श्रीलंका की मेजबानी में खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम पूरी तरह तैयार है, जिसका पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शुरू होगा। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ संघर्षपूर्ण रहा है, इसलिए यह सीरीज टीम इंडिया के लिए एक कठिन परीक्षा मानी जा रही है। भले ही श्रीलंकाई टीम को कागजों पर भारतीय टीम की तुलना में कम मजबूत माना जाता हो, लेकिन अपने घरेलू मैदानों पर उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। गॉल के मैदान पर मेजबान टीम की सबसे बड़ी ताकत उनके दो प्रमुख स्पिनर प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस साबित हो सकते हैं, जिनका सामना करना किसी भी विदेशी टीम के लिए आसान नहीं रहा है।
गॉल के मैदान पर प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस का खतरनाक रिकॉर्ड
गॉल टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस की स्पिन जोड़ी खड़ी करेगी। इस ऐतिहासिक मैदान पर दोनों गेंदबाजों का गेंदबाजी रिकॉर्ड असाधारण रहा है और दोनों ने मिलकर यहां कुल 150 के करीब विकेट चटकाए हैं। गॉल की पिच पर मिलने वाली टर्न और बाउंस का यह जोड़ी पूरा फायदा उठाती है, जिससे विरोधी टीमों के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
प्रभात जयसूर्या के गॉल स्टेडियम में आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने यहां खेले 11 टेस्ट मैचों में 26.62 के शानदार औसत से कुल 81 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान जयसूर्या ने 9 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया है, जबकि 2 बार एक मैच में 10 या उससे अधिक विकेट झटके हैं। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और गेंद को टर्न कराने की क्षमता गॉल में हमेशा असरदार साबित हुई है।
जयसूर्या के जोड़ीदार रमेश मेंडिस भी गॉल के मैदान पर विरोधी बल्लेबाजों के लिए उतने ही घातक साबित हुए हैं। मेंडिस ने इस स्टेडियम में अब तक 12 टेस्ट मैच खेले हैं और 26.43 के औसत से 61 विकेट अपने नाम किए हैं। रमेश मेंडिस ने गॉल में 5 बार एक पारी में 5 विकेट हॉल लिया है और 1 बार एक मैच में 10 विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की है। दोनों स्पिनरों का यह तालमेल भारतीय टीम की बल्लेबाजी क्रम के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगा।
भारतीय टीम उतार सकती है तीन बाएं हाथ के स्पिनर
गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच हमेशा से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है और भारतीय टीम प्रबंधन इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है। परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया 15 अगस्त से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग 11 में तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को शामिल करने का विचार कर सकती है। अगर यह रणनीति अपनाई जाती है तो कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा के साथ युवा स्पिनर मानव सुथार को भी अंतिम एकादश में मौका दिया जा सकता है, जिससे भारतीय स्पिन आक्रमण को विविधता और मजबूती मिलेगी।
गॉल में भारत और श्रीलंका का आमने-सामने का रिकॉर्ड
गॉल के मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा है। इस स्टेडियम में दोनों देशों के बीच अब तक कुल 5 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से श्रीलंकाई टीम ने अपनी घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए 3 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि भारतीय टीम 2 मुकाबलों में विजय हासिल करने में सफल रही है। दोनों टीमों के बीच दो मैचों की इस श्रृंखला के पहले मुकाबले में जो भी टीम स्पिन की चुनौती से बेहतर तरीके से निपटेगी, उसके पास बढ़त हासिल करने का बेहतरीन मौका होगा।



















