भारतीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनका नाम मैदान पर मौजूदगी से भी आगे निकलकर लगातार खेल प्रेमियों की बातचीत का हिस्सा बना रहता है। दिग्गज सुनील गावस्कर, कपिल देव, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे नामों ने अपने खेल और असर से ऐसी ही छाप छोड़ी है। अब इस कड़ी में युवा बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का नाम भी तेजी से जुड़ रहा है, जो मैच खेल रहे हों या डगआउट में हों, उनकी चर्चाएं हर जगह देखने को मिलती हैं।
ब्रॉडकास्टर के साथ खास बातचीत में साझा किए सपने
हाल ही में एक स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर के साथ बातचीत के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इच्छाओं की ब्लाइंड रैंकिंग से जुड़ा एक मनोरंजक रैपिड फायर राउंड खेला। इस सत्र में युवा बल्लेबाज से पूछा गया कि वह खेल के अलग-अलग ऐतिहासिक पलों और उपलब्धियों में से किसे सबसे ज्यादा प्राथमिकता देंगे। वैभव ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के अनुरूप ही अपनी प्राथमिकताओं को क्रमबद्ध किया।
वैभव सूर्यवंशी की छह प्राथमिकताओं का पूरा क्रम
इस रैंकिंग में वैभव ने सबसे पहला और शीर्ष स्थान एक ओवर की सभी छह गेंदों पर छह छक्के जड़ने के दुर्लभ कारनामे को दिया। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर इस खिलाड़ी का मानना है कि छह गेंदों पर छह छक्के लगाना उनकी सबसे बड़ी इच्छाओं में सबसे ऊपर आता है।
इसके बाद दूसरे पायदान पर उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के पूरे इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने की चुनौती को रखा। वह सबसे कम गेंदों में तिहरे अंक तक पहुंचने का कीर्तिमान अपने नाम करना चाहते हैं।
तीसरे नंबर पर वैभव ने क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा छक्का लगाने के सपने को चुना। चौथे स्थान पर उनकी पसंद रही भारत की तरफ से T20I में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड स्थापित करना, जिससे वह टीम के लिए लगातार बड़ी और मैच जिताऊ पारियां खेल सकें।
पांचवें स्थान पर उन्होंने किसी मुकाबले की आखिरी गेंद पर छक्का मारकर टीम को रोमांचक जीत दिलाने की स्थिति को रखा। वहीं छठे और अंतिम पायदान पर उन्होंने किसी ऐसे हैरतअंगेज कैच को लपकने की ख्वाहिश को रखा जो क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अमर हो जाए।
अंतर्राष्ट्रीय करियर और आंकड़ों पर एक नजर
वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ अपने अंतर्राष्ट्रीय टी20 करियर का आगाज किया था। इसके अलावा उन्होंने सबसे कम उम्र में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर खास उपलब्धि हासिल की थी। एशियन गेम्स के दौरान श्रीलंका के खिलाफ स्पिन की मददगार पिच पर खेली गई उनकी जुझारू पारी ने यह साबित किया कि वह सिर्फ तेज पिचों पर ही नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी तकनीक के साथ रन बना सकते हैं।
अब तक खेले गए अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में वैभव ने कुल 8 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन 8 मैचों की 8 पारियों में उन्होंने 30.75 की औसत और 186.36 के जबर्दस्त स्ट्राइक रेट के साथ 246 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके खाते में 2 अर्धशतक दर्ज हो चुके हैं, जिसमें उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर 81 रन का रहा है।



















