ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज गेराल्ड कोएत्जी ने अपनी सटीक और तेज रफ्तार गेंदबाजी का जोरदार नमूना पेश किया। मैच के दौरान कोएत्जी ने एक ऐसी तीखी यॉर्कर डाली जिसने सीधे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कूपर कोनोली के स्टंप बिखेर दिए। गेंद की रफ्तार और सटीकता इतनी जबरदस्त थी कि बल्लेबाज को संभलने तक का मौका नहीं मिला और पलक झपकते ही गिल्लियां हवा में उड़ गईं। सोशल मीडिया पर इस शानदार गेंद का वीडियो क्रिकेट प्रशंसकों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
कूपर कोनोली की पारी का हुआ अंत
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कूपर कोनोली अच्छी लय में नजर आ रहे थे, लेकिन कोएत्जी की इस गेंद ने उनकी पारी पर विराम लगा दिया। कोनोली ने क्रीज पर 33 गेंदें खेलकर 23 रन जुटाए, जिसमें 2 चौके शामिल रहे। बोल्ड होने के बाद कुछ क्षणों तक बल्लेबाज खुद भी हैरान रह गए कि गेंद किस गति से उनके डिफेंस को चीरती हुई निकल गई।
गेराल्ड कोएत्जी की गेंदबाजी का प्रदर्शन
इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका की तरफ से गेंदबाजी करते हुए गेराल्ड कोएत्जी ने कुल 9 ओवर फेंके। इन 9 ओवरों में उन्होंने 61 रन खर्च किए और विपक्षी टीम के 2 अहम बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। कोएत्जी ने कूपर कोनोली को क्लीन बोल्ड करने के अलावा मध्यक्रम में उपयोगी दिख रहे मैट रेनशॉ का भी महत्वपूर्ण विकेट अपनी झोली में डाला।
ऑस्ट्रेलिया की पारी और शीर्ष क्रम की साझेदारी
टॉस गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया गया था। पारी की शुरुआत करने आए मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड ने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों का डटकर सामना किया और पहले विकेट के लिए 78 रनों की मजबूत साझेदारी बनाई। ट्रेविस हेड ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए 20 गेंदों में 24 रन बनाए। वहीं कप्तान मिचेल मार्श ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 54 रनों का अहम योगदान दिया।
मध्यक्रम का योगदान और स्कोरबोर्ड
शुरुआती दो झटकों के बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी को संभालने का जिम्मा ओलिवर पीक और एलेक्स कैरी ने उठाया। ओलिवर पीक ने धैर्य दिखाते हुए 53 गेंदों पर 48 रनों की उपयोगी पारी खेली। दूसरी तरफ एलेक्स कैरी ने टीम के लिए सबसे बड़ा स्कोर बनाया और 88 गेंदों का सामना करते हुए 74 रन ठोके। इसके अलावा निचले मध्यक्रम में मैट रेनशॉ ने 30 रन और कैमरून ग्रीन ने 23 रन जोड़े, जिसके दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम निर्धारित ओवरों में 322 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

















