टीम इंडिया के 15 साल के धाकड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने रविवार को पहली बार विंबलडन के मैदान में कदम रखा. इस खास मौके पर उनके साथ अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह भी मौजूद थे. फाइनल मैच देखने पहुंचे वैभव ने अपनी टेनिस को लेकर दीवानगी भी खुलकर बयां की और बताया कि वह सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के जबरदस्त फैन हैं.
पिछले पांच सालों से टेनिस के मुरीद हैं वैभव
जियोस्टार से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि वह पिछले 4-5 सालों से टेनिस पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने कहा, “मैं पिछले 4-5 वर्षों से टेनिस को फॉलो कर रहा हूं. मैं नडाल और जोकोविच को बहुत देखता था. अब मैं जोकोविच का बहुत बड़ा फैन हूं, लेकिन ये दोनों ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें मैंने हमेशा करीब से फॉलो किया है.” यानी राफेल नडाल के खेल ने भी वैभव को शुरुआती दौर में खासा प्रभावित किया, लेकिन मौजूदा वक्त में उनके दिल में जोकोविच के लिए अलग जगह है.
सिनर के दबदबे से प्रभावित, फाइनल में जीत की उम्मीद
पुरुष एकल के फाइनल में इटली के जानिक सिनर का सामना जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव से हुआ. इस मुकाबले पर राय रखते हुए वैभव ने कहा, “मौजूदा पीढ़ी के टेनिस खिलाड़ियों में मुझे कार्लोस अल्काराज बहुत पसंद हैं, लेकिन वह इस साल नहीं खेल रहे हैं. जब मैंने टूर्नामेंट फॉलो किया, तो मैं जानिक सिनर के दबदबे से बहुत प्रभावित हुआ. इसलिए उम्मीद है कि वह फाइनल जीतेंगे.” यानी अल्काराज की गैरमौजूदगी में वैभव की उम्मीदें सिनर पर टिकी नजर आईं.
डबल्स पार्टनर के तौर पर वैभव की पहली पसंद अभिषेक
बातचीत के दौरान जब वैभव से पूछा गया कि अगर उन्हें टेनिस में डबल्स पार्टनर चुनना हो तो वह किसे चुनेंगे, तो उन्होंने बिना देर किए अभिषेक शर्मा का नाम लिया. वैभव ने कहा, “मैं अभिषेक भैया को चुनूंगा. वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मेरे ओपनिंग पार्टनर हैं. मुझे उनके साथ बैटिंग करने में बहुत मजा आता है, इसलिए मैं उन्हें ही अपने डबल्स टेनिस पार्टनर के तौर पर भी चुनूंगा.” यह जवाब दिखाता है कि क्रिकेट के मैदान की उनकी जोड़ी की केमिस्ट्री कितनी गहरी है.
अभिषेक बोले, विंबलडन आना सपना था
दूसरी ओर अभिषेक शर्मा ने भी विंबलडन 2026 फाइनल देखने का अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा, “असल में विंबलडन आना मेरे सपनों में से एक था. फाइनल वाले दिन यहां होना इसे और भी खास बनाता है. मैं बस मैच का लुत्फ उठाने वाला हूं. मैं हमेशा से राफेल नडाल को अपना आदर्श मानता रहा हूं. उनकी काम करने की लगन, उनका रवैया और जिस तरह से उन्होंने इतने वर्षों तक इस खेल पर दबदबा बनाए रखा, वह निश्चित रूप से ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें मैं बहुत पसंद करता हूं.” यानी नडाल की मेहनत और अनुशासन ने अभिषेक को क्रिकेट के मैदान से बाहर भी प्रेरित किया है.
अल्काराज और सिनर से मिलती है नई पीढ़ी को सीख
मौजूदा दौर के टेनिस सितारों कार्लोस अल्काराज और जानिक सिनर को लेकर भी अभिषेक ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “मैं मौजूदा पीढ़ी के स्टार्स में अल्काराज और सिनर को बहुत पसंद करता हूं, इसमें कोई शक नहीं. जिस तरह से वे अभी खेल रहे हैं, वे इस खेल पर छाए हुए हैं. मैं भी क्रिकेट में बिल्कुल यही करना चाहता हूं. उन्हें खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है और यह मुझ जैसे युवा क्रिकेटर्स को प्रेरित करता है. मुझे लगता है कि यह सभी खेलों के युवाओं को प्रेरित करता है. यही चीज हमें यहां खींचकर लाती है.” इस तरह वैभव और अभिषेक दोनों ने साफ किया कि टेनिस के दिग्गजों से क्रिकेट के युवा खिलाड़ी भी बहुत कुछ सीख रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी के इस विंबलडन दौरे ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे अपने खेल के अलावा दूसरे खेलों को भी बारीकी से फॉलो करते हैं. जहां वैभव जोकोविच और सिनर के फैन हैं, वहीं अभिषेक शर्मा नडाल को अपना आदर्श मानते हैं. युवराज सिंह की मौजूदगी ने इस पल को और यादगार बना दिया.











