द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला का समापन मुकाबला हैमिलटन के मैदान पर आयोजित होने जा रहा है, जिसमें भारतीय दल और मेजबान न्यूजीलैंड अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। श्रृंखला के इस पांचवें मैच में दोनों ही खेमों की नजर जीत दर्ज करते हुए अभियान को सकारात्मक मोड़ पर खत्म करने पर टिकी है। मैदान पर केवल दो टीमों की टक्कर नहीं होगी, बल्कि चुनिंदा बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच के दिलचस्प व्यक्तिगत आंकड़े भी इस मैच की दिशा तय करेंगे। एक तरफ भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक रुख रहेगा, तो दूसरी तरफ कीवी आक्रमण अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मेहमान टीम की लय को तोड़ने की ताक में रहेगा।
श्रेयस अय्यर के सामने मिचेल सेंटनर की फिरकी का इम्तिहान
मध्यक्रम के खेल में सबसे ज्यादा नजरें श्रेयस अय्यर और न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर की भिड़ंत पर रहने वाली हैं। सेंटनर की बाईं हाथ की धीमी गेंदबाजी टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में भारतीय बल्लेबाजों के लिए लंबे समय से एक पहेली साबित होती रही है। आंकड़ों के आईने में देखें तो अय्यर ने सेंटनर के खिलाफ अब तक 54 गेंदें खेली हैं, जिनमें उनके बल्ले से 56 रन निकले हैं। हालांकि इसी दौरान सेंटनर ने अय्यर को 3 बार आउट करके पवेलियन की राह भी दिखाई है।
सेंटनर बीच के ओवरों में अपनी लाइन और लेंथ पर गजब का नियंत्रण रखते हैं और गति में लगातार बदलाव करके बल्लेबाजों को खुलकर हाथ खोलने का अवसर नहीं देते। अय्यर आमतौर पर स्पिनरों के विरुद्ध तेजी से प्रहार करने के लिए पहचाने जाते हैं। हैमिलटन के इस मुकाबले में अय्यर को सिर्फ डिफेंसिव रहने के बजाय सेंटनर की सटीक गेंदबाजी के सामने रन जुटाने की नई रणनीति अपनानी होगी ताकि विपक्षी कप्तान की योजना पर पानी फेरा जा सके।
अभिषेक शर्मा और मैथ्यू फिशर के बीच शुरुआती ओवरों की जंग
पारी की शुरुआत में युवा भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा के सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर की कठिन परीक्षा होगी। अभिषेक इस पूरी श्रृंखला में शुरू से ही बेहद हमलावर बल्लेबाजी शैली अपनाते रहे हैं और विरोधी गेंदबाजों पर हावी होने का उनका तरीका साफ नजर आया है।
अगर दोनों के आमने-सामने के पिछले आंकड़ों को टटोला जाए तो अभिषेक ने फिशर की मात्र 7 गेंदों पर 25 रन बटोर लिए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 357.14 का दर्ज हुआ है, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की गवाही देता है। लेकिन फिशर के पक्ष में भी एक सकारात्मक पहलू यह है कि वह अभिषेक को एक बार अपना शिकार बना चुके हैं। फिशर भली-भांति जानते हैं कि भारतीय सलामी बल्लेबाज को उनकी सामान्य गति पर प्रहार करना बेहद पसंद है, इसलिए वह लाइन और लेंथ में विविधता लाकर अभिषेक को नियंत्रण में रखने का प्रयास करेंगे। भारत के दृष्टिकोण से देखा जाए तो पहले ओवर से ही मैच पर दबदबा कायम करने का अभिषेक का कौशल टीम के लिए एक बड़ा फायदा साबित होता है।
तिलक वर्मा की ऑफ स्पिनर माइकल ब्रेसवेल के खिलाफ चुनौती
पारी के मध्य चरण में भारतीय बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और न्यूजीलैंड के ऑफ स्पिनर माइकल ब्रेसवेल के बीच का मुकाबला भी काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब तक के रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि तिलक को ब्रेसवेल के खिलाफ सहज होकर रन बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
तिलक ने इस कीवी ऑफ स्पिनर की 8 गेंदों का सामना करते हुए महज 6 रन जोड़े हैं और इस संक्षिप्त भिड़ंत में वह 1 बार अपना विकेट भी गंवा बैठे हैं। ब्रेसवेल अपनी गेंदों की गति में चतुराई भरा मिश्रण करते हैं और हवा में गेंद को धीमा रखने की क्षमता रखते हैं, जिससे तिलक के लिए स्ट्राइक रोटेट करना और बड़े शॉट्स खेलना जटिल हो जाता है। कीवी टीम की रणनीति साफ होगी कि तिलक को डॉट गेंदें खेलने पर मजबूर किया जाए ताकि रन गति धीमी पड़ सके। इसके विपरीत, तिलक इस मैच में अपने इस पुराने आंकड़े को पीछे छोड़ने के इरादे से उतरेंगे। स्पिनरों के खिलाफ सिंगल चुराना और मौका मिलते ही गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाना भारतीय पारी के संतुलन के लिए बेहद जरूरी रहेगा।
ग्लेन फिलिप्स और अर्शदीप सिंह की आमने-सामने की टक्कर
मुकाबले का एक और सबसे रोचक पहलू न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स और भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बीच की भिड़ंत होगी। फिलिप्स टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अर्शदीप की तेज गेंदों पर खुलकर रन बनाने में काफी हद तक सफल रहे हैं।
फिलिप्स ने अर्शदीप की 41 गेंदों का सामना करते हुए 156.09 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट की मदद से 64 रन जोड़े हैं। इन प्रभावी आंकड़ों के बावजूद अर्शदीप भी फिलिप्स को एक बार आउट करने में कामयाब रहे हैं। इस वजह से जब भी यह दोनों खिलाड़ी पिच पर आमने-सामने होंगे, भारतीय खेमे के पास बड़ा विकेट निकालने की उम्मीद हमेशा जीवंत रहेगी। अर्शदीप कोण और गति में बदलाव करके फिलिप्स को उनके मनपसंद क्षेत्रों में शॉट खेलने से रोकने की रणनीति अपना सकते हैं। दूसरी ओर, फिलिप्स तेज गेंदबाजों के खिलाफ क्रीज पर कुछ समय बिताने के बाद अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मुकाबले का पासा पलटने की पूरी काबिलियत रखते हैं।



















