श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से गॉल के ऐतिहासिक मैदान पर शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। गॉल के मैदान पर सूरज की तपिश और भारी उमस के बीच खिलाड़ी अभ्यास सत्र में जमकर पसीना बहा रहे हैं। इस ट्रेनिंग सेशन के दौरान सभी की नजरें विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल पर केंद्रित हैं, जो नेट में घंटों मेहनत कर रहे हैं। हर गेंद पर ध्यान लगाने और अपने शॉट्स में सुधार करने की जुरेल की यह कोशिश केवल एक सामान्य अभ्यास नहीं है, बल्कि उनके टेस्ट करियर की एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। 15 अगस्त को होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले के लिए टीम प्रबंधन के पास प्लेइंग इलेवन का चयन करने की एक बड़ी पहेली बनी हुई है।
गॉल की टर्निंग पिच पर स्पिनर्स का दबदबा और जुरेल का हालिया फॉर्म
ध्रुव जुरेल को फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन में उन्हें शामिल किया जाएगा या नहीं। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच का इतिहास रहा है कि वह बल्लेबाजों के लिए बेहद कठिन साबित होती है और स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल काम करती है। धीमी गति की पिच और टर्निंग ट्रैक पर मेजबान टीम के मुख्य स्पिनर प्रभात जयसूर्या की अगुवाई वाला खतरनाक स्पिन आक्रमण किसी भी विपक्षी बल्लेबाजी लाइनअप के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। जुरेल का अपना हालिया रिकॉर्ड भी उनके पक्ष में नजर नहीं आ रहा है। अपनी पिछली सात पारियों में जुरेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जहां उन्होंने 44, 6, 14, 13, 0, 2 और 19 रन के स्कोर बनाए हैं। इन सात पारियों में से पांच बार वे स्पिन गेंदबाजों का शिकार बने हैं। यही वजह है कि घूमती गेंदों के सामने उनका यह संघर्ष चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
अहमदाबाद में मिली सफलता से लेकर हालिया गिरावट तक का सफर
वक्त का पहिया किस तरह तेजी से बदलता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ध्रुव जुरेल का हालिया टेस्ट करियर है। पिछले साल अक्टूबर में जब वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आई थी, तब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में जुरेल का बल्ला जमकर बोला था। भारत ने वह मुकाबला एक पारी और 140 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया था। उस मैच में ध्रुव जुरेल ने सबसे ज्यादा 125 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी और उनके शानदार प्रदर्शन से पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा था। उस समय क्रिकेट जगत ने सर्वसम्मति से उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट का अगला मुख्य विकेटकीपर बल्लेबाज माना था। हालांकि, उस यादगार शतक के बाद जुरेल के लिए समय काफी कठिन रहा है और अगली सात पारियों के आंकड़े उनके लिए एक बुरे सपने की तरह साबित हुए हैं।
सरफराज खान का बुलावा और मध्यक्रम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारतीय टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज साई सुदर्शन के चोटिल होकर इस टेस्ट सीरीज से बाहर हो जाने के बाद चयनकर्ताओं ने मध्यक्रम के बल्लेबाज सरफराज खान को आपात स्थिति में श्रीलंका बुलाया है। सरफराज के टीम में आने से ध्रुव जुरेल पर प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रखने का दबाव और बढ़ गया है। सरफराज खान को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ एक माहिर बल्लेबाज माना जाता है, जो आक्रामक अंदाज में स्वीप, रिवर्स स्वीप और कट शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। इसके विपरीत, ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी शैली संयमित है, जहां वे गेंदबाज द्वारा गलती किए जाने का इंतजार करते हैं। टेस्ट क्रिकेट में जुरेल की यह रक्षात्मक तकनीक काफी अच्छी मानी जाती है, लेकिन जब कोई बल्लेबाज बार-बार स्पिन गेंदबाजों के जाल में फंसकर आउट होता है, तो उनकी इस शैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विशेषज्ञ बल्लेबाज की भूमिका और पूर्व दिग्गजों का नजरिया
वर्तमान में ऋषभ पंत भारतीय टेस्ट टीम के नंबर एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में स्थापित हैं। ऐसे में ध्रुव जुरेल जब भी अंतिम एकादश का हिस्सा बनते हैं, तो उन्हें बतौर विशेषज्ञ बल्लेबाज ही टीम में जगह मिलती है। लेकिन अगर जुरेल का बल्ला इसी तरह खामोश रहा, तो टीम में उनकी जगह को खतरा पैदा हो सकता है, ठीक उसी तरह जैसे पूर्व में ऋषभ पंत ने वृद्धिमान साहा को प्रतिस्थापित किया था। इस परिस्थिति पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी खुलकर अपनी बात रखी है। कैफ ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए बनाई गई अपनी प्लेइंग इलेवन में ध्रुव जुरेल की जगह सरफराज खान को शामिल किया है। गॉल की गर्मी के बीच जुरेल इस चुनौती से बखूबी वाकिफ हैं। यही कारण है कि वे अभ्यास सत्र में केवल बल्लेबाजी पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे, बल्कि फील्डिंग में भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने स्लिप कॉर्डन में शानदार कैच लपककर अपनी उपयोगिता साबित करने की पूरी कोशिश की है।
इंडिया ए की शतकीय पारी और केएल राहुल से नेट में चर्चा
ध्रुव जुरेल के लिए गॉल का मैदान नया नहीं है, क्योंकि कुछ हफ्ते पहले ही वे इंडिया ए टीम की कप्तानी करते हुए इसी मैदान पर श्रीलंका आए थे। उस समय उन्होंने गॉल में एक मुकाबले में नाबाद 141 रनों की जुझारू और समझदारी भरी पारी खेली थी। हालांकि, इस मुख्य दौरे पर आने के बाद हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ खेले गए वार्मअप मैच में वे 9 गेंदों का सामना करके केवल 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। गॉल में नेट प्रैक्टिस के दौरान जुरेल और भारत के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल के बीच लंबी बातचीत भी देखने को मिली। जुरेल शायद केएल राहुल से यही समझने का प्रयास कर रहे थे कि गॉल की टर्निंग पिच पर श्रीलंकाई स्पिनर्स का सामना किस रणनीति के तहत किया जाए।



















