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जीएसएमए बोर्ड के साथ बैठक में बोले नरेंद्र मोदी, साइबर फ्रॉड और एआई के लिए बनें वैश्विक मानकनेता जी
6 अक्तू॰ 2026, 10:24 pm (37 मिनट पहले)· 0

जीएसएमए बोर्ड के साथ बैठक में बोले नरेंद्र मोदी, साइबर फ्रॉड और एआई के लिए बनें वैश्विक मानक

नरेंद्र मोदी ने जीएसएमए बोर्ड के साथ बातचीत में ग्लोबल साउथ के लिए सस्ती तकनीक, साइबर अपराधों से निपटने और एआई पहचान के नियम तय करने पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय मोबाइल संगठन जीएसएमए के बोर्ड सदस्यों के साथ एक अहम संवाद के दौरान डिजिटल दुनिया के भविष्य और तकनीक से जुड़े नए खतरों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में डिजिटल क्रांति को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विकासशील देशों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की आवश्यकता रेखांकित की गई। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के आगामी आयोजन से ठीक पहले सामने आए इस विमर्श में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नियमन और ऑनलाइन धोखाधड़ी की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।

ग्लोबल साउथ के लिए तकनीक का लोकतंत्रीकरण

विकासशील और पिछड़े देशों, जिन्हें सामूहिक रूप से ग्लोबल साउथ कहा जाता है, उनके लिए आधुनिक कनेक्टिविटी और डिजिटल उपकरणों की पहुंच सस्ती और सुलभ बनाना अनिवार्य माना गया है। आधुनिक नवाचारों का लाभ केवल कुछ संपन्न देशों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों तक भी पहुंचे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसे संक्षेप में डीपीआई कहा जाता है, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को कई गुना तेज करने वाले एक प्रभावी माध्यम के तौर पर उभर रहा है। इसके जरिए सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार जमीनी स्तर पर संभव हो पाता है।

साइबर अपराधों की रोकथाम और वैश्विक नियम

इंटरनेट और स्मार्टफोन के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच साइबर फ्रॉड एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है। वित्तीय ठगी और ऑनलाइन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केवल पारंपरिक कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इनके समाधान भी आधुनिक तकनीक पर आधारित होने चाहिए। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के लिए दुनिया भर में एक समान मानक और सुरक्षा नियम स्थापित करने की आवश्यकता जताई गई। एआई द्वारा तैयार की गई फर्जी या भ्रामक सामग्री की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे आम उपयोगकर्ताओं को धोखे से बचाया जा सके।

बैठक में मुख्य बिंदुओं पर रहा फोकस

इस संवाद के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच X पर लिखा गया कि अंतिम छोर तक तकनीकी पहुंच, साइबर सुरक्षा के समाधान और नई तकनीकों के लिए साझा अंतरराष्ट्रीय नियम बेहद आवश्यक हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के पहले हुई इस चर्चा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल विकास के साथ-साथ सुरक्षा के कड़े सुरक्षात्मक उपाय भी समानांतर रूप से चलने चाहिए।

जनता की प्रतिक्रिया

इस बातचीत के मुख्य अंश सार्वजनिक होने के बाद इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई उपयोगकर्ताओं ने एआई कंपनियों की सीधी जवाबदेही तय करने और जमीनी स्तर पर साइबर सुरक्षा बढ़ाने के सुझाव दिए, जबकि कुछ लोगों ने व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर सवाल भी खड़े किए।

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सवाल-जवाब

नरेंद्र मोदी ने किस संस्था के बोर्ड सदस्यों के साथ यह बैठक की?
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल संगठन जीएसएमए के बोर्ड सदस्यों के साथ यह संवाद किया।
बैठक में ग्लोबल साउथ के संदर्भ में क्या बात कही गई?
ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों के लिए सस्ती तकनीकी पहुंच और डिजिटल संसाधनों के लोकतंत्रीकरण पर जोर दिया गया।
साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए किस तरह के उपायों पर जोर दिया गया?
साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक आधारित समाधान अपनाने की आवश्यकता बताई गई।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के संबंध में क्या सुझाव दिया गया?
उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक मानक तय करने और एआई द्वारा तैयार सामग्री की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने की बात कही गई।
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