रविवार को भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 श्रृंखला की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए पहली प्लेइंग इलेवन तय करना आसान नहीं है। सबसे बड़ा सवाल संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को लेकर है: सैमसन के अनुभव पर भरोसा किया जाए या सूर्यवंशी को फिर मौका मिले। कोच गौतम गंभीर और अय्यर के पास जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले दोनों को बराबर अवसर देकर संयोजन परखने की भी जरूरत है। यह चुनौती केवल रविवार की प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं है; जापान में एशियाई खेलों से पहले टीम किस संयोजन को आगे बढ़ाएगी, यह भी इसी फैसले से साफ होगा।
इंग्लैंड में दोनों को मिल चुके हैं मौके
इंग्लैंड में सूर्यवंशी को सैमसन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। मगर सीरीज के आखिरी मैच में समीकरण पलट गए और सैमसन को सूर्यवंशी से आगे रखा गया। टी20 प्रारूप में सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी को सफलता मिली है, जिससे सैमसन का दावा मजबूत होता है। सैमसन को तीन पारियों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्हें इंग्लैंड दौरे से बाहर करना अनुचित था। दूसरी ओर सूर्यवंशी को लेकर इतना उत्साह बना कि टीम प्रबंधन पर प्रशंसकों की मांग का असर दिखा, हालांकि प्रबंधन बार-बार कहता रहा है कि बाहरी आवाजें उसके फैसले पर असर नहीं डालतीं। यह उलटफेर दिखाता है कि दोनों खिलाड़ियों के दावे अभी खत्म नहीं हुए हैं। अफगानिस्तान के पास बुमराह जैसा गेंदबाज नहीं है, इसलिए वहां के गेंदबाजों के सामने सूर्यवंशी को फुटवर्क का इस्तेमाल न कर पाने पर भी बड़ी दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
शुक्रवार के अभ्यास में सैमसन ज्यादा स्थिर
शुक्रवार के अभ्यास सत्र में सैमसन की बल्लेबाजी सूर्यवंशी की तुलना में ज्यादा स्थिर दिखी। सूर्यवंशी को जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी के सामने सहज होने में समय लगा, क्योंकि पिच से बुमराह को मदद मिल रही थी। लाल गेंद के तीन लगातार मैच खेलने के बाद नई स्थितियों से तालमेल बनाने में उन्हें वक्त लग रहा हो सकता है। सैमसन की स्थिरता उनके पक्ष में अहम संकेत है, लेकिन कोई भी एक सत्र अंतिम फैसला तय नहीं करता। सूर्यवंशी को पहले ही मौका मिल चुका है, इसलिए शुक्रवार के प्रदर्शन को अकेले पढ़ना पूरा संदर्भ नहीं देगा।
ईशान की कमर की चोट खोल सकती है दो रास्ते
यदि ईशान किशन पहले मैच में नहीं खेल पाते, तो सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को साथ में अवसर मिल सकते हैं। ईशान को शुक्रवार के नेट अभ्यास के दौरान कमर में चोट लगी थी। दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में उनका स्कोर 270 और 80 रन रहा। भारत के लिए इसी प्रारूप में नियमित तौर पर खेलने के कारण वह खेलने के लिए बेताब होंगे। ईशान उपलब्ध रहे तो मुख्य मुकाबला वही रहेगा; अनुपलब्ध हुए तो सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को समायोजित करने की जगह बनेगी।
एशियाई खेलों से पहले अफगान गेंदबाजी की कड़ी परीक्षा
जापान में एशियाई खेलों से पहले अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला भारतीय टीम के लिए तैयारी का अहम और सुनहरा मौका है। अफगानिस्तान के स्पिन विभाग में राशिद खान, नूर अहमद और मुजीब उर रहमान जैसे गेंदबाज हैं। तेज गेंदबाजी विकल्पों में फजलहक फारूकी और नवीनुल हक शामिल हैं, जबकि गुलबदिन नायब और अजमतुल्लाह उमरजइ हरफनमौला भूमिका देते हैं। स्पिन, तेज और हरफनमौला विकल्पों का यह मिश्रण भारत को कई संयोजन परखने का मौका देता है। इन गेंदबाजों का सामना करने से एशियाई खेलों से पहले टीम की तैयारी को अच्छी कसौटी मिलेगी।
स्पिनर और तेज गेंदबाज के बीच अंतिम संतुलन
शीर्षक्रम की चुनौती के अलावा गेंदबाजी में भी गंभीर को फैसला लेना है। गंभीर ऑलराउंडरों पर अधिक भरोसा करते हैं, इसलिए अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की संभावना अधिक है। अब देखना होगा कि भारत वरूण चक्रवर्ती को तीसरे स्पिनर के रूप में उतारता है या यश ठाकुर को तेज गेंदबाजी के लिए चुनता है। वरूण का चयन तीसरा स्पिनर देगा, जबकि यश को मौका मिलने से तेज गेंदबाजी को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के साथ ऑलराउंडर नीतिश कुमार रेड्डी तेज गेंदबाजी की अगुआई संभालेंगे।
भारत और अफगानिस्तान के दस्ते
- भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन, जसप्रीत बुमराह, नीतिश कुमार रेड्डी, रवि बिश्नोई, संजू सैमसन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा, वैभव सूर्यवंशी, वरूण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर।
- अफगानिस्तान: इब्राहिम जदरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, दारविश रसूली, नूर उल रहमान, राशिद खान, मोहम्मद नबी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, नवीनुल हक, गुलबदिन नायब, अजमतुल्लाह उमरजइ, अब्दुल्लाह अहमदजइ, नांगेलिया खरोटे।



















