इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में लगातार दो शर्मनाक हारों का सामना कर रही पाकिस्तान क्रिकेट टीम अब एक नए अंदरूनी विवाद से घिर गई है। टीम प्रबंधन और बोर्ड के फैसलों के खिलाफ खिलाड़ियों में असंतोष की लहर देखने को मिल रही है। 2 सितंबर को लंदन स्थित क्लेरेंस हाउस में ब्रिटिश सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय के साथ पाकिस्तानी स्क्वाड की एक औपचारिक मुलाकात रखी गई थी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में टीम से बाहर किए गए एक खिलाड़ी ने पीसीबी के रुख और अनुचित बर्ताव के विरोध में जाने से साफ इंकार कर दिया। इस घटना के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में पाकिस्तान टीम के अंदरूनी अनुशासन और प्रबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्लेरेंस हाउस में शाही बैठक और खिलाड़ी का बहिष्कार
दौरे के बीच में ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा 7 खिलाड़ियों को स्वदेश वापस भेजने का फैसला लिए जाने के बाद से ही खिलाड़ियों के बीच भारी असंतोष बना हुआ है। इसके बावजूद, पीसीबी की तरफ से पूरे दल को क्लेरेंस हाउस जाकर किंग चार्ल्स तृतीय से मिलने की सख्त हिदायत दी गई थी। इस निर्देश का पालन करते हुए बाहर किए गए सात खिलाड़ियों में से चार क्रिकेटर (मुहम्मद अवैस जफर, आमिर जमाल, खुर्रम शहजाद और अली उस्मान) शाही कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन, सातवें खिलाड़ी ने बोर्ड के इस अप्रत्याशित और सख्त फैसले के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए इस प्रतिष्ठित मुलाकात से दूरी बनाए रखने का रास्ता चुना।
पीसीबी की गाज और 7 खिलाड़ियों को बाहर करने का फैसला
इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती दो टेस्ट मुकाबलों में पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। मैदान पर खिलाड़ियों की ओर से किसी भी तरह का जुझारूपन या संघर्ष देखने को नहीं मिला, जिसके बाद पीसीबी ने कड़े कदम उठाते हुए 7 खिलाड़ियों को सीधे स्क्वाड से बाहर करने का निर्णय लिया। क्रिकेट बोर्ड के इस आक्रामक और अचानक उठाए गए कदम पर खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों की ओर से लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों की छुट्टी करने से टीम का माहौल प्रभावित हुआ है और ड्रेसिंग रूम के भीतर नाराजगी की स्थिति पैदा हो गई है।
बाबर आज़म की अगुवाई और एजबेस्टन टेस्ट की चुनौती
पाकिस्तानी टेस्ट टीम पिछले एक साल से लगातार खराब दौर से गुजर रही है। लाल गेंद के क्रिकेट में गिरते प्रदर्शन को संभालने के लिए बोर्ड ने नेतृत्व में बदलाव करते हुए शान मसूद से कप्तानी वापस ले ली थी और जिम्मेदारी एक बार फिर बाबर आज़म के कंधों पर सौंप दी थी। हालांकि, कप्तानी में इस बदलाव के बाद भी मैदान पर नतीजों में कोई खास सुधार नहीं आया है और टीम लगातार दबाव में दिख रही है। अब तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला 9 सितंबर से एजबेस्टन स्टेडियम में खेला जाना है। पहले दो मैच गंवाने के बाद पाकिस्तान के सामने इस अंतिम टेस्ट में अपनी साख बचाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी। स्क्वाड से सात खिलाड़ियों के बाहर होने के कारण एजबेस्टन टेस्ट की प्लेइंग 11 में व्यापक फेरबदल होना तय माना जा रहा है।



















