हैदराबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में 14 अक्टूबर को खेले गए पांच मुकाबलों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के चौथे मैच में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के हाथों पराजय झेलनी पड़ी। मुकाबले में टॉस जीतकर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने निर्धारित 20 ओवरों में 247 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.3 ओवरों में 223 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मैच समाप्त होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी की कमजोरियों को हार का एक प्रमुख कारण माना, जबकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे संजू सैमसन ने टीम के गेंदबाजों और युवा बल्लेबाजों का खुलकर बचाव किया।
गेंदबाजों के अनुभव और जसप्रीत बुमराह के प्रभाव पर संजू सैमसन का पक्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों द्वारा महंगे साबित हुए गेंदबाजी आक्रमण को लेकर पूछे गए प्रश्नों पर संजू सैमसन ने संतुलित दृष्टिकोण रखा। सैमसन ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि जसप्रीत बुमराह की जगह कोई अन्य गेंदबाज नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि बुमराह जैसे गेंदबाज बेहद दुर्लभ होते हैं और भारतीय टीम भाग्यशाली है कि उसके पास उनके जैसा विश्वस्तरीय गेंदबाज उपलब्ध है। इसके साथ ही उन्होंने उभरते हुए तेज गेंदबाजों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि टीम के पास कुछ उत्कृष्ट युवा गेंदबाज मौजूद हैं।
संजू सैमसन ने उदाहरण देते हुए रेखांकित किया कि अर्शदीप सिंह लगातार बेहतरीन प्रदर्शन प्रस्तुत कर रहे हैं, वहीं हालिया मुकाबलों में प्रिंस यादव की गेंदबाजी ने भी सभी को प्रभावित किया है। सैमसन के अनुसार, इन युवा गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जितने अधिक मैच खेलने का अवसर दिया जाएगा, उनका खेल उतना ही निखरता जाएगा और वे लगातार अधिक प्रभावी बनते जाएंगे। उनका मानना था कि अनुभव के साथ ही गेंदबाज दबाव के पलों में बेहतर नियंत्रण हासिल करते हैं।
शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का समर्थन और मैच का निर्णायक मोड़
लक्ष्य का पीछा करने के दौरान टीम के दो प्रमुख आक्रामक बल्लेबाजों अभिषेक शर्मा और ईशान किशन का बल्ला उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सका। इस विफलता पर संजू सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का दृढ़ता से बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों ही वर्तमान समय के श्रेष्ठ बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। सैमसन का कहना था कि केवल एक मैच के खराब प्रदर्शन के आधार पर उनकी वास्तविक क्षमता का आकलन करना या उन्हें कम आंकना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
स्वयं संजू सैमसन ने मुकाबले में संघर्ष जारी रखते हुए शानदार अर्धशतकीय पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने 56 रन बनाए। मुकाबले के रुख पर चर्चा करते हुए सैमसन ने मैच के टर्निंग प्वाइंट की पहचान भी की। उन्होंने कहा कि तिलक वर्मा का विकेट गिरना मैच का सबसे निर्णायक मोड़ साबित हुआ, क्योंकि उस समय तिलक बेहद सधी हुई और अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और उनके आउट होने से लक्ष्य की ओर बढ़ रही टीम की गति अचानक बाधित हो गई।


















