुए संन्यास लेने में सफल रहे। आज के टी20 और आधुनिक वनडे दौर में जहां बल्लेबाज पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने का जोखिम उठाते हैं, वहां केपलर वेसेल्स का यह अनुशासित रिकॉर्ड टूटना बेहद मुश्किल माना जाता है।



















