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दलीप ट्रॉफी से पहले वर्धा में जंगल सफारी पर निकले वैभव सूर्यवंशी, तालेगांव कैंप में रेड बॉल का कर रहे अभ्यासक्रिकेट
8 अग॰ 2026, 10:55 pm (80 दिन पहले)· 1

दलीप ट्रॉफी से पहले वर्धा में जंगल सफारी पर निकले वैभव सूर्यवंशी, तालेगांव कैंप में रेड बॉल का कर रहे अभ्यास

युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने वर्धा के बोर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का आनंद लिया और अब वह तालेगांव में दलीप ट्रॉफी 2026 की तैयारियों में जुटे हैं।

युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आगामी घरेलू सत्र से पहले एक अनोखे सफर पर नजर आए। मैदान पर अपने आक्रामक शॉट्स के लिए मशहूर यह युवा क्रिकेटर महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित प्रसिद्ध बोर टाइगर रिजर्व में प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेता दिखा। इसके साथ ही वह आगामी दलीप ट्रॉफी 2026 की तैयारियों के सिलसिले में तालेगांव में जमकर पसीना बहा रहे हैं।

बोर के जंगलों में चार घंटे की सफारी और वन्यजीवों का दीदार

घने जंगलों के बीच करीब चार घंटे तक चली इस जंगल सफारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने कुदरत के अद्भुत नजारों को देखा। वर्धा जिले के बोर टाइगर रिजर्व के रहटी सफारी गेट से प्रवेश करते हुए उन्होंने अपनी टीम के साथियों और दल के सदस्यों के साथ वन्यजीवों की खोज की। इस दौरान उनके साथ राजस्थान रॉयल्स के साथी खिलाड़ी शुभम दुबे, रवि सिंह, सुशांत मिश्रा, कोच रजनी प्रभु, फॉरेस्ट इंस्पेक्टर रूपेश खेडकर और अन्य सपोर्ट स्टाफ मौजूद थे।

सफारी के दौरान वैभव और उनकी टीम ने तेंदुआ, भालू, सांभर, चीतल और मोर जैसे कई जानवरों को देखा। हालांकि पूरी सफारी के दौरान वैभव की इच्छा जंगल के राजा यानी बाघ की एक झलक पाने की थी। बताया जा रहा है कि वह बहुत ही मामूली अंतर से बाघ का दीदार करने से चूक गए। वैभव ने इस खूबसूरत अनुभव का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया, जिसे उनके प्रशंसकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।

तालेगांव एकेडमी में लाल गेंद से तकनीक सुधारने पर जोर

जंगल सफारी के रोमांचक ब्रेक के तुरंत बाद वैभव का ध्यान अब पूरी तरह क्रिकेट की कसौटी पर टिक गया है। लाल गेंद यानी रेड बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी शैली को निखारने के लिए वह महाराष्ट्र के तालेगांव में स्थित राजस्थान रॉयल्स एकेडमी में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। गौरतलब है कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बजाय अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी की एकेडमी में प्री-सीजन ट्रेनिंग ले रहे हैं।

तालेगांव में आयोजित 10 दिवसीय विशेष अभ्यास शिविर में वैभव वरिष्ठ बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ के मार्गदर्शन में पसीना बहा रहे हैं। विक्रम राठौड़ की सीधी देखरेख में वैभव लंबी पारियां खेलने की अपनी क्षमता में सुधार कर रहे हैं। टी-20 फॉर्मेट के आक्रामक रवैये से हटकर अब उनका पूरा फोकस टेस्ट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट की जरूरतों के हिसाब से खुद की तकनीक को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।

दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन की उप-कप्तानी की जिम्मेदारी

यह ट्रेनिंग कैंप वैभव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन की टीम का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। चयनकर्ताओं ने युवा प्रतिभावान खिलाड़ी पर बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें ईस्ट जोन की टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया है। इतनी कम उम्र में उप-कप्तानी का पदभार संभालना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

उप-कप्तान की नई भूमिका वैभव के लिए सम्मान के साथ-साथ अपनी उपयोगिता साबित करने का बड़ा अवसर लेकर आई है। चयनकर्ताओं द्वारा दिखाए गए इस भरोसे पर खरा उतरने के लिए वह तालेगांव के अभ्यास सत्र में दिन-रात एक कर रहे हैं।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट के आंकड़ों में बदलाव लाने का लक्ष्य

लाल गेंद के प्रारूप में वैभव सूर्यवंशी का पिछला प्रदर्शन उनके सामर्थ्य के अनुसार नहीं रहा है। अब तक खेले गए 10 प्रथम श्रेणी मैचों में वैभव ने केवल 17 के साधारण औसत से कुल 207 रन बनाए हैं। इन पारियों के दौरान उनके बल्ले से केवल एक अर्धशतक निकला है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि लंबे प्रारूप में टिककर खेलने के लिए उन्हें अपनी बल्लेबाजी में काफी अनुशासन और धैर्य की आवश्यकता है।

यही वजह है कि दलीप ट्रॉफी 2026 उनके प्रथम श्रेणी करियर के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। तालेगांव के अभ्यास शिविर में कोच विक्रम राठौड़ की रणनीतियों और बोर के जंगलों से मिली ताजगी के साथ वैभव मैदान पर बड़ी पारियां खेलने के इरादे से उतरने की तैयारी में हैं। जिस तरह उन्होंने बोर के जंगलों में एकाग्रता के साथ बाघ की तलाश की, ठीक उसी संयम और लगन की जरूरत उन्हें मैदान पर भी होगी।

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सवाल-जवाब

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में किस टाइगर रिजर्व की यात्रा की?
वैभव सूर्यवंशी ने महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित बोर टाइगर रिजर्व की यात्रा की और वहां चार घंटे की जंगल सफारी का आनंद लिया।
तालेगांव में वैभव सूर्यवंशी की कोचिंग कौन कर रहा है?
तालेगांव स्थित राजस्थान रॉयल्स एकेडमी में सीनियर कोच विक्रम राठौड़ वैभव सूर्यवंशी को रेड बॉल तकनीक के लिए कोचिंग दे रहे हैं।
दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव सूर्यवंशी को क्या जिम्मेदारी मिली है?
दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन की टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया गया है।
वैभव सूर्यवंशी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कैसा रिकॉर्ड रहा है?
वैभव सूर्यवंशी ने अब तक 10 प्रथम श्रेणी मैचों में 17 के औसत से 207 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।
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