रणजी ट्रॉफी 2025-26 सत्र की उपविजेता रही कर्नाटक क्रिकेट टीम ने आगामी घरेलू सत्र के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने एक बड़ा प्रशासनिक और रणनीतिक कदम उठाते हुए टीम इंडिया के पूर्व अंतरराष्ट्रीय तेज गेंदबाज विनय कुमार को राज्य की सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। 42 वर्षीय विनय कुमार इस पद पर येरे गौड़ का स्थान लेंगे। राज्य संघ का यह निर्णय आगामी सत्र में टीम के प्रदर्शन को और बेहतर करने तथा युवा खिलाड़ियों को एक अनुभवी मार्गदर्शक का मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सहायक कोच और आगामी घरेलू सत्र का कार्यक्रम
कोचिंग सेटअप के पुनर्गठन के तहत केवल मुख्य कोच के पद पर ही बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि सपोर्ट स्टाफ में भी एक अहम नियुक्ति की गई है। कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज दीपक चौगुले को टीम के नए फील्डिंग कोच के रूप में विनय कुमार के साथ जोड़ा गया है। यह नया कोचिंग स्टाफ आगामी घरेलू सत्र के लिए खिलाड़ियों की तैयारियों का खाका तैयार करेगा। कर्नाटक की टीम अपने नए घरेलू अभियान की शुरुआत रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दौरान 11 अक्टूबर से करने जा रही है, जहां उनका पहला मुकाबला आंध्र की टीम से होगा। दिलचस्प बात यह है कि इस नई जिम्मेदारी को स्वीकार करने से ठीक पहले विनय कुमार महाराजा टी20 ट्रॉफी में हुबली टाइगर्स टीम की कप्तानी की कमान संभाल रहे थे।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय करियर का लेखा-जोखा
विनय कुमार का चयन उनके वृहद क्रिकेट अनुभव और घरेलू मैदान पर बनाए गए रिकॉर्ड्स के आधार पर किया गया है। साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा करने वाले विनय कुमार का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बेहद शानदार और असरदार करियर रहा है। उन्होंने कर्नाटक और घरेलू क्रिकेट में कुल 139 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें उनके नाम 504 विकेट दर्ज हैं। इसके अलावा, रणजी ट्रॉफी के पूरे इतिहास में एक तेज गेंदबाज के तौर पर सबसे ज्यादा 442 विकेट लेने का अटूट रिकॉर्ड आज भी विनय कुमार के ही नाम दर्ज है।
अगर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए क्रिकेट के तीनों प्रारूपों टेस्ट, वनडे और टी20 में प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने देश के लिए 1 टेस्ट मैच खेला जिसमें 1 विकेट हासिल किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 31 वनडे मैचों में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर कुल 38 विकेट चटकाए। वहीं, 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 10 विकेट अपने नाम किए थे।
कप्तानी में 'डबल-ट्रेबल' का इतिहास और आईपीएल में कोचिंग अनुभव
कर्नाटक क्रिकेट के साथ विनय कुमार का नाता बेहद ऐतिहासिक रहा है। उनकी कप्तानी के दौर में कर्नाटक की टीम ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपना दबदबा कायम किया था। साल 2013 से 2015 के बीच विनय कुमार के नेतृत्व में कर्नाटक ने लगातार दो सीजन में रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और ईरानी कप के खिताब जीतकर एक अनोखा 'डबल-ट्रेबल' हासिल करने का कारनामा किया था, जिसे भारतीय घरेलू क्रिकेट के स्वर्णिम दौर में गिना जाता है।
खिलाड़ी के रूप में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी उनका सफर सफल रहा है। वह साल 2014 में आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम के सदस्य थे। इसके अलावा, साल 2015 और 2017 में आईपीएल का खिताब अपने नाम करने वाली मुंबई इंडियंस के स्क्वाड में भी विनय कुमार शामिल थे। मैदान पर सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग की दुनिया में भी अपनी उपयोगिता साबित की है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए टैलेंट स्काउट की भूमिका निभा चुके हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) में एमआई एमिरेट्स टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।



















