मानव शरीर के वे नाजुक हिस्से जो एक बार खराब हो जाएं तो फिर कभी नहीं उबर पातेबेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना और पवन हंस को सौंपे स्वदेशी विमान और हेलीकॉप्टरबाहरी दबाव से मलेशियाई रिंगित को राहत, लेकिन अमेरिकी बॉन्ड उपज अब भी जोखिमतेज़ी के संकेतों के बीच बिटकॉइन $80,000 पार करा और सोना एक सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचाकेरल लॉटरी: सुवर्ण केरलम SK 70 का पहला इनाम एक करोड़, ड्रॉ दोपहर तीन बजेपाकिस्तानी स्कॉलरशिप के नाम पर बांग्लादेशी छात्रों के साथ धोखा, ऑफर लेटर से कई लाभ गायबसीएफटीसी के प्रस्तावित नियम के बीच बिटकॉइन $81,197 पर, क्रिप्टो बाज़ार में तेज़ीलाइटकॉइन की $60.00 चाल को औसतों का मिल रहा है सहारा, मोमेंटम पर बनी चुनौतीसनातन संस्कृति में क्यों खास है कुशा घास, पूजा और अनुष्ठानों में क्यों पहनी जाती है पवित्रीबैंक ऑफ इंग्लैंड के दरें अपरिवर्तित रखने वाले हाकिश फैसले के बाद 1.3480 से पहले GBP/USD में तेजी की गुंजाइश सीमित, स्कोटियाबैंक का मंतव्य
बेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना और पवन हंस को सौंपे स्वदेशी विमान और हेलीकॉप्टरनेता जी
19 सित॰ 2026, 3:50 am (23 मिनट पहले)· 1

बेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना और पवन हंस को सौंपे स्वदेशी विमान और हेलीकॉप्टर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में आयोजित एक समारोह में भारतीय वायुसेना को एलसीए तेजस एफओसी ट्रेनर और एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपे। इसके साथ ही पवन हंस लिमिटेड को ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी भी दी गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में एक विशेष समारोह के दौरान देश के रक्षा क्षेत्र में एक अहम पड़ाव को पूरा करते हुए कई स्वदेशी विमान और हेलीकॉप्टर आधिकारिक रूप से सौंपे। इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना को एलसीए तेजस एफओसी ट्विन सीटर ट्रेनर विमान और एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान प्राप्त हुए, जिन्हें 'अंकुर' नाम दिया गया है। इसके अलावा, पवन हंस लिमिटेड के बेड़े को मजबूत करने के लिए ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टरों की चाबियां भी सौंपी गईं। इस सामूहिक सौदे से भारत के रक्षा विनिर्माण और एयरोस्पेस इकोसिस्टम को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता का प्रदर्शन

बेंगलुरु में आयोजित इस हैंगर कार्यक्रम ने एक बार फिर घरेलू रक्षा उत्पादन की ताकत को दुनिया के सामने उजागर किया है। रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए ये सभी रक्षा प्लेटफॉर्म पूरी तरह से देश की तकनीकी क्षमता का प्रतीक हैं। एक ही मंच से तीन अलग-अलग श्रेणियों के विमानों और हेलीकॉप्टरों की सुपुर्दगी से यह साबित होता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब अपनी डिजाइन और विनिर्माण जरूरतों को स्वदेशी स्तर पर पूरा करने में सक्षम हो रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में भारतीय वायुसेना की तकनीकी विशिष्टताओं और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अनुसंधान को प्रमुखता दी गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विचार

इस महत्वपूर्ण अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के भीतर ही विश्व स्तर के विमान और रक्षा उपकरण तैयार करने की अद्भुत प्रतिभा और तकनीक मौजूद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का दिन भारत के रक्षा इतिहास में एक मील का पत्थर है, जो भविष्य के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते को और अधिक मजबूत करता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिभाओं की सराहना की और इसे मेक इन इंडिया के तहत एक बड़ी सफलता करार दिया।

भविष्य की रक्षा तैयारियां और आत्मनिर्भरता

यह पूरा घटनाक्रम देश को रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने घरेलू रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसके तहत एचएएल जैसी संस्थाओं को अत्याधुनिक विमानों और हेलीकॉप्टरों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे आयोजनों से न केवल सेना की परिचालन क्षमता बढ़ती है, बल्कि देश के भीतर एक मजबूत एयरोस्पेस सप्लाई चेन और तकनीकी इकोसिस्टम भी विकसित होता है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस आयोजन को लेकर आम लोगों की ओर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कई लोगों ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की, वहीं कुछ नागरिकों ने परियोजनाओं में देरी और विनिर्माण से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं।

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सवाल-जवाब

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कौन से विमान और हेलीकॉप्टर सौंपे?
उन्होंने एलसीए तेजस एफओसी ट्रेनर और एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान वायुसेना को तथा ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर पवन हंस को सौंपे।
यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था?
यह विमान सुपुर्दगी समारोह कर्नाटक के बेंगलुरु शहर में आयोजित किया गया था।
एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान को क्या नाम दिया गया है?
एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान को 'अंकुर' नाम दिया गया है।
ये विमान और हेलीकॉप्टर किस संगठन द्वारा तैयार किए गए हैं?
इन रक्षा प्लेटफार्मों को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है।
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