पहाड़ी राज्य में मौसमी चक्र तेजी से बदल रहा है, जिसके चलते पर्वतीय चोटियों से लेकर तराई के मैदानों तक सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, 1 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ सीमित इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। राज्य के बाकी हिस्सों में पूरे दिन मौसम शुष्क बना रहेगा। प्रशासन या मौसम वैज्ञानिकों की ओर से किसी तरह का गंभीर अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादलों और हवाओं की इस आवाजाही से तापमान में नरमी का दौर लगातार बना हुआ है।
तराई और मैदानी जनपदों में सुबह के वक्त उथले से मध्यम दर्जे का कोहरा और धुंध छाने के संकेत मिले हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो कई छिटपुट इलाकों में हल्की फुहारें, बादलों की गड़गड़ाहट और तेज झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं। मॉनसून का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के बावजूद इस नमी और हवा के संगम ने वातावरण में गुलाबी ठंड के असर को और गहरा कर दिया है।
उत्तरकाशी में तेज आंधी और बारिश ने बागवानों व किसानों की बढ़ाई फिक्र
सीमांत जनपद उत्तरकाशी में 30 सितंबर की शाम अचानक आसमान में काले बादलों का जमावड़ा शुरू हुआ और देखते ही देखते तेज झोंकेदार हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। इस अकस्मात बारिश और सर्द हवाओं के बहने से घाटी के ग्रामीण और शहरी इलाकों में कंपकंपी बढ़ गई है। बिना मौसम हुई इस तेज बरसात का सीधा असर काश्तकारों और बागवानों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहा है। वर्तमान समय में खेतों के भीतर खरीफ की फसलें पूरी तरह पक चुकी हैं और किसान कटाई की तैयारियों में जुटे हैं। तेज आंधी और पानी के थपेड़ों से तैयार फसलों के जमीन पर बिछने और सड़ने की आशंका खड़ी हो गई है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के यात्रा मार्गों पर हल्की बौछारों का अनुमान
चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल रुद्रप्रयाग और चमोली के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ पिथौरागढ़ और बागेश्वर की ऊंची पहाड़ियों पर आज छिटपुट हल्की फुहारें गिरने और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उच्च हिमालयी जनपदों में इक्का-दुक्का स्थानों पर बौछारें पड़ने से दिन के अधिकतम तापमान में थोड़ी कमी दर्ज होगी, लेकिन किसी भी क्षेत्र में मूसलाधार या भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य और सुचारू रहने की उम्मीद है। हालांकि, सुबह और शाम के समय पहाड़ियों में ठंडक बढ़ जाने के कारण बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को गर्म ऊनी कपड़े साथ रखने की हिदायत दी गई है।
देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में सुबह धुंध, दोपहर में खिली धूप
राजधानी देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर समेत मैदानी क्षेत्रों में 1 अक्टूबर को दिनभर मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। दोपहर के समय अच्छी धूप खिली रहने से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन सुबह के शुरुआती घंटों में छिछला और मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। सुबह के कोहरे से वातावरण में नमी का स्तर बढ़ेगा और रात के न्यूनतम पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। मैदानी जिलों में आने वाले कुछ दिनों तक सुबह की ठंडक और दिन की धूप के बीच मौसम पूरी तरह सामान्य बने रहने का अनुमान है।
2 से 4 अक्टूबर तक साफ रहेगा आसमान, 5 अक्टूबर से फिर सक्रिय होंगे बादल
मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 2, 3 और 4 अक्टूबर को पूरे राज्य के सभी 13 जिलों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय परिस्थितियों के चलते मौसमी मिजाज में दोबारा फेरबदल देखने को मिलेगा। इन दो दिनों में पर्वतीय जनपदों के कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम लगातार शुष्क बना रहेगा। विभाग ने आगामी दिनों के लिए किसी भी तरह की आपदा चेतावनी जारी नहीं की है।



















