अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाने वाले ऑलराउंडर सिमी सिंह ने 39 वर्ष की उम्र में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। भारत के पंजाब में जन्मे इस खिलाड़ी ने आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। साल 2024 में जानलेवा बीमारी और लिवर ट्रांसप्लांट की मुश्किल चुनौती को पार करने के बाद उन्होंने अपने खेल सफर को यहीं विराम देने का फैसला किया है।
पंजाब से डबलिन तक का 11 साल का लंबा संघर्ष
सिमी सिंह का जन्म पंजाब में हुआ था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने के अपने बड़े सपने को पूरा करने के लिए वह साल 2006 में महज 19 वर्ष की उम्र में आयरलैंड चले गए थे। हालांकि उनके लिए यह राह बिल्कुल आसान नहीं रही और राष्ट्रीय टीम की कैप हासिल करने के लिए उन्हें करीब 11 वर्षों तक कड़ा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने निरंतर घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाया और अंततः साल 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ आयरलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद वह साल 2022 तक आयरिश टीम के एक अनिवार्य और मजबूत सदस्य बने रहे।
88 अंतरराष्ट्रीय मैच और नंबर 8 पर वर्ल्ड रिकॉर्ड शतक
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान सिमी सिंह ने आयरलैंड के लिए कुल 88 मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 35 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और 53 टी20 मुकाबले शामिल थे। दोनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 2000 से अधिक रन बनाए और गेंद से अपनी कला दिखाते हुए 83 विकेट चटकाए। एकदिवसीय क्रिकेट में उनकी किफायती गेंदबाजी बेहद असरदार साबित हुई, जहां उनका इकॉनमी रेट मात्र 3.99 का रहा।
उनके करियर का सबसे स्वर्णिम पल साल 2021 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले में देखने को मिला था। उस मैच में उन्होंने निचले क्रम पर आकर नाबाद शतकीय पारी खेली थी। इसके साथ ही वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक ठोकने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बने। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें 2021 में आईसीसी मेन्स ओडीआई टीम ऑफ द ईयर में भी चुना गया। वह 2022 टी20 विश्व कप में भी आयरलैंड दल का मुख्य हिस्सा थे, जहां श्रीलंका के विरुद्ध उन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेला।
गंभीर बीमारी, लिवर ट्रांसप्लांट और भावुक विदाई
साल 2024 में सिमी सिंह के जीवन में एक बेहद कठिन दौर आया जब वह अचानक गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। उनकी तबीयत इतनी नाजुक हो गई थी कि डॉक्टरों को आपात स्थिति में उनका लिवर ट्रांसप्लांट करना पड़ा। ट्रांसप्लांट के सफल रहने के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटे और अब उन्होंने क्रिकेट के मैदान से औपचारिक विदाई ले ली है।
संन्यास की घोषणा करते हुए सिमी सिंह ने अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह 19 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का सपना लेकर विदेश पहुंचे थे, और जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं तो यह पूरा सफर किसी खूबसूरत ख्वाब जैसा लगता है। उन्होंने आयरलैंड देश और उन सभी लोगों के प्रति गहरा आभार प्रकट किया जिन्होंने उनके पूरे सफर में उनका समर्थन किया, उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया और हर मोड़ पर सहायता की। सिमी ने विशेष तौर पर अपने परिवार का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्यार और निरंतर साथ के बिना यह असंभव सफर कभी पूरा नहीं हो सकता था।



















