गुवाहाटी के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने बल्लेबाजों के अविश्वसनीय पराक्रम के दम पर 50 ओवर के प्रारूप का एक नया अध्याय लिख दिया. दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम ने पहले खेलते हुए 405 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया था. इस पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा पलटवार किया कि मैच 43.3 ओवर में ही भारत की झोली में आ गिरा. इस धमाकेदार जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त अपने नाम कर ली है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई पुराने रिकॉर्ड्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया.
भारतीय धरती पर पहली बार हुआ 400 से अधिक रनों का सफल चेज
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर है जब भारत ने 400 से अधिक रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पार किया है. इससे पहले भारतीय टीम का सबसे बड़ा सफल रन चेज 362 रनों का था, जिसे टीम ने साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में पूरा किया था. अब 406 रनों के लक्ष्य को हासिल कर भारतीय टीम ने अपने ही उस ग्यारह साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. विश्व क्रिकेट के पूरे इतिहास में भी 400 से अधिक रन का पीछा कर मुकाबला जीतने का यह केवल दूसरा ही मामला है. इससे पहले केवल दक्षिण अफ्रीका की टीम ने साल 2006 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 435 रनों के लक्ष्य को हासिल कर जीत दर्ज की थी.
शुभमन गिल का तूफानी दोहरा शतक और ग्लेन मैक्सवेल का रिकॉर्ड ध्वस्त
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने इस मुकाबले में ऐतिहासिक पारी खेलते हुए अपने वनडे करियर की दूसरी डबल सेंचुरी बनाई. अपनी पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हावी रहे गिल ने पहले 62 गेंदों में अपने वनडे सफर का 11वां शतक पूरा किया. शतक के बाद उन्होंने अपनी गति और बढ़ाई और महज 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया. इस पारी के साथ गिल ने भारतीय दिग्गज रोहित शर्मा के बाद वनडे इतिहास में एक से ज्यादा दोहरे शतक जड़ने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया.
गिल की यह पारी लक्ष्य का पीछा करने के लिहाज से विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई है. गिल मुकाबले के अंत तक क्रीज पर डटे रहे और 223 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे. इस तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल के उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया, जो उन्होंने 2023 के वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 201 रन बनाकर रचा था. गिल का यह नाबाद 223 रन अब वनडे चेज की सर्वकालिक सबसे बड़ी पारी है.
रोहित शर्मा का शतक और 12000 वनडे रनों का विशेष मील का पत्थर
इस मुकाबले में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने भी जबर्दस्त खेल दिखाया और 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली. इस पारी के दौरान रोहित शर्मा ने एकदिवसीय क्रिकेट में अपने 12000 रन भी पूरे कर लिए. वह भारत के लिए वनडे प्रारूप में 12000 रन के आंकड़े तक पहुंचने वाले केवल तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं. रोहित से पहले केवल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ही भारत के लिए इस जादुई आंकड़े को पार करने में सफल रहे थे.
वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा वनडे स्कोर और एक पारी में तीन शतक
भले ही वेस्टइंडीज की टीम को इस मुकाबले में पराजय का सामना करना पड़ा हो, लेकिन उनकी पारी भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई. वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन बनाए, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में उनका अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर है. इससे पहले वेस्टइंडीज का सर्वोच्च स्कोर इंग्लैंड के खिलाफ बनाया गया 389 रन था. इसके साथ ही कैरेबियाई टीम के तीन बल्लेबाजों ने एक ही पारी में शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड भी कायम किया. वेस्टइंडीज की तरफ से जॉन कैंपबेल, शाई होप और आमिर जंगू ने शतकीय पारियां खेलीं. वेस्टइंडीज के वनडे इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब एक ही मैच में उसके तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े हों.
एक मैच में 811 रन और 5 शतकों का दुर्लभ कारनामा
गुवाहाटी के मैदान पर दोनों पारियों को मिलाकर गेंदबाजों की जमकर कुटाई हुई और कुल 811 रन बने. यह वनडे इतिहास में केवल दूसरा मौका है जब किसी एक मुकाबले में 800 या उससे अधिक रन बने हों. इससे पहले वनडे में सबसे ज्यादा रनों का रिकॉर्ड साल 2006 में वांडरर्स के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के मैच में बना था, जहां कुल 872 रन बने थे. इसके अलावा भारतीय धरती पर खेले गए किसी भी वनडे मैच में 800 से ज्यादा रन बनने का यह पहला मामला है. इस मुकाबले में कुल 5 शतक भी देखने को मिले, जिसने इस मैच को आधुनिक वनडे क्रिकेट के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया.



















