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जयपुर के एलिमेंट मॉल में युवक ने 7वीं मंजिल से कूदकर दी जान, बनीपार्क का निजी स्कूल चलाता था अभिनव राजराजस्थान
7 सित॰ 2026, 11:06 pm (1 दिन पहले)· 5

जयपुर के एलिमेंट मॉल में युवक ने 7वीं मंजिल से कूदकर दी जान, बनीपार्क का निजी स्कूल चलाता था अभिनव राज

जयपुर के एलिमेंट मॉल की सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर एक निजी स्कूल संचालक अभिनव राज ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में पत्नी से मनमुटाव का मामला सामने आया है और पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

जयपुर के एलिमेंट मॉल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां सातवीं मंजिल से नीचे कूदकर एक युवक ने अपनी जान दे दी। मृत शख्स की शिनाख्त अभिनव राज के रूप में हुई है, जो शहर के बनीपार्क इलाके में एक निजी स्कूल का संचालन करता था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और चित्रकूट नगर थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस मामले में पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की मदद से घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं ताकि हादसे के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा सके।

पार्किंग से लेकर सातवीं मंजिल तक का सफर

पुलिस की शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि अभिनव राज अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर एलिमेंट मॉल पहुंचा था। मॉल की पार्किंग में उसने अपनी गाड़ी खड़ी की और हेलमेट उतारकर अंदर की तरफ बढ़ा। इस दौरान पार्किंग क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं। फुटेज के अनुसार, अपनी गाड़ी पार्क करने के बाद वह सीधे मॉल के भीतर दाखिल हुआ और लिफ्ट का उपयोग करके सातवीं मंजिल पर पहुंच गया। वहां से उसने नीचे छलांग लगा दी, जिससे मॉल परिसर में अफरातफरी मच गई और हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।

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पत्नी से चल रहा था पारिवारिक मनमुटाव

इस पूरे मामले में प्राथमिक जांच के दौरान पारिवारिक कलह और पत्नी से मनमुटाव की बात निकलकर सामने आई है। सूत्रों और शुरुआती पड़ताल से पता चला है कि अभिनव राज और उनकी पत्नी के बीच मतभेद चल रहा था, जिसके चलते दोनों अलग रह रहे थे। हालांकि, इस खौफनाक कदम के पीछे की असली और ठोस वजह क्या थी, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि इस दुखद घटना के पीछे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस

मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस मॉल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की लगातार जांच कर रही है। पार्किंग क्षेत्र से मिले फुटेज में अभिनव अपनी बाइक खड़ी करते और हेलमेट हटाते हुए साफ नजर आ रहा है। इसके बाद उसके लिफ्ट से ऊपर जाने के रूट को भी कैमरे के जरिए ट्रैक किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और चश्मदीदों से मिली जानकारियों को मिलाकर पूरे घटनाक्रम की क्रोनोलॉजी तैयार की जा रही है। जांच अभी रुकी नहीं है और पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां हुई?
यह घटना जयपुर के एलिमेंट मॉल में हुई।
मृतक की पहचान किस रूप में हुई है?
मृतक की पहचान अभिनव राज के रूप में हुई है जो एक निजी स्कूल का संचालक था।
अभिनव राज मॉल कैसे पहुंचे थे?
अभिनव राज अपनी मोटरसाइकिल से एलिमेंट मॉल पहुंचे थे और वाहन को पार्किंग में खड़ा किया था।
उन्होंने मॉल में किस मंजिल से छलांग लगाई?
उन्होंने मॉल की सातवीं मंजिल से नीचे छलांग लगाई।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की क्या वजह सामने आई है?
शुरुआती जांच में पत्नी से मनमुटाव और विवाद के चलते अलग रहने की बात सामने आई है।
मामला किस पुलिस थाने के अंतर्गत आता है?
इस मामले की जांच चित्रकूट नगर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·21 घंटे पहले

जयपुर के इस मॉल में हुई घटना दर्शाती है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से जूझ रहे व्यक्तियों की समय पर पहचान कितनी आवश्यक है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर क्रोनोलॉजी तैयार करना एक पेशेवर कदम है, लेकिन इस मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस आगे परिजनों के बयानों के आधार पर किन सामाजिक और मानसिक पहलुओं को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में शामिल करती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 घंटे पहले

यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा उपायों, विशेषकर बहुमंजिला इमारतों में आत्महत्या की रोकथाम के लिए बैरियर और सुरक्षा ग्रिल लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बढ़ते मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों से निपटने के लिए संस्थागत और मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है ताकि इस प्रकार की त्रासदियों को रोका जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·22 घंटे पहले

यह दुखद घटना केवल एक पारिवारिक विवाद का परिणाम नहीं, बल्कि हमारे शहरी सामाजिक ताने-बाने में बढ़ती मानसिक और आर्थिक असुरक्षा का गंभीर संकेत है। जब एक उद्यमी या संस्थान संचालक इस तरह का कदम उठाता है, तो इसका असर न केवल उनके परिवार पर पड़ता है, बल्कि उससे जुड़े लोगों और स्थानीय व्यावसायिक जगत पर भी गहरा मनोवैज्ञानिक दबाव बनता है। इस तरह के मामलों में पुलिस और फोरेंसिक जांच के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवाद खुले, ताकि बढ़ते तनाव के बीच समय रहते उचित परामर्श और सहायता मिल सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा उपायों और मानसिक स्वास्थ्य संकट से निपटने के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मॉल जैसे व्यावसायिक परिसरों में ऊंचे स्थानों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जालों की कमी ऐसी त्रासदियों को रोकने में बड़ी बाधा है। पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित होनी चाहिए कि क्या इस चरम कदम से ठीक पहले किसी पारिवारिक या व्यावसायिक दबाव के तहत कोई सुसाइड नोट छोड़ा गया था या किसी से अंतिम संवाद हुआ था।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

यह दुखद मामला मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और सार्वजनिक भवनों की वास्तुकला में सुरक्षात्मक खामियों को उजागर करता है। व्यावसायिक परिसरों में बिना मजबूत बैरिकेडिंग या नेटिंग के ऐसी बहुमंजिला संरचनाएं गंभीर जोखिम पैदा करती हैं। जांच एजेंसियों को अब तकनीकी साक्ष्यों जैसे कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट को खंगालकर उन अंतिम संपर्कों का पता लगाना चाहिए जो इस चरम कदम का तात्कालिक कारण बने।

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