जापान में आयोजित ऐची नागोया एशियाई खेलों के पुरुष टी20 क्रिकेट स्पर्धा के रोमांचक फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से पराजित कर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। बिहार के रहने वाले वैभव ने महज 15 साल, 6 महीने और 6 दिन की उम्र में स्वर्ण पदक हासिल कर एशियाई खेलों में सबसे कम उम्र में यह मुकाम हासिल करने वाले भारतीय एथलीट बनने का गौरव हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने निशानेबाज सौरभ चौधरी का आठ साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
फाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से दी शिकस्त
जापान के मैदान पर खेले गए इस हाई वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय पारी की तेज शुरुआत खुद युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने की। उन्होंने क्रीज पर उतरते ही आक्रामक तेवर दिखाए और महज 9 गेंदों में दो शानदार छक्कों की मदद से 15 रन बनाकर टीम को तेज गति प्रदान की।
शुरुआती झटके के बाद मध्यक्रम में अभिषेक शर्मा ने पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए सिर्फ 28 गेंदों में 61 रनों की तूफानी पारी खेली। इसके बाद तिलक वर्मा ने भी ताबड़तोड़ अंदाज जारी रखा और केवल 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन ठोककर टीम का स्कोर 211 रन तक पहुंचाया। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की ओर से हसन नवाज ने जबर्दस्त संघर्ष दिखाया और 51 गेंदों पर 96 रनों की आतिशी पारी खेली। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों के भारी दबाव में भी अपना संयम बनाए रखा और पाकिस्तान को 192 रनों पर रोककर 19 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सौरभ चौधरी का आठ साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी से पहले एशियाई खेलों में भारत के लिए सबसे कम उम्र में स्वर्ण पदक जीतने का कीर्तिमान युवा निशानेबाज सौरभ चौधरी के नाम था। सौरभ ने साल 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जब स्वर्ण पदक जीता था, तब उनकी उम्र 16 साल, 3 महीने और 9 दिन थी। आठ साल तक कायम रहे इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को अब वैभव ने पीछे छोड़ते हुए 15 साल की उम्र में नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है।
एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले सबसे युवा शीर्ष 5 भारतीय
एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे कम उम्र में देश की झोली में स्वर्ण पदक डालने वाले युवा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में कई होनहार नाम शामिल हैं
- वैभव सूर्यवंशी (क्रिकेट): पहले पायदान पर मौजूद वैभव सूर्यवंशी ने 2026 ऐची नागोया एशियाई खेलों में 15 साल, 6 महीने और 6 दिन (लगभग 7 दिन) की उम्र में क्रिकेट स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।
- सौरभ चौधरी (निशानेबाजी): दूसरे स्थान पर मौजूद सौरभ चौधरी ने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 16 साल, 3 महीने और 9 दिन की उम्र में स्वर्ण हासिल किया था।
- कुमकुम मोहद (तीरंदाजी): तीसरे स्थान पर युवा तीरंदाज कुमकुम मोहद हैं, जिन्होंने 2026 के ऐची नागोया खेलों में महिला रिकर्व स्पर्धा के दौरान महज 17 साल की उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
- जी. कमलिनी (क्रिकेट): चौथे पायदान पर महिला क्रिकेटर जी. कमलिनी का नाम है, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु में 2026 ऐची नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर यह गौरव प्राप्त किया।
- पलक गुलिया (निशानेबाजी): पांचवें स्थान पर पिस्टल निशानेबाज पलक गुलिया हैं, जिन्होंने 2023 के हांगकांग एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 18 साल और 10 महीने की उम्र में स्वर्ण पदक जीता था।
इन युवा एथलीटों ने वैश्विक मंच पर बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करते हुए देश का मान बढ़ाया है और भारतीय खेलों के नए सुनहरे दौर की नींव रखी है।


















