घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट का रोमांच एक बार फिर अपने चरम पर पहुंचने वाला है, जहां दलीप ट्रॉफी के नए सत्र में देश के उभरते युवा खिलाड़ियों और अनुभवी दिग्गजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। इस बार टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहेंगे, जिन्होंने हाल के दिनों में टी20 क्रिकेट में अपने आक्रामक प्रदर्शन से काफी सुर्खियां बटोरी हैं। रविवार से शुरू हो रहे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। उनकी कोशिश होगी कि वे लाल गेंद के प्रारूप में भी अपने आंकड़ों को सुधारें और खुद को एक लंबी पारी के खिलाड़ी के रूप में स्थापित करें।
वैभव सूर्यवंशी के सामने रेड बॉल क्रिकेट की चुनौती और ईस्ट जोन का संतुलन
टी20 प्रारूप में मिली पहचान के बावजूद लाल गेंद के क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी का सफर अभी शुरुआती चरण में है। बिहार के लिए अब तक खेले गए 8 फर्स्ट क्लास मुकाबलों की 12 पारियों में वैभव का औसत 17 से कुछ ही अधिक रहा है, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 93 रन है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अभी अधिक अनुभव न होने के बावजूद क्षेत्रीय चयन समिति ने उनकी प्रतिभा पर गहरा भरोसा जताया है और उन्हें ईस्ट जोन की टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया है। टूर्नामेंट की अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम के खिलाफ यह मुकाबला वैभव के लिए बड़ी पारी खेलने और लाल गेंद से अपना आत्मविश्वास बहाल करने का बेहतरीन अवसर माना जा रहा है।
ईस्ट जोन की टीम इस बार बेहद मजबूत और संतुलित नजर आ रही है। कप्तान ईशान किशन की अगुवाई वाली इस टीम में भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम के कई दिग्गज और घरेलू क्रिकेट के स्टार खिलाड़ी शामिल हैं। टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन, विकेटकीपर कुमार कुशाग्र, ऑलराउंडर शाहबाज अहमद और तेज गेंदबाज मुकेश कुमार जैसे बड़े नाम मौजूद हैं। हालांकि दिग्गजों की इस मौजूदगी के बावजूद क्रिकेट प्रशंसकों और चयनकर्ताओं की निगाहें मुख्य रूप से 15 साल के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।
सेंट्रल जोन के खिलाड़ियों के लिए ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज में जगह बनाने की होड़
दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन का अभियान भी काफी अहम रहने वाला है, जहां टीम सीधे सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेगी। सेंट्रल जोन की ओर से आयुष पांडे और अमन मोखाडे पर खास नजरें रहेंगी, जो हाल ही में श्रीलंका में खेली गई 'ए' सीरीज में भारतीय दल का हिस्सा रहे थे। श्रीलंका दौरे पर शानदार खेल दिखाने के बाद ये दोनों युवा खिलाड़ी दलीप ट्रॉफी में भी अपने बेहतरीन फॉर्म को बरकरार रखना चाहते हैं। इस प्रतियोगिता में किया गया उम्दा प्रदर्शन उनके लिए आगामी ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए राष्ट्रीय चयन समिति का ध्यान आकर्षित करने का मुख्य जरिया बनेगा।
नॉर्थ जोन की कमान में ऐतिहासिक बदलाव और वेस्ट जोन से महामुकाबला
नॉर्थ जोन की टीम के इतिहास में इस बार एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक रूप से दिल्ली के खिलाड़ियों के दबदबे वाली नॉर्थ जोन की टीम में इस बार जम्मू और कश्मीर का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है। साल 2025-2026 की रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत ने इस बदलाव की नींव रखी। इसी का परिणाम है कि कन्हैया वधावन वरिष्ठ नॉर्थ जोन क्षेत्रीय टीम की कप्तानी करने वाले जम्मू और कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन गए हैं।
नॉर्थ जोन का सामना रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाली मजबूत वेस्ट जोन की टीम से होगा। हालांकि वेस्ट जोन को अपने प्रमुख बल्लेबाज सरफराज खान की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी, जो राष्ट्रीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर व्यस्त हैं। इसके बावजूद वेस्ट जोन में शार्दुल ठाकुर, मुंबई की सफल स्पिन जोड़ी तनुष कोटियन और शम्स मुलानी जैसे मैच विजेता खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं नॉर्थ जोन के पास रणजी फाइनल में दोहरा शतक जमा वाले कामरान इकबाल, शीर्ष स्कोरर आयुष दोजा, यश ढुल, आक्रामक बल्लेबाज आयुष बडोनी और कप्तान कन्हैया वधावन जैसे मजबूत खिलाड़ी शामिल हैं, जिससे वेस्ट और नॉर्थ जोन के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला होने की पूरी संभावना है।



















