टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में जब भी महान और दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाजों की चर्चा होती है, तो क्रिकेटप्रेमियों के जेहन में सबसे पहले महेंद्र सिंह धोनी, एडम गिलक्रिस्ट या कुमार संगाकारा जैसे खिलाड़ियों के नाम आते हैं। लेकिन अगर यह कहा जाए कि टेस्ट फॉर्मेट में बतौर विकेटकीपर सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड इन तीनों दिग्गजों में से किसी के भी नाम नहीं है, तो शायद पहली बार में इस पर यकीन करना मुश्किल हो। हालांकि, यह पूरी तरह सच है और इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को जिम्बाब्वे के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एंडी फ्लावर ने अपने नाम किया था। उनके इस अद्भुत कारनामे को आज 26 साल बीत चुके हैं, लेकिन दुनिया भर का कोई भी विकेटकीपर बल्लेबाज इस मुकाम तक नहीं पहुंच सका है। इस प्रतिष्ठित सूची में कुमार संगाकारा एक बार इस रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब जरूर पहुंचे थे, लेकिन वे महज तीन रनों से चूक गए थे।
एंडी फ्लावर की ऐतिहासिक नाबाद 232 रन की पारी
जिम्बाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज एंडी फ्लावर ने भारत के खिलाफ नागपुर में खेले गए टेस्ट मुकाबले में यह अविश्वसनीय पारी खेली थी। उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का डटकर मुकाबला करते हुए 444 गेंदों का सामना किया और अंत तक नाबाद रहते हुए 232 रनों का विशाल स्कोर बनाया। एंडी फ्लावर की इस मैराथन पारी में 30 शानदार चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 52.25 का रहा था। फ्लावर ने अपनी इस पारी के दौरान करीब 544 मिनट तक क्रीज पर समय बिताया और अपनी बेहतरीन तकनीक से भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह से थका दिया था। उनकी इस पारी की सबसे बड़ी ताकत उनका असाधारण धैर्य था। 444 गेंदों का सामना करना यह साफ बयां करता है कि उन्होंने किस तरह मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहकर लंबे समय तक टिककर बल्लेबाजी की और अपनी टीम के लिए एक विशाल स्कोर खड़ा किया।
धोनी और गिलक्रिस्ट भी इस महारिकॉर्ड से पीछे
इस खास सूची में भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार और दिग्गज विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन ये दोनों ही एंडी फ्लावर के इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को पार करने में नाकाम रहे। एमएस धोनी ने साल 2013 में चेन्नई के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए 224 रनों की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने इसके लिए 265 गेंदों का सामना किया था और अपनी इस पारी में 24 चौके तथा 6 छक्के जड़े थे। इस मैच में उनका स्ट्राइक रेट 84.52 का रहा था और इस बेहतरीन पारी के दम पर धोनी इस ऑल-टाइम लिस्ट में तीसरे स्थान पर काबिज हैं।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के खूंखार विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने साल 2002 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में नाबाद 204 रनों की पारी खेली थी। गिलक्रिस्ट ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 213 गेंदों में ही यह दोहरा शतक पूरा कर लिया था। उन्होंने अपनी इस पारी में 19 चौके और 8 छक्के लगाए थे, जिससे उनका स्ट्राइक रेट 95.77 का रहा था। हालांकि इतनी तेज और प्रभावी पारी खेलने के बावजूद एडम गिलक्रिस्ट इस लिस्ट में आठवें पायदान पर आते हैं।
महज तीन रन से इतिहास रचने से चूके संगाकारा
इस रिकॉर्ड बुक में श्रीलंका के महान विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगाकारा दूसरे नंबर पर मजबूती से काबिज हैं। उन्होंने साल 2002 में पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर के मैदान पर खेलते हुए 230 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। संगाकारा अगर उस मैच में तीन रन और बनाने में सफल हो जाते, तो एंडी फ्लावर का यह महान वर्ल्ड रिकॉर्ड टूट जाता और उनके नाम यह उपलब्धि दर्ज हो जाती। संगाकारा ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान 327 गेंदों का सामना किया था और मैदान के चारों ओर 33 चौके तथा 3 छक्के जड़े थे। उन्होंने कुल 480 मिनट तक क्रीज पर समय बिताकर अपनी तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय दिया था।
इस विशिष्ट सूची में बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने भी अपनी खास जगह बनाई है। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मीरपुर टेस्ट मैच में धैर्य का परिचय देते हुए नाबाद 219 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। मुशफिकुर ने इस दौरान 421 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 18 चौके और 1 छक्का लगाया। उनकी यह लंबी पारी 589 मिनट तक चली थी और उनका स्ट्राइक रेट 52.01 का रहा था।
दो दशक से ज्यादा समय से कायम है दबदबा
एंडी फ्लावर ने साल 2000 में यह रिकॉर्ड पारी खेली थी और तब से लेकर अब तक टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज आए और गए। कई खिलाड़ियों ने बड़ी और यादगार पारियां खेलीं, लेकिन कोई भी बल्लेबाज 232 रन के इस आंकड़े को पार करने में सफल नहीं हो सका। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस लिस्ट में एमएस धोनी और एडम गिलक्रिस्ट जैसे तेज तर्रार और आक्रामक बल्लेबाजों के साथ-साथ कुमार संगाकारा और मुशफिकुर रहीम जैसे बेहद तकनीकी रूप से मजबूत खिलाड़ी भी शामिल हैं। इन तमाम दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद एंडी फ्लावर की नाबाद 232 रन की यह ऐतिहासिक पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट में किसी विकेटकीपर द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनी हुई है।



















