चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। कप्तान ईशान किशन ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए 270 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन की पूरी पारी 708 रनों पर सिमट गई, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में टीम का सबसे बड़ा स्कोर है।
ईशान किशन की रिकॉर्ड तोड़ पारी
ईशान किशन ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन बनाए। इस दौरान वह 250 रन के स्कोर पर एक बार रिटायर्ड हर्ट भी हुए थे, लेकिन मैदान पर दोबारा लौटकर अपनी पारी को और आगे बढ़ाया। अंत में त्रिपुरणा विजय की गेंद पर स्मरण रविचंद्रन ने उनका कैच लपका, जिससे उनकी इस अद्भुत पारी का अंत हुआ।
कुमार कुशाग्र का शानदार शतक और टीम का प्रदर्शन
कप्तान के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शानदार शतक जड़ा। दोनों बल्लेबाजों के मजबूत तालमेल की बदौलत टीम का स्कोर 708 रन तक पहुंच गया। दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबलों के इतिहास में यह ओवरऑल चौथा सबसे बड़ा स्कोर है, जिसने विपक्षी टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
साउथ जोन के सामने मुश्किल चुनौती
मैच के दूसरे दिन पूरी तरह से ईशान किशन का दबदबा रहा। हालांकि चेन्नई की इस पिच पर अभी तक टूट-फूट के ज्यादा संकेत नहीं मिले हैं और यह बल्लेबाजी के लिए अनुकूल बनी हुई है। साउथ जोन की टीम जब तीसरे दिन मैदान पर उतरेगी, तो उन पर बड़ा स्कोर खड़ा करने का दबाव होगा। इन फॉर्म खिलाड़ी तिलक वर्मा पर सबकी निगाहें टिकी होंगी और टीम को इस विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी पूरी क्षमता दिखानी होगी।



















