अमेरिकी डॉलर के संभलने और अपनी स्थिति मजबूत करने के बीच जापानी येन में नरमी देखने को मिल रही है। पिछले सप्ताह बाजार में हुई भारी बिकवाली के बाद ग्रीनबैक अब अपनी पुरानी चाल को वापस पाने की कोशिश कर रहा है, जिसका सीधा असर येन की चाल पर पड़ रहा है।
येन पर बना हुआ है दबाव
बाजार में इस बात की मजबूत चर्चा और उम्मीदें बनी हुई हैं कि बैंक ऑफ जापान सितंबर के महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसके बावजूद जापानी येन लगातार दबाव के साये में कारोबार कर रहा है। हाल ही में सामने आए महंगाई के आंकड़ों ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को और पुख्ता कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी येन को कोई खास बड़ी राहत मिलती हुई नजर नहीं आ रही है।
राजकोषीय चिंताएं और केंद्रीय बैंक का रुख
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें येन को केवल सीमित सहारा ही दे पा रही हैं क्योंकि बाजार पर राजकोषीय चिंताएं अभी भी पूरी तरह हावी हैं। जानकारों का मानना है कि केवल नीतिगत बदलाव ही मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि केंद्रीय बैंक का संवाद और उसका लहजा सबसे ज्यादा मायने रखता है। नीति निर्माता जिस तरह से साल के अंत और शुरुआती महीनों तक के लिए ब्याज दरों के रास्ते को लेकर उम्मीदों को संभालते हैं, उसमें जोखिम की गुंजाइश ज्यादा बनी रहती है।
मुलाकात और वैश्विक मुद्राओं का हाल
प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स सोमवार को लगभग 98.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है और यह मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 99.00 के आंकड़े को पार करने की कोशिश में जुटा है। विभिन्न मुद्राओं के बीच हुए हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो जापानी येन ने कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दर्ज की है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और वस्तुओं की स्थिति
अन्य प्रमुख मुद्राओं में ब्रिटिश पाउंड सोमवार को अपनी हालिया तेजी को आगे बढ़ाने में संघर्ष करता दिखाई दिया और यह लगभग 1.3650 के आसपास मंडराता रहा। पाउंड बिना किसी स्पष्ट दिशा के सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, हालांकि डॉलर में रिकवरी आने के बावजूद यह अपने हालिया दायरे के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। इसी तरह यूरो भी सप्ताह की शुरुआत में 1.1670 के आसपास बहुत ही सीमित दायरे में स्थिर रहा। दूसरी ओर सोने की चमक लगातार मजबूत बनी हुई है और यह शुरुआती मई के बाद पहली बार प्रति ट्रॉय औंस 4,700 डॉलर के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है। सोने की यह तेजी तब देखने को मिल रही है जब डॉलर में हल्की बढ़त दर्ज की गई है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली गिरावट आई है।
अमेरिकी ट्रेजरी के अहम कदम
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा निर्णय लिया है। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की है कि वह 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टरों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को दोगुना कर देगा। इस फेरबदल के तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी।
आगामी आर्थिक घटना
इस सप्ताह वित्तीय बाजारों की नजरें मुख्य रूप से अमेरिकी पीसीई महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के प्रमुख के जैक्सन होल सम्मेलन में होने वाले भाषण पर टिकी हुई हैं। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले समय में वैश्विक मौद्रिक नीतियां किस दिशा में आगे बढ़ेंगी।



















