युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आने वाले घरेलू सत्र में अपने खेल का एक नया रूप दिखाने की तैयारी में जुट गए हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपने विस्फोटक और आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले वैभव अब रेड बॉल क्रिकेट यानी लंबे प्रारूप की चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को ढाल रहे हैं। इस बदलाव की नींव रखने के लिए उन्होंने अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में पसीना बहाना शुरू कर दिया है। 23 अगस्त से शुरू होने जा रही दलीप ट्रॉफी में वैभव अपनी टीम ईस्ट जोन के लिए मैदान में उतरेंगे, जहां उन्हें उपकप्तानी की अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
नागपुर के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में विक्रम राठौर का मार्गदर्शन
वैभव सूर्यवंशी की रेड बॉल क्रिकेट की यह खास तैयारी महाराष्ट्र के नागपुर स्थित राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में चल रही है। यहां वे खेल की बारिकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस अभ्यास सत्र का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारतीय राष्ट्रीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच और राजस्थान रॉयल्स के सहायक कोच विक्रम राठौर खुद वैभव को तकनीक और शॉट चयन के गुर सिखा रहे हैं। विक्रम राठौर का विशाल अनुभव वैभव के लिए लाल गेंद के सामने अपने फुटवर्क, क्रीज पर टिकने के हुनर और लाइन-लेंथ को परखने की क्षमता को मजबूत करने में मददगार साबित हो रहा है।
दलीप ट्रॉफी में ईशान किशन की कप्तानी में उपकप्तानी
23 अगस्त से भारतीय घरेलू क्रिकेट का प्रमुख रेड बॉल टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी शुरू होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन की टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। टीम प्रबंधन ने युवा खिलाड़ी पर भरोसा जताते हुए उन्हें ईशान किशन की कप्तानी में उपकप्तान नियुक्त किया है। ईशान किशन जैसे अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज के साथ नेतृत्व की जिम्मेदारी साझा करना वैभव के लिए एक बड़ा अवसर है। यह भूमिका न केवल उनके बल्लेबाजी कौशल बल्कि मैदान पर उनके निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व गुणों को भी निखारेगी।
अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद रेड बॉल क्रिकेट का सपना
वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। अपने शुरुआती मुकाबलों में कठिन दौर से गुजरने के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई सीरीज में अपनी शानदार बल्लेबाजी क्षमता का परिचय दिया था और कुछ आकर्षक पारियां खेली थीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव हासिल करने के बाद अब वैभव का मुख्य ध्यान टेस्ट क्रिकेट की ओर मुड़ गया है। वैभव पहले भी कई बार टेस्ट प्रारूप में खेलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। दलीप ट्रॉफी का यह मंच उनके उस सपने को साकार करने की पहली बड़ी सीढ़ी माना जा रहा है।
आक्रामकता से हटकर धैर्य और संयम की परीक्षा
टी20 और वनडे क्रिकेट में वैभव का अंदाज हमेशा विपक्षी गेंदबाजों पर आक्रमण करने का रहा है, लेकिन रेड बॉल क्रिकेट का मिजाज पूरी तरह भिन्न होता है। दलीप ट्रॉफी में सफलता हासिल करने के लिए उन्हें अपनी आक्रामकता को नियंत्रित करते हुए जबरदस्त धैर्य और संयम का प्रदर्शन करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां केवल बड़े शॉट खेलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि मैच की परिस्थिति के अनुसार रक्षात्मक खेल खेलना, गेंद को छोड़ना और लंबे समय तक विकेट पर टिके रहना जरूरी होगा। नागपुर में चल रही यह विशेष तैयारी उनके क्रिकेटिंग टेंपरामेंट को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


















