रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट मैच में किसी बल्लेबाज की असली परीक्षा उसकी तकनीक और धैर्य से होती है। लंबे प्रारूप में लगातार कई मुकाबलों तक अपनी फॉर्म बरकरार रखना और विरोधी गेंदबाजों पर हावी होना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती। क्रिकेट के 140 से अधिक वर्षों के लंबे इतिहास में केवल कुछ ही ऐसे महान बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने किसी एक ही टेस्ट सीरीज में रनों का ऐसा विशाल पहाड़ खड़ा किया जिसे देखकर दुनिया हैरान रह गई। इस सूची में शीर्ष स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के महानतम बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन का नाम आता है, जिनका लगभग 96 साल पुराना कीर्तिमान आज भी कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ सका है।
1. सर डॉन ब्रैडमैन - 1930 एशेज में 974 रनों का अजेय विश्व रिकॉर्ड
साल 1930 की एशेज सीरीज के दौरान जब ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी, तब सर डॉन ब्रैडमैन के बल्ले से ऐसा तूफान निकला जिसने क्रिकेट इतिहास के सारे पन्नों को नया आकार दे दिया। उस ऐतिहासिक सीरीज के 5 मुकाबलों की 7 पारियों में ब्रैडमैन ने 139.14 के अकल्पनीय औसत और 61.64 के स्ट्राइक रेट से कुल 974 रन बनाए। अपनी इस मैराथन बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने 4 शानदार शतक जड़े, जिसमें 334 रनों की एक यादगार पारी भी शामिल थी। ब्रैडमैन ने इस सीरीज में कुल 1580 गेंदों का सामना किया और 98 चौके जमाए। दिलचस्प बात यह रही कि पूरे 974 रन बनाने के सफर में उन्होंने एक भी छक्का नहीं लगाया। 90 से अधिक वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का यह कीर्तिमान अटूट बना हुआ है।
2. वॉली हैमंड - 1928-29 में 905 रनों की विशाल पारी
डॉन ब्रैडमैन के महा-रिकॉर्ड से ठीक एक सीरीज पहले इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज वॉली हैमंड ने एक ऐसा ही अद्भुत कीर्तिमान स्थापित किया था। 1928-29 के सत्र में जब इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर पहुंची, तब हैमंड ने कंगारू गेंदबाजों के खिलाफ रनों की बारिश कर दी। 5 मैचों की 9 पारियों में हैमंड ने 113.12 के बेमिसाल औसत से बल्लेबाजी करते हुए कुल 905 रन बटोरे। इस दौरान उन्होंने 4 शतक जड़े और 251 रनों का अपना सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाया। 2521 गेंदों तक पिच पर टिककर धैर्य का परिचय देने वाले हैमंड ने इस सीरीज में 94 चौके लगाए थे। ब्रैडमैन द्वारा 974 रन बनाए जाने से पहले तक हैमंड का यह प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट इतिहास में किसी एक सीरीज का सर्वोच्च स्कोर था।
3. मार्क टेलर - 1989 एशेज में 839 रनों की मैराथन बल्लेबाजी
इस सूची में तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्क टेलर का नाम दर्ज है। 1989 की मशहूर एशेज सीरीज में इंग्लैंड की धरती पर खेलते हुए मार्क टेलर ने अपनी मजबूत रक्षात्मक तकनीक और निरंतरता से मेजबान गेंदबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया था। उस दौरे पर खेले गए 6 टेस्ट मैचों की 11 पारियों में टेलर ने 83.90 के बेहतरीन औसत से 839 रन बनाए। उन्होंने 1866 गेंदों का सामना करते हुए अपनी बल्लेबाजी में 2 शतक और 5 अर्धशतक दर्ज किए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 219 रन रहा। टेलर के बल्ले से इस दौरान 91 शानदार चौके निकले, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने उस सीरीज में एकतरफा दबदबा बनाया था।
4. नील हार्वे - 1952/53 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 834 रन
चौथे पायदान पर ऑस्ट्रेलिया के ही एक और कलात्मक और वामहस्त बल्लेबाज नील हार्वे का नाम आता है। साल 1952/53 में जब दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आई थी, तब नील हार्वे का बल्ला पूरी सीरीज में जमकर गरजा। 5 टेस्ट मैचों की 9 पारियों में हार्वे ने 92.66 के शानदार औसत से 834 रन बनाए थे। उन्होंने अफ्रीकी आक्रमण के सामने 4 शतक और 3 अर्धशतक ठोके, जिसमें 205 रनों की एक बेहतरीन दोहरी शतकीय पारी भी शामिल थी। हार्वे की आक्रामक शैली और टाइमिंग ने पूरी सीरीज के दौरान विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में रखा। उन्होंने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान कुल 91 चौके लगाए थे।
5. विवियन रिचर्ड्स - 1976 में 829 रनों का विस्फोटक प्रदर्शन
इस महान सूची को पूरा करते हैं वेस्टइंडीज के सर्वकालिक महान और आक्रामक बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स। साल 1976 में जब वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी, तब रिचर्ड्स ने अपनी बेबाक और तूफानी बल्लेबाजी से क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया था। केवल 4 टेस्ट मैचों की 7 पारियों में रिचर्ड्स ने 118.42 के अविश्वसनीय औसत और 69.78 के तेज स्ट्राइक रेट से 829 रन ठोक दिए। महज 1188 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने 3 शतक और 2 अर्धशतक जड़े, जिसमें 291 रनों की एक बेहद आक्रामक पारी शामिल थी। उन्होंने अपनी इस पारी में 112 चौके और 4 छक्के लगाए, जो यह साबित करता है कि उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों का सामना किस निडर अंदाज में किया था।



















