भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से कोई द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का आयोजन नहीं हुआ है। दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी अब केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी और एशियाई क्रिकेट परिषद यानी एसीसी के आयोजनों में ही एक-दूसरे के आमने-सामने आते हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि दोनों देशों की टीमें एक-दूसरे के दौरे पर जाकर क्रिकेट खेलने से भी बचती हैं। इस बात का भारतीय क्रिकेट ढांचे पर कोई खास प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान इस दिशा में खासी बेचैनी दिखा रहा है। पाकिस्तान की तरफ से लगातार यह कोशिश की जा रही है कि किसी तरह भारत के साथ उसकी क्रिकेट राइवलरी को दोबारा हरी झंडी मिले और इसके लिए वह हर संभव कूटनीतिक और प्रशासनिक मंच का उपयोग करने में जुटा हुआ है।
दुबई में 22 और 23 सितंबर को होगी आईसीसी की बैठक
इस महीने की 22 और 23 तारीख को दुबई में आईसीसी का एक महत्वपूर्ण सेमिनार निर्धारित है। इस उच्च स्तरीय बैठक से ठीक पहले भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट रिश्तों को बहाल करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की योजना तीन या चार देशों के एक नए मल्टीनेशन टूर्नामेंट को अमल में लाने की है, जिसमें भारत और पाकिस्तान दोनों को मुख्य तौर पर शामिल किया जाए। इस पूरी योजना के तहत प्रस्तावित मुकाबलों के लिए किसी तटस्थ स्थल यानी न्यूट्रल वेन्यू का चयन करने का भी सुझाव दिया गया है। आने वाले इस सेमिनार में फ्यूचर टूर प्रोग्राम यानी एफटीपी पर भी गंभीर चर्चा होने की पूरी संभावना है, जहां पीसीबी इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से पटल पर रख सकता है। इस बैठक में आईसीसी के नुमाइंदों के साथ-साथ बीसीसीआई और पीसीबी समेत दुनिया भर के तमाम क्रिकेट बोर्डों के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे।
साल 2013 के बाद से ठप पड़ी हैं द्विपक्षीय सीरीज
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी बार पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज का आयोजन साल 2013 में हुआ था। उसके बाद से दोनों टीमों के बीच खेल के मैदान पर भिड़ंत केवल आईसीसी या एसीसी के बहु-देशीय टूर्नामेंटों तक ही सीमित होकर रह गई है। हालांकि, आगामी संभावित टूर्नामेंट को लेकर अभी तक यह स्थिति साफ नहीं हो पाई है कि इसका आयोजन टी20 प्रारूप में होगा या फिर पारंपरिक वनडे फॉर्मेट में खेला जाएगा। यदि इस प्रस्तावित प्रतियोगिता में भारत और पाकिस्तान के अलावा एक या दो अन्य टीमों को भी जोड़ लिया जाता है, तो यह एक पूर्ण बहु-देशीय श्रृंखला का रूप ले लेगी। हालांकि, केवल आईसीसी की हामी भर से यह बात आगे नहीं बढ़ेगी, क्योंकि जहां पाकिस्तान इसके लिए पूरी तरह तैयार बैठा है, वहीं बीसीसीआई को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत सरकार से आधिकारिक अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।
न्यूट्रल वेन्यू के रूप में इन देशों पर हो सकता है विचार
अब तक सामने आई जानकारियों के अनुसार, यदि यह क्रिकेटई कवायद आगे बढ़ती है और सहमति बनती है, तो मेजबानी के लिए संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई, इंग्लैंड या फिर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का चुनाव किया जा सकता है, जो दोनों टीमों के लिहाज से पूरी तरह से तटस्थ स्थान माने जाते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला कोई भी क्रिकेट मुकाबला खेल जगत में भारी व्यावसायिक लाभ और भारी भरकम दर्शक संख्या लेकर आता है, यही वजह है कि दुनिया का कोई भी क्रिकेट बोर्ड इस हाई-प्रोफाइल सीरीज की मेजबानी का अवसर अपने हाथ से जाने देना नहीं चाहेगा। अब खेल प्रेमियों की निगाहें 22 और 23 सितंबर को होने वाले इस सेमिनार पर टिकी हुई हैं कि क्या इस बहुप्रतीक्षित विषय पर कोई ठोस चर्चा होती है या नहीं और यदि चर्चा होती है, तो इसके क्या परिणाम सामने आते हैं।


















