भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इन दिनों दलीप ट्रॉफी 2026 में अपने खेल का जलवा बिखेर रहे हैं, जहां उन्हें ईस्ट जोन की कमान सौंपी गई है। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल मुकाबले की पहली पारी में भले ही उनका बल्ला ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाया, लेकिन उन्होंने विकेट के पीछे अपनी असाधारण तेजी से महफिल जरूर लूट ली। ईशान ने स्टंप्स के पीछे जिस फुर्ती का मुजाहिरा किया, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है और कई क्रिकेट प्रेमी उनकी इस शानदार स्टंपिंग की तुलना पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अंदाज से कर रहे हैं।
यह दिलचस्प वाकया नॉर्थ ईस्ट जोन की पारी के 21वें ओवर की दूसरी गेंद पर सामने आया। तेज गेंदबाज अभिजीत सरकार ने लेग साइड की तरफ एक फुल लेंथ गेंद फेंकी थी। बल्लेबाज आशीष थापा इस गेंद को लेग साइड में खेलने के प्रयास में क्रीज से बाहर निकल आए, लेकिन गेंद उनके बल्ले को छकाती हुई सीधे विकेटकीपर के पास चली गई। ईशान किशन उस समय स्टंप्स के बेहद करीब मुस्तैद खड़े थे। उन्होंने गेंद को पकड़कर तुरंत गिल्लियां बिखरने की कोशिश की, लेकिन पहली बार में गेंद उनके दस्तानों से छूट गई। हालांकि, बल्लेबाज आशीष थापा भी शॉट खेलने के चक्कर में अपना संतुलन खो बैठे थे और उनका पैर क्रीज के अंदर सुरक्षित नहीं लौट पाया था। बिना एक पल भी गंवाए, ईशान ने हाथ से छूटी गेंद को दूसरी बार में तुरंत काबू किया और बिजली की तेजी से गिल्लियां उड़ा दीं। थर्ड अंपायर ने मैदानी फैसले के बाद रिप्ले की बारीकी से जांच की और बल्लेबाज को आउट करार दिया।
ईशान किशन की इस जादुई और फुर्तीली स्टंपिंग का वीडियो BCCIdomestic के आधिकारिक X हैंडल पर भी शेयर किया गया है, जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। इस मुकाबले में ईस्ट जोन के गेंदबाजों का दबदबा साफ देखने को मिला। तेज गेंदबाज अभिजीत सरकार ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए 5 विकेट झटके, जिनकी मदद से ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन की पूरी टीम को मात्र 111 रन के स्कोर पर समेट दिया और उन्हें फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर कर दिया।
गेंदबाजी के मोर्चे पर अभिजीत सरकार के अलावा ईस्ट जोन की तरफ से शाहबाज अहमद ने तीन बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई, जबकि मुकेश कुमार और अनुकूल रॉय के खाते में एक-एक सफलता आई। अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी इस पारी में कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। नॉर्थ ईस्ट जोन की तरफ से इकलौते बल्लेबाज आशीष थापा रहे, जिन्होंने थोड़ी संघर्ष क्षमता दिखाई और 32 रनों की पारी खेली, अन्यथा पूरी टीम विपक्षी गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।
इससे पहले मुकाबले में बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया। हालांकि, टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी और उसने मात्र 25 के कुल स्कोर पर ही वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन जैसे ओपनर्स के बहुमूल्य विकेट गंवा दिए थे। ऐसे संकटपूर्ण समय में कुमार कुशाग्र और सुदीप कुमार घरामी ने पारी को संभाला और दोनों के बीच 92 रनों की एक मजबूत साझेदारी पनपी। कुमार कुशाग्र ने सूझबूझ से खेलते हुए 55 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन आकाश चौधरी ने उन्हें आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा और जल्द ही एक और झटका भी दिया।
कुशाग्र के आउट होने के बाद सुदीप कुमार घरामी ने मैदान पर टिककर बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म का परिचय देते हुए अर्धशतक को शतक में तब्दील किया और 185 गेंदों का सामना करते हुए कुल 146 रनों की मैराथन पारी खेली। घरामी को शाहबाज अहमद का बेहद शानदार साथ मिला और दोनों ने मिलकर स्कोरबोर्ड में 150 रनों की एक और विशाल साझेदारी जोड़ दी। शुरुआती ओवरों में दोनों बल्लेबाजों ने तेज गेंदबाजों के सामने काफी संयम और सावधानी बरती, लेकिन जैसे ही स्पिनर गेंदबाजी के लिए आए, उन्होंने अपने हाथ खोले और तेजी से रन बटोरने शुरू किए। घरामी के आउट होने के बाद शाहबाज ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और शानदार बल्लेबाजी करते हुए 164 रनों की बेहतरीन पारी खेली। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे ईस्ट जोन का स्कोर 460 रनों के पार पहुंचने में कामयाब रहा।



















