केरल के कन्नूर में शादी का उत्सव चल रहा था और चारों तरफ खुशी का माहौल था। दुल्हन डॉ. शिरीन सुबैर अपने मंगेतर डॉ. रिजाज के साथ अपने जीवन की एक नई पारी की शुरुआत करने जा रही थीं। परिवार और मेहमान सभी पारंपरिक रस्मों-रिवाजों में पूरी तरह डूबे हुए थे। तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे समारोह का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शादी के दौरान कैटरिंग का काम संभाल रही दो महिलाओं की तबीयत अचानक काफी खराब हो गई। स्थिति यह थी कि उनमें से एक महिला की नाक से अचानक खून बहने लगा, जबकि दूसरी महिला को अत्यधिक चक्कर आने की वजह से खड़े रहने में परेशानी होने लगी।
सामान्य तौर पर ऐसे किसी भी बड़े पारिवारिक आयोजन में दुल्हन और उसके आसपास के लोग केवल शादी की तैयारियों और उत्सव में ही व्यस्त रहते हैं। लेकिन शिरीन ने एक डॉक्टर होने के नाते अपना फर्ज सबसे पहले निभाया। उन्होंने किसी भी तरह की देरी किए बिना अपनी शादी की चल रही रस्मों को बीच में ही कुछ समय के लिए रोक दिया और तुरंत उन दोनों अस्वस्थ महिलाओं के पास पहुंच गईं। उनके इस मानवतापूर्ण कदम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी तेजी से फैल रहा है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।
भारी शादी के जोड़े में भी नहीं भूक अपना पेशा
घटना के समय डॉ. शिरीन पूरी तरह से पारंपरिक दुल्हन के लिबास और भारी शादी के जोड़े में थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पोशाक की परवाह न करते हुए दोनों महिलाओं का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों को आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया। वहां मौजूद लोगों ने जब एक दुल्हन को इस तरह मरीजों की जान बचाते और उनकी मदद करते हुए देखा, तो पूरे आयोजन स्थल का माहौल ही बदल गया। हर कोई उनके इस संवेदनशीलता भरे अंदाज को देखता रह गया।
वीडियो सामने आने के बाद से इंटरनेट पर यूजर्स उनकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिरीन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि एक डॉक्टर के लिए किसी जरूरतमंद मरीज की सहायता करना केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। इस अप्रत्याशित घटना ने उस शादी के दिन को एक अलग और बेहद खास वजह से यादगार बना दिया।
सोशल मीडिया पर मिल रही जबरदस्त सराहना
यह पूरा वाकया सोशल मीडिया पर आने के बाद से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग डॉ. शिरीन सुबैर और डॉ. रिजाज की शादी के इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं। शादी के भव्य और भारी लिबास में जमीन पर बैठकर मरीजों की देखभाल करती हुई डॉक्टर दुल्हन की तस्वीरें लोगों के दिलों को छू रही हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे मानवता की एक बेहतरीन मिसाल करार दिया है।
डॉक्टर शिरीन के इस कदम ने यह दिखा दिया कि डॉक्टर होने का यह पवित्र दायित्व किसी खास समय या स्थान का मोहताज नहीं होता है। जब भी किसी मरीज को मदद की आवश्यकता हो, तो मानवता को सर्वोपरि रखना ही असली इंसानियत है। इंटरनेट पर हर कोई उनकी इस त्वरित सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना कर रहा है।



















