इंग्लैंड की सरजमीं पर खेली जा रही टेस्ट सीरीज के दौरान पाकिस्तानी खेमे में उथल-पुथल मच गई है। शुरुआती दोनों मुकाबलों में करारी हार झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आंतरिक स्तर पर अनुशासनहीनता के मामलों की समीक्षा शुरू कर दी है। हेडिंग्ले और लॉर्ड्स के मैदानों पर शिकस्त मिलने के बाद प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से ही वापस वतन भेज दिया है। इस बड़े प्रशासनिक फैसले से क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
स्वदेश लौटने वाले खिलाड़ियों के समूह में विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक और टी20 कप्तान सलमान अली आगा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। बोर्ड के इस कड़े रुख के पीछे ड्रेसिंग रूम के माहौल और खिलाड़ियों के आचरण से जुड़ी तमाम शिकायतें बताई जा रही हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशंस निदेशक आमिर मीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया की पुष्टि की है।
कोचिंग स्टाफ में बदलाव और बोर्ड की हिदायत
खिलाड़ियों के अलावा टीम प्रबंधन के स्तर पर भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी सीरीज पूरी होने से पहले ही पाकिस्तान लौटने का निर्देश दिया गया। उनकी जगह अब माइक हेसन और एश्ले नॉफ्के को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पाकिस्तानी कोच माइक हेसन ने इस पूरी प्रक्रिया से खुद को अलग करते हुए बयान दिया कि खिलाड़ियों को बाहर करने के निर्णय से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही विभिन्न अफवाहों को लेकर भी चेतावनी जारी की है। बोर्ड का कहना है कि विरोधी खेमे और बाहरी स्रोतों से आने वाली अप्रमाणित खबरों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच प्रक्रिया तय नियमों के दायरे में रहकर पूरी की जा रही है और प्रभावित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
तीसरे टेस्ट की चुनौती और पूर्व खिलाड़ियों के सवाल
पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अगुवाई में लिए गए इन फैसलों पर कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने तीखे सवाल खड़े किए हैं। विदेशी दौरे के बीच में इस तरह अचानक आधा दर्जन से ज्यादा खिलाड़ियों और शीर्ष कोचिंग स्टाफ को वापस बुलाना पाकिस्तान क्रिकेट में चर्चा का मुख्य विषय बन चुका है। बर्मिंघम में होने वाले आगामी तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच पर अब हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं।
यह आखिरी मुकाबला आगामी 9 सितंबर से खेला जाएगा। बाबर आजम की कप्तानी वाली संशोधित पाकिस्तानी टीम के सामने अब सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने की कठिन चुनौती होगी। मैदान के बाहर चल रहे इस अंदरूनी विवाद के बीच टीम के लिए मैदान पर वापसी करना और इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है।



















