गुवाहाटी के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम के युवा खिलाड़ी नमन धीर ने अपने करियर के दूसरे ही अंतरराष्ट्रीय मैच में क्षेत्ररक्षण का असाधारण नमूना पेश किया। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले इस खिलाड़ी ने कवर पॉइंट पर शानदार डाइव लगाकर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज केसी कार्टी को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस सनसनीखेज फील्डिंग के दम पर भारतीय टीम ने मुकाबले में जोरदार वापसी की और विपक्षी टीम की मजबूत शुरुआत को थाम दिया।
वेस्टइंडीज की आक्रामक शुरुआत पर लगा अंकुश
मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने शुरुआती ओवरों में काफी सकारात्मक खेल दिखाया। नियमित बल्लेबाज जस्टिन ग्रीव्स की अनुपस्थिति में पारी की शुरुआत करने आए जॉन कैंपबेल और केसी कार्टी तेजी से रन जुटा रहे थे। दोनों बल्लेबाजों ने 4.5 ओवरों के खेल में बिना किसी नुकसान के 37 रन जोड़ लिए थे और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने में सफल दिख रहे थे। भारत को इस पनप रही खतरनाक ओपनिंग साझेदारी को समाप्त करने के लिए किसी जादुई प्रयास की जरूरत थी।
प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद और नमन धीर का असंभव प्रयास
पारी का पांचवां ओवर तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा फेंक रहे थे। ओवर की अंतिम गेंद पर सलामी बल्लेबाज केसी कार्टी ने आगे बढ़कर हवा में जोरदार ड्राइव लगाने का प्रयास किया। गेंद तेजी से कवर पॉइंट क्षेत्र की ओर निकली, जहां मुस्तैदी से खड़े नमन धीर ने अपनी बाईं ओर आगे की तरफ पूरी लंबाई में डाइव लगाई। उन्होंने जमीन से चंद इंच ऊपर दोनों हाथों से गेंद को थाम लिया, जिससे मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ी और दर्शक दंग रह गए।
अंपायर की समीक्षा के बाद मिला आउट का फैसला
कैच इतना नीचा और करीबी था कि मैदानी अंपायरों ने खेल रोककर तुरंत टीवी अंपायर की मदद मांगी। टीवी अंपायर ने कई अलग-अलग कैमरों के स्लो मोशन एंगल से गेंद और जमीन के संपर्क की बारीकी से जांच की। रीप्ले में स्पष्ट दिखा कि गेंद जमीन को छूने से पहले नमन की उंगलियों के बीच सुरक्षित आ चुकी थी। अंपायर ने केसी कार्टी को आउट करार दिया, जो 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसी के साथ वेस्टइंडीज को 37 के कुल स्कोर पर पहला बड़ा झटका लगा।

















