भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 चक्र के दृष्टिकोण से यह दौरा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पहला मुकाबला शुरू होने से पहले ही कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन को प्लेइंग 11 का चयन करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। खिलाड़ियों की चोटों और टीम संतुलन से जुड़े सवालों ने संयोजन को जटिल बना दिया है। गॉल टेस्ट से पूर्व भारतीय टीम तीन दिवसीय अभ्यास मैच में हिस्सा लेगी, लेकिन जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर की अनुपस्थिति ने शुरुआती रणनीति को प्रभावित किया है। ऐसे में भारतीय कप्तान के समक्ष तीन मुख्य विभागों में अंतिम एकादश चुनने की बड़ी चुनौती होगी।
नंबर तीन बल्लेबाजी क्रम पर बना हुआ है संशय
भारतीय टीम की सबसे प्राथमिक चिंता बल्लेबाजी क्रम में नंबर तीन के स्थान को लेकर है। युवा खब्बू बल्लेबाज साई सुदर्शन चोटिल होने के कारण इस समय पूरी तरह फिट नहीं हैं। वह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि वह जल्द ही नेट पर अभ्यास शुरू करेंगे और तीन दिवसीय वार्म-अप मैच से पूर्व श्रीलंका में टीम से जुड़ जाएंगे, लेकिन पहले टेस्ट मैच में उनकी भागीदारी अभी तय नहीं मानी जा रही है। यदि साई सुदर्शन समय रहते मैच फिटनेस हासिल करने में विफल रहते हैं, तो चयनकर्ताओं को देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल में से किसी एक पर दांव लगाना होगा। देवदत्त पडिक्कल विशुद्ध रूप से शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं, जबकि ध्रुव जुरेल ने अपने शुरुआती टेस्ट मौकों में जुझारू पारियां खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की है। ऐसे में प्रबंधन के लिए इन दोनों में से सही विकल्प का चयन करना दिलचस्प रहेगा।
बुमराह की गैरमौजूदगी में पेस अटैक की नई रणनीति
तेज गेंदबाजी आक्रमण में भारत को सबसे बड़ा झटका जसप्रीत बुमराह के बाहर होने से लगा है। चोट के कारण जसप्रीत बुमराह इस पूरी सीरीज का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं, जिससे नए गेंद के संयोजन पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पेस अटैक की कमान संभालेंगे। हालांकि, मोहम्मद सिराज का साथ देने के लिए दूसरे मुख्य तेज गेंदबाज के चयन पर अब भी संशय बरकरार है। अनुभव के पैमाने पर प्रसिद्ध कृष्णा को प्लेइंग 11 में शामिल किए जाने का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दूसरी तरफ, घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर पहली बार राष्ट्रीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले आकिब नबी भी रेस में बने हुए हैं। आकिब नबी को टीम में जसप्रीत बुमराह के स्थान पर ही शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त युवा गेंदबाज गुरनूर बराड़ भी टीम में शामिल हैं, जिससे टीम प्रबंधन को अनुभव और मौजूदा फॉर्म के बीच सही संतुलन चुनना होगा।
गॉल की टर्निंग पिच पर तीन स्पिनरों के साथ उतरने का विकल्प
श्रीलंका के गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है। परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय टीम मैदान पर तीन प्रमुख स्पिनरों के साथ उतरने की योजना बना सकती है। अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की टेस्ट सेटअप में वापसी लगभग तय मानी जा रही है, जो गेंद और बल्ले दोनों से संतुलन प्रदान करेंगे। रविंद्र जडेजा के साथ विशेषज्ञ लेग स्पिनर कुलदीप यादव को दूसरे स्पिनर के रूप में अंतिम 11 में शामिल किए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, भारतीय दल में मानव सुथार और सारांश जैन के रूप में दो और विकल्प मौजूद हैं। मानव सुथार ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपने पदार्पण टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया था, वहीं सारांश जैन को घरेलू स्तर पर लगातार प्रदर्शन का इनाम देते हुए पहली बार टेस्ट स्क्वॉड में चुना गया है।
श्रीलंका दौरे के लिए घोषित 15 सदस्यीय भारतीय टीम
दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए घोषित भारतीय स्क्वॉड इस प्रकार है
- कप्तान: शुभमन गिल
- उप-कप्तान: केएल राहुल
- बल्लेबाज: यशस्वी जयसवाल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल
- विकेटकीपर: ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल
- ऑलराउंडर: रविंद्र जडेजा
- स्पिनर्स: कुलदीप यादव, मानव सुथार, सारांश जैन
- तेज गेंदबाज: मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकिब नबी, गुरनूर बराड़



















