भारतीय क्रिकेट टीम का श्रीलंका दौरा शुरू होने वाला है और इसके साथ ही प्रशंसकों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। भले ही श्रीलंकाई टीम को वर्तमान समय में सबसे खतरनाक टेस्ट टीमों में न गिना जाता हो, लेकिन उनके घरेलू मैदानों पर उन्हें हराना कभी भी आसान चुनौती नहीं रहा है। इस श्रृंखला में भारत के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य अपने 18 साल पुराने अजेय रिकॉर्ड को बनाए रखना है। भारतीय टीम वर्ष 2008 के बाद से श्रीलंकाई सरजमीं पर कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी है। हालांकि, कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में हालिया समय में मिले कुछ झटकों को देखते हुए इस रिकॉर्ड पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
गॉल में 15 अगस्त से पहला मुकाबला, अभ्यास मैच में दिखे चिंताजनक संकेत
दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज का पहला आधिकारिक मुकाबला 15 अगस्त से गॉल के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। इस मुख्य मुकाबले से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों को परखने के लिए 7 अगस्त से तीन दिवसीय अभ्यास मैच में उतर चुकी है। हालांकि, अभ्यास मैच के पहले ही दिन भारतीय खेमे के लिए अच्छी खबरें नहीं आईं। श्रीलंका इलेवन के बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाज विकेट निकालने के लिए तरसते नजर आए। मैदान पर गेंदबाजों की बेबसी ने टीम प्रबंधन की सिरदर्दी बढ़ा दी है।
गेंदबाजी आक्रमण की इस लाचारी के पीछे एक मुख्य कारण तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति भी है। श्रृंखला की शुरुआत से पहले ही जसप्रीत बुमराह बाहर हो चुके हैं, जिससे भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ कमजोर पड़ गई है। अभ्यास मैच में प्रमुख गेंदबाजों को विकेट न मिलना यह संकेत दे रहा है कि गॉल टेस्ट से पहले टीम इंडिया को अपनी रणनीतियों में भारी सुधार करने की जरूरत है।
2008 में अनिल कुंबले की कप्तानी में मिली थी आखिरी शिकस्त
श्रीलंका की धरती पर भारत को आखिरी टेस्ट सीरीज हार का सामना वर्ष 2008 में करना पड़ा था। उस समय भारतीय टीम की कप्तानी अनिल कुंबले संभाल रहे थे। उस तीन मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में श्रीलंका ने शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट में वापसी करते हुए मुकाबला जीता और सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। हालांकि, तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच में श्रीलंकाई टीम ने बाजी मारकर श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली थी।
उस ऐतिहासिक हार के बाद से भारत जब भी टेस्ट श्रृंखला खेलने श्रीलंका गया, उसने हमेशा विजेता बनकर ही वापसी की है। 18 वर्षों से चला आ रहा यह सिलसिला भारतीय क्रिकेट की मजबूती का प्रतीक रहा है। लेकिन मौजूदा दौर में जिस तरह शुभमन गिल के नेतृत्व में टीम इंडिया ने हाल में कुछ महत्वपूर्ण सीरीज गंवाई हैं, उसे देखते हुए इस बार मुकाबला काफी कड़ा होने की संभावना है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका और शुभमन गिल की चुनौती
यह टेस्ट श्रृंखला केवल एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं है, बल्कि यह आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस समय चैंपियनशिप की अंक तालिका में भारतीय टीम काफी निचले पायदान पर खिसक चुकी है। यद्यपि फाइनल में पहुंचने की भारतीय संभावनाएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं, परंतु इस सीरीज में किसी भी तरह की गिरावट उनके समीकरणों को पूरी तरह बिगाड़ सकती है। यदि टीम इंडिया यहां अंक गंवाती है, तो फाइनल की राह बेहद कठिन हो जाएगी।
ऐसी स्थिति में कप्तान शुभमन गिल पर दोहरी जिम्मेदारी आ गई है। उन्हें न केवल ऊपरी क्रम में बल्ले से बड़ी पारियां खेलकर टीम को मजबूती देनी होगी, बल्कि मैदान पर अपने कप्तानी कौशल से भी विरोधी टीम को पछाड़ना होगा। अगर भारतीय कप्तान इस दोहरे दबाव से निकलने में नाकाम रहते हैं, तो श्रीलंकाई टीम निश्चित रूप से इस स्थिति का फायदा उठाकर बड़ा उलटफेर कर सकती है।



















